Follow तो बहुतों को किया जाता है,
लेकिन जब कोई दिल से जुड़े,
तो वो follower नहीं,
परिवार बन जाता है...❤️
आज " Mr Thoughts" " Feelings of Heart " Your Thoughts " Deep feelings " ये दिल मांगे मोर " ज़िंदगी संघर्ष है "
हर पेज पर हज़ारों नहीं, लाखों दिलों का साथ है।
मैं मंदीप राजभर
उन सबका शुक्रिया करता हूँ जो मेरे शब्दों में खुद को ढूंढते हैं,
जो हर पोस्ट में अपनी कहानी महसूस करते हैं।
आपने सिर्फ सपोर्ट नहीं किया,
मेरे जज़्बातों को पहचान दी है।
मेरी कलम अब अकेली नहीं लिखती,
हर लाइन में आप साथ होते हैं।
हर फॉलो = एक रिश्ता
हर लाइक = एक विश्वास
हर कमेंट = एक जुड़ाव
हर शेयर = एक एहसास
आप सभी का दिल से धन्यवाद और नमन 🫶🙏
मैं शायरी नहीं, दिल के जज्बात लिखता हूं, लाखों लोग पढ़ते हैं, लोगों को लगता है, में उनकी बात लिखता हूं..! मंदीप राजभर✍️
आप सभी ज्यादा से ज्यादा जुड़े धन्यवाद ❤️🙏
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#MandeepRajBhar #MrThoughts #feelingsofHeart #yourthoughts
कभी-कभी समझ नहीं आता ये धुरू राठी BJP का धुरंधर तो नहीं।😃
ऑपोजिशन के लिए गॉड टियर का पनौती है। इसने क्लेम किया कि बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, बंगाल हर जगह BJP हारने वाली। लेकिन हर जगह जीत गई।
और इतना ही नहीं ममता दीदी को फुल सपोर्ट दिया तो उनका करियर ही खत्म हो गया। इसने वीडियो डालकर कहा कि धुरंधर मूवी खत्म कर देंगे लेकिन ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर हो गई।
इसने जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने गया, तो जंतर-मंतर बैन ही हो गया।
भाई आप से एक बार निवेदन है कि एक बार बोल दो कि— UP में BJP बुरी तरीके से हारने वाली। कसम से मजा आ जाएगा।😃
कभी-कभी समझ नहीं आता ये धुरू राठी BJP का धुरंधर तो नहीं।😃
ऑपोजिशन के लिए गॉड टियर का पनौती है। इसने क्लेम किया कि बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, बंगाल हर जगह BJP हारने वाली। लेकिन हर जगह जीत गई।
और इतना ही नहीं ममता दीदी को फुल सपोर्ट दिया तो उनका करियर ही खत्म हो गया। इसने वीडियो डालकर कहा कि धुरंधर मूवी खत्म कर देंगे लेकिन ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर हो गई।
इसने जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने गया, तो जंतर-मंतर बैन ही हो गया।
भाई आप से एक बार निवेदन है कि एक बार बोल दो कि— UP में BJP बुरी तरीके से हारने वाली। कसम से मजा आ जाएगा।😃
मध्य प्रदेश के दमोह में मुस्लिम व्यापारियों के साथ बर्बरता।
दमोह से भैंसे खरीदकर सागर पशु मंडी जा रहे 3 मुस्लिम व्यापारियों को कथित बजरंग दल ने हाईवे पर रोका, फिर उनसे रंगदारी मांगी, नहीं देने पर सभी को रस्सियों से बांधकर बहुत ही बेरहमी से पीटा, राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद व्यापारियों को छुड़ाया, सभी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अब अस्पताल में भी इनके साथ बर्बरता हो रही है, ना हीं इलाज किया जा रहा है और ना ही बेड दिया जा रहा है।
इंडिया पीछे क्यों है? इसका जवाब इस पोस्ट में मिल जाएगा।
ये हैं अनागा राजेश जिसने 5 करोड़ रुपये लगाकर बैंगलोर में एक बायोकंप्यूट नाम की लैब शुरू की थी। इस लड़की ने ऐसी टेक्नोलॉजी बनाई जिसमें DNA में डेटा स्टोर किया जा सकता है।
आजकल इंटरनेट पर इतना डेटा है कि फोटो, वीडियो है कि बड़े-बड़े डेटा सेंटर्स की जरूरत पड़ती है। लेकिन अनागा की टेक्नोलॉजी से 1gm DNA में 21 करोड़ GB से ज्यादा डेटा स्टोर हो सकता है। मतलब 20 लाख से ज्यादा 4K HD मूवी 1 ग्राम DNA में।
लेकिन दुख की बात ये है कि जब वो अपनी आइडिया लेकर इन्वेस्टर्स के पास गई तो साफ मना कर दिया गया। क्योंकि इंडिया के इन्वेस्टर्स को चाहिए इंस्टेंट रिटर्न्स जो कि बायोकंप्यूट में नहीं दिख रहा था।
सरकार का सपोर्ट भी नहीं मिला। अनागा को समझ आ गया कि अच्छे टैलेंट से ज्यादा important होता है अच्छा इकोसिस्टम।
अनागा राजेश ने टाइम रहते लैब को कबाड़ के भाव बेचकर अमेरिका चली गई। वहां जाते ही इन्वेस्टर्स की लाइन लग गई।
अब समझ गए क्यों इंडिया आज तक गूगल, मेटा जैसी ग्लोबल कंपनी नहीं बना पाया! 🙏
इंडिया पीछे क्यों है? इसका जवाब इस पोस्ट में मिल जाएगा।
ये हैं अनागा राजेश जिसने 5 करोड़ रुपये लगाकर बैंगलोर में एक बायोकंप्यूट नाम की लैब शुरू की थी। इस लड़की ने ऐसी टेक्नोलॉजी बनाई जिसमें DNA में डेटा स्टोर किया जा सकता है।
आजकल इंटरनेट पर इतना डेटा है कि फोटो, वीडियो है कि बड़े-बड़े डेटा सेंटर्स की जरूरत पड़ती है। लेकिन अनागा की टेक्नोलॉजी से 1gm DNA में 21 करोड़ GB से ज्यादा डेटा स्टोर हो सकता है। मतलब 20 लाख से ज्यादा 4K HD मूवी 1 ग्राम DNA में।
लेकिन दुख की बात ये है कि जब वो अपनी आइडिया लेकर इन्वेस्टर्स के पास गई तो साफ मना कर दिया गया। क्योंकि इंडिया के इन्वेस्टर्स को चाहिए इंस्टेंट रिटर्न्स जो कि बायोकंप्यूट में नहीं दिख रहा था।
सरकार का सपोर्ट भी नहीं मिला। अनागा को समझ आ गया कि अच्छे टैलेंट से ज्यादा important होता है अच्छा इकोसिस्टम।
अनागा राजेश ने टाइम रहते लैब को कबाड़ के भाव बेचकर अमेरिका चली गई। वहां जाते ही इन्वेस्टर्स की लाइन लग गई।
अब समझ गए क्यों इंडिया आज तक गूगल, मेटा जैसी ग्लोबल कंपनी नहीं बना पाया! 🙏
भाई साहब, आज अनंत अंबानी ने अपने पापा मुकेश अंबानी को रुला दिया। Jio IPO की लिस्टिंग थी। स्पीच देते वक्त अनंत इतना ग्राउंडेड था कि देखकर हैरानी हुई।
पैसे वाले लोग अक्सर ऐटिट्यूड में आ जाते हैं, लेकिन ये लोग नहीं। स्पीच की शुरुआत ही “जय श्री कृष्ण” से की। हिंदी में बोला, अंग्रेजी में नहीं। भारत माता को लिविंग गॉडेस कहा। बिजनेस को प्रसाद की तरह बताया — सबमें बराबर बांटना चाहिए।
कोविड का समय याद आ गया। जब सब घर पर थे और सिर्फ Jio का नेट चल रहा था। एक मां ने वीडियो कॉल पर बेटे की सब्जी देखकर बताया कि अभी कितनी देर लगेगी। ये छोटी-छोटी बातें अनंत ने कही।
भाई, इतने पैसे के बावजूद रूट्स नहीं भूले। फैमिली वैल्यूज और संस्कृति को याद रखा। शायद इसी वजह से ये लोग इतने बड़े बने हैं। सलाम है।
रात के 1 बजे एक डिलीवरी बॉय साइकल पर खाना डिलीवर कर रहा था। लेकिन जब उसके पेट पर देखा तो हैरान रह गए।
रास्ते में एक कार ड्राइवर ने रोककर पूछा —भाई इतनी रात को इस मासूम बच्ची को साथ क्यों लेकर घूम रहे हो.?
डिलीवरी बॉय ने मुस्कुराकर कहा कि— साहब ये मेरी बेटी है। इसकी मां इसे जन्म देते ही दुनिया से चली गई और इसको घर पर अकेला छोड़ नहीं सकता।
अगर में काम पर नहीं निकलूंगा तो इसका पेट कैसे भरूंगा.? ये सुनकर ड्राइवर की आंखें नम हो गईं।
सच में एक पिता अपनी बेटी के लिए पूरी दुनिया से लड़ सकता है। एक पिता ही है जो खुद टूटकर अपनी औलाद को संवार देता है। 🙏
रात के 1 बजे एक डिलीवरी बॉय साइकल पर खाना डिलीवर कर रहा था। लेकिन जब उसके पेट पर देखा तो हैरान रह गए।
रास्ते में एक कार ड्राइवर ने रोककर पूछा —भाई इतनी रात को इस मासूम बच्ची को साथ क्यों लेकर घूम रहे हो.?
डिलीवरी बॉय ने मुस्कुराकर कहा कि— साहब ये मेरी बेटी है। इसकी मां इसे जन्म देते ही दुनिया से चली गई और इसको घर पर अकेला छोड़ नहीं सकता।
अगर में काम पर नहीं निकलूंगा तो इसका पेट कैसे भरूंगा.? ये सुनकर ड्राइवर की आंखें नम हो गईं।
सच में एक पिता अपनी बेटी के लिए पूरी दुनिया से लड़ सकता है। एक पिता ही है जो खुद टूटकर अपनी औलाद को संवार देता है। 🙏
भाई साहब केरल में टीचर सड़क पर उतर आए हैं। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं।
2024 में LPS और UPS टीचर का टेस्ट हुआ। करीब 2 लाख लोग दिए थे। 2025 में रिजल्ट आया और 11,700 लोगों का नाम भर्ती लिस्ट में आया। लेकिन आज तक सिर्फ 500 को ही अपॉइंटमेंट लेटर मिला।
बाकी के लोग सड़क पर सर मुंडवा के प्रदर्शन कर रहे हैं। टीचर कह रहे हैं कि सरकार में बैठे कुछ लोग अपने खासों को भर्ती करवाने में लगे हैं।
मजे की बात ये है कि जो लोग BJP राज्यों में अन्याय का रोना रोते हैं, ओ लोग केरल में उनके मुंह पर ताला लग गया है। ना तिलचट्टा बोल रहा है, ना नेहा bora ना ही कांग्रेस।
भाई साहब केरल में टीचर सड़क पर उतर आए हैं। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं।
2024 में LPS और UPS टीचर का टेस्ट हुआ। करीब 2 लाख लोग दिए थे। 2025 में रिजल्ट आया और 11,700 लोगों का नाम भर्ती लिस्ट में आया। लेकिन आज तक सिर्फ 500 को ही अपॉइंटमेंट लेटर मिला।
बाकी के लोग सड़क पर सर मुंडवा के प्रदर्शन कर रहे हैं। टीचर कह रहे हैं कि सरकार में बैठे कुछ लोग अपने खासों को भर्ती करवाने में लगे हैं।
मजे की बात ये है कि जो लोग BJP राज्यों में अन्याय का रोना रोते हैं, ओ लोग केरल में उनके मुंह पर ताला लग गया है। ना तिलचट्टा बोल रहा है, ना नेहा bora ना ही कांग्रेस।
रणबीर कपूर जब बॉलीवुड में आए थे, तब लोगों को लगा था कि कपूर खानदान का अगला सुपरस्टार आ गया।
लेकिन जब हमारे दादा-परदादा खेती किसानी करते थे तब इनके दादा-परदादा स्क्रीन पर डायलॉग बोलते थे। लेकिन रणबीर ने सिर्फ खानदान की विरासत के भरोसे अपना करियर नहीं बनाया। इन्होंने न्यूयॉर्क में एक्टिंग सीखी।
शुरुआत में 'सांवरिया' फ्लॉप हुई। फिर 'Wake Up Sid', 'राजनीति' और 'संजू' जैसी फिल्मों से अपनी एक अलग पहचान बना लिया।
राजकुमार हिरानी के एक इंटरव्यू बताया गया कि— संजू के लुक के लिए सुबह 7 बजे के शूट पर रणबीर रात 3 बजे मेकअप के लिए अकेले पहुंच जाते थे।
आप सभी को तो याद ही होगा संजू का वो परफॉर्मेंस। और आज उसी रणबीर को हम स्क्रीन पर भगवान राम के रूप में देखने जा रहे हैं।
रणबीर कपूर जब बॉलीवुड में आए थे, तब लोगों को लगा था कि कपूर खानदान का अगला सुपरस्टार आ गया।
लेकिन जब हमारे दादा-परदादा खेती किसानी करते थे तब इनके दादा-परदादा स्क्रीन पर डायलॉग बोलते थे। लेकिन रणबीर ने सिर्फ खानदान की विरासत के भरोसे अपना करियर नहीं बनाया। इन्होंने न्यूयॉर्क में एक्टिंग सीखी।
शुरुआत में 'सांवरिया' फ्लॉप हुई। फिर 'Wake Up Sid', 'राजनीति' और 'संजू' जैसी फिल्मों से अपनी एक अलग पहचान बना लिया।
राजकुमार हिरानी के एक इंटरव्यू बताया गया कि— संजू के लुक के लिए सुबह 7 बजे के शूट पर रणबीर रात 3 बजे मेकअप के लिए अकेले पहुंच जाते थे।
आप सभी को तो याद ही होगा संजू का वो परफॉर्मेंस। और आज उसी रणबीर को हम स्क्रीन पर भगवान राम के रूप में देखने जा रहे हैं।
एक मां की ममता देखिए, बेटा दिव्यांग है, ठीक से चल नहीं सकता, लेकिन मां ने उसकी पढ़ाई नहीं रुकने दी।
यह मध्य प्रदेश के झींक बिजुरी गांव के राजकुमार जैस्वार 12वीं में पढ़ते हैं। मां कभी पीठ पर बैठाकर तो कभी सहारा देकर रोज करीब 10 किलोमीटर का सफर तय कराती हैं, ताकि बेटा स्कूल पहुंच सके।
मां मजदूरी छोड़कर बेटे के साथ स्कूल के समय तक रुकती हैं। पिछले दो साल से ये सफर रोज तय करती है।
दुःख की बात यह है कि— मां ने इलेक्ट्रिक साइकिल के लिए मंत्री जी को आवेदन दिया था, लेकिन 2 महीने हो गए अभी तक कोई मदद नहीं मिली।
जबकि राजकुमार 80% दिव्यांग है, और उनका प्रमाणपत्र भी बना हुआ है।