Phool kabhi nahi bheja mujhe khat mein
Kitna sakht tera dil hai
Priyatam mere khud hi socho
Kya tu mere qaabil hai
😠😠😠😠😠😠
#SorryIndeevar (Saraswatichandra, 1968)
@mona1961talks और कौन भूल सकता है, "दोस्ती" फिल्म के गीत
चाहूँगा मैं तुझे सांझ सवेरे ....
राही मनवा दुःख की चिंता क्यों सताती है ...
जाने वालों जरा मुड़ के देखो मुझे ...
मेरा तो जो भी कदम है ...
कोई जब राह ना पाए, मेरेसंग आये ...
@mona1961talks मेरे पसंदीदा गायक हैं रफ़ी साहब,
एक और गीत है जो उनकी मखमली आवाज में बहुत दिल को छू जाता है,
"दिल जो ना कह सका, वही राजे दिल कहने की रात।।।