“कठ-मुल्ला” जैसे शब्द का इस्तेमाल एक मुख्यमंत्री को ज़ेब नहीं देता। लेकिन जिसकी विचारधारा नफ़रत की बुनियाद पर बनी हो, उस से और किसी चीज़ की उम्मीद भी नहीं कर सकते। ये सोच तालिबान की सोच से कम-अज़-कम 70 साल पुरानी है।
दौलत हिजाब है, मेरी इज़्ज़त हिजाब है!
ख़ल्लाक़े कायनात की नेअमत हिजाब है!
नर्गे में दुश्मनों के ये बताने चली गयी,
दुनिया ये जान ले मेरी ताक़त हिजाब है!!
#SalaamMuskan#MyConstitutionPermitsHijab