राजस्थान पत्रिका की एक्सक्लूसिव स्टोरी
इस सत्य की भी जांच होनी चाहिए कि इस मोटे खेल में इन मोहरों को चलने वाले तथाकथित बड़े लोग कौन हैं।
प्रशासन को ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए और इन बीपीएल धारकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी धन की वसूली करनी चाहिए।
जो गरीबों को हक खा रहे हैं, उन्हें दंडित किया जाना ही चाहिए @RajCMO@BhajanlalBjp@ashokgehlot51@GovindDotasra@PMOIndia@AmitShahOffice@DrKirodilalBJP@MsBhinda@rpbreakingnews
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक, माँ भारती के लाल व फतेहपुर की धरा के सपूत श्री मुरलीधर जी भाईसाहब को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं.. माँ भारती की सेवा का आपका संकल्प वाकई प्रेरणा दायक है🙏
राष्ट्रबोध, संस्कार और जीवन मूल्यों की चेतना के सशक्त केंद्र @RSSorg के द्वितीय सरसंघचालक 'राष्ट्रऋषि' श्रद्धेय माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर 'गुरुजी' की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।
माँ भारती और समाज के लिए समर्पित उनका संपूर्ण जीवन कर्तव्य, अनुशासन और सेवा भाव के साथ राष्ट्रहित में संलग्न रहने की प्रेरणा देता है।
बढ़ता चल तू बढ़ता चल
करता चल कुछ करता चल
सारी दुनिया तेरे पीछे, मुश्किलों से लड़ता चल...
परीक्षा पे चर्चा के दौरान इस दिव्यांग बच्ची की आवाज ने पीएम मोदी ही नहीं, पूरे देश के दिल को छू लिया। 🥹
भारत के मंदिर भारत की आत्मा के प्रतीक रहे हैं। सदियों तक ये मंदिर ज्ञान, संस्कृति और चेतना के केंद्र रहे इसलिए विदेशी आक्रमणों में सबसे पहला प्रहार हमारी आस्था और स्वाभिमान पर हुआ।
राम जन्मभूमि, काशी विश्वनाथ, सोमनाथ... सिर्फ मंदिर नहीं तोड़े गए, बल्कि भारत के आत्मविश्वास को कमजोर करने की कोशिश की गई।
सदियों की गुलामी के बाद स्वतंत्र भारत में भी कई दशकों तक सांस्कृतिक विरासत को लेकर संकोच और उपेक्षा बनी रही।
2014 में समय बदला, नेतृत्व बदला। श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों को गर्व के साथ स्वीकार किया।
मोदी सरकार ने मंदिरों को केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कृति, पर्यटन, रोजगार और विकास से जोड़ा। अयोध्या, काशी और सोमनाथ जैसे तीर्थ आज विकास के नए मॉडल बनकर उभरे हैं।
आज पूरी दुनिया देख रही है कि कैसे भारत अपनी विरासत को संजोते हुए, विकसित भारत की ओर आत्मविश्वास के साथ अग्रसर है।
स्वामी विवेकानंद का मानना था कि युवा शक्ति ही राष्ट्र-निर्माण की सबसे सशक्त आधारशिला है। भारतीय युवा अपने जोश और जुनून से हर संकल्प को साकार कर सकते हैं।
अङ्गणवेदी वसुधा कुल्या जलधिः स्थली च पातालम्।
वल्मीकश्च सुमेरुः कृतप्रतिज्ञस्य वीरस्य॥
पूज्य मोहन भागवत जी पारंपरिक परिधान में
वेंकटेश्वर स्वामी की पूजा अर्चना कर रहे है
संघ ने सनातन की राह आज से नहीं बल्कि वर्षों पहले ही चुनी थी… जिसके परिणाम रूप आज देशभर में संघ द्वारा सत्कर्म हो रहे हैं
!! जय गोविन्दा !! संघशक्ति युगे युगे !!
सुमात्रा में अचानक आई बाढ़ के दौरान एक दुर्लभ और दिल को छू लेने वाली घटना कैमरे में कैद हुई। वीडियो में एक सुमात्रन हाथी तेज़ बहाव में बह रहे एक बाघ को बचाने की कोशिश करता दिख रहा है। यह दुर्लभ पल तुरंत इंडोनेशियाई सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
हालांकि ये जानवर आमतौर पर अलग-अलग जगहों पर रहते हैं, लेकिन इस प्राकृतिक आपदा के कारण इन दोनों जंगली जानवरों ने इंसानियत का एक हैरान करने वाला उदाहरण पेश किया।
अचानक आई बाढ़ के बीच बाघ को बचाने के लिए सुमात्रन हाथी के इस बहादुरी भरे काम का पूरा वीडियो देखें।
एक बहुत ही गहरा संदेश!
बच्चों को अत्यधिक सुविधाएं देकर उन्हें जीवन के संघर्षों के लिए कमजोर मत बनाइए। जो आज अपने जूते के फीते खुद नहीं खोल सकता, वो कल जीवन की बड़ी चुनौतियों का सामना कैसे करेगा?
व्यक्तित्व 'सुविधाओं' में नहीं, 'संघर्षों' से निखरता है।