जो रेल को सुरक्षित और गतिमान रखते हैं,
उनकी मेहनत का सम्मान भी उतना ही जरूरी है।
₹46,159 PLB Bonus के लिए आवाज़ से आवाज़ मिलाएं।
ज्यादा से ज्यादा ट्वीट करें और Campaign को सफल बनाएं। 📢
#RailwayBonus46159#RailwayEmployees#airtu
IREF के राष्ट्रीय आह्वान पर 4 अक्टूबर 2026 | सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक X अभियान में जुड़ें
₹18,000 बेसिक के आधार पर ₹46,159 PLB बोनस की मांग को बुलंद करें।
ज्यादा से ज्यादा ट्वीट करें, अपनी आवाज़ बुलंद करें।
#BonusForRailwayEmployees@PMOIndia@RailMinIndia@NERMCIREFAICCTU
रेलवे की मजबूती उसके ट्रैक, इंजन और कोच के साथ-साथ उसके कर्मचारियों की मेहनत से बनती है।
कर्मचारियों की मेहनत को उचित PLB दें। ₹46,159।
#BonusForRailwayEmployees#IREF
आज आमरण अनशन का 12वाँ दिन है.! ये शख़्स बहुत ज़िद्दी और भावुक है.! मासूम बच्चों को न्याय दिलाने के लिए गांधीवादी तरीक़े से जिद्द पर अड़ा हुआ है.! इंक़लाब ज़िंदाबाद.!
#आमरण_अनशन_नरेश_मीणा
Naresh Meena Ji has been on an indefinite hunger strike for 12 days demanding justice for the Jhalawar school tragedy. His health is deteriorating. The govt’s response of giving “5 goats” for the deaths of Dalit Adivasi children is shameful and inhuman. #आमरण_अनशन_नरेश_मीणा
@HansrajMeena पटियाला रेल इंजन कारखाने की PCPO प्रीति कटियार की गाड़ी कारखाने में आंदोलनरत SC/ST कर्मचारी को टक्कर मारते हुए ले जाती हुई ।
आगे जाकर एससी एसटी कर्मचारी की रिक्वेस्ट पर बचाया गया
सोचो कितनी क्रूर तानाशाही अधिकारी होगी।
एससी एसटी के खिलाफ कितनी क्रूर मानसिकता रखती है
ये वीडियो पंजाब के पटियाला स्थित रेलवे कारखाने का है, जहां एससी, एसटी कर्मचारी शांतिपूर्ण तरीके से अपने हक़ और मांगों के समर्थन में विरोध दर्ज करा रहे थे। तभी अचानक PLW की PCPO प्रीति कटियार अपनी गाड़ी लेकर वहां से निकलीं और स्थिति ने खतरनाक रूप ले लिया। गाड़ी अचानक तेज़ रफ़्तार से भगाई गई, जिससे हिट एंड रन जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई। एक कर्मचारी गाड़ी की चपेट में आते-आते बचा और कुछ दूरी तक बोनट पर लटकता रहा, लेकिन प्रीति कटियार ने ज़रा भी ध्यान नहीं दिया और गाड़ी लगातार भगाती रहीं। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने दौड़कर उस कर्मचारी की जान बचाई, वरना यह लापरवाही एक बड़ी दुर्घटना और जनहानि में बदल सकती थी। इस घटना ने न सिर्फ रेलवे प्रशासन की गैरजिम्मेदारी और असंवेदनशील रवैये को उजागर किया है, बल्कि कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हैरानी की बात है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद न तो स्थानीय प्रशासन ने प्रीति कटियार पर मुकदमा दर्ज किया और न ही रेलवे विभाग ने इस जातिवादी मानसिकता वाली अधिकारी को सस्पेंड करने की ज़रूरत समझी। प्रीति कटियार पर पहले से ही आरोप हैं कि उन्होंने SC/ST कर्मचारियों के प्रमोशन पर पाबंदी लगाकर उनके अधिकारों का हनन किया है और उनके कामकाज को जानबूझकर प्रभावित किया है। ऐसे में यह मामला केवल एक हादसा नहीं, बल्कि भेदभावपूर्ण सोच और सत्ता के दुरुपयोग का भी प्रमाण है। अब यह आवश्यक है कि रेलमंत्री स्वयं संज्ञान लेकर प्रीति कटियार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें, ताकि भविष्य में न तो किसी कर्मचारी की जान से खिलवाड़ हो और न ही किसी वर्ग के अधिकारों का दमन हो सके।
@AshwiniVaishnaw@RailMinIndia@DharamvirGandhi@CsPunjab@DCPatialaPb@DGPPunjabPolice@PunjabPoliceInd@PatialaPolice@Profdilipmandal@PMOIndia@RailwaySeva@narendramodi@RailwayNorthern@ArvindKejriwal@BhagwantMann
@arjunrammeghwal@narendramodi@AshwiniVaishnaw जी @PLWPatiala में कार्यरत आरक्षित वर्ग के सैकड़ों कर्मचारी पिछले साल भर से अपनी व्यथा आपके समक्ष रखते आ रहे हैं, आज भी आपको ज्ञापन दिया है, पर संविधान और @DoPTGoI और संविधान के विरुद्ध कार्य करने वाले अधिकारी अभी भी नीतियों की अवहेलना कर रहे है