जिस अब्दुल रहमान अली खान को साल 2012 में अलकायदा से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार किया गया था,
14 साल तक मुकदमा चला, लेकिन अदालत में एक भी ठोस सबूत साबित नहीं हो पाया।
अब उड़ीसा की अदालत ने उन्हें बाइज्जत बरी कर दिया।
सवाल सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं है, सवाल उस पूरे सिस्टम का है जो आरोप लगाकर जिंदगी के सबसे कीमती साल छीन लेता है
क्या गलत कार्रवाई करने वाले ��धिकारियों की जवाबदेही तय होगी?
#MYO organising Workshop on "Empowering Muslim Youth through Constitutional Awareness"
Date: 2026, May 19
Venue: Darul Qalam Zakir Nagar New Delhi
Muslim Youth organization of India
#MSO of India's Statement on #NEET-UG 2026
The cancellation of NEET-UG 2026 over allegations of question paper leakage has once again raised serious concerns over the credibility of the NTA and India’s examination system. Lakhs of students invest years of hard work, sacrifice, and hope into such competitive exams, and repeated failures only deepen their stress and insecurity.
MSO of India demands a transparent investigation, strict punishment for those involved, and immediate corrective measures to restore fairness, merit, and public trust in the examination process.
The future of students cannot be compromised due to administrative failure and corruption.
#MSO UP State Meet
On the Occasion of URS of Tajush Shariah (Alehir Rahma) - MSO is Organizing State Meet on 25th April - Saturday at Imam Ahmed Raza Academy Bareilly -
📢 Admissions Open 2026-27
🎓 UG | PG | Diploma | Certificate Courses
📝 Last Date for Registration for entrance based courses: 27th April 2026
Last Date for Registration for Merit based courses: 10 June 2026
🔗 Apply Here: https://t.co/yIz1HtuDz2
Israeli Jews were allowed to perform prayers in an underground chamber at the Western Wall at Al-Aqsa complex for Passover on Sunday
while Muslim worshippers have been prohibited from entering the Mosque to pray for over a month.
हज़रत अमीर ख़ुसरो रहमतुल्लाह अलैह के उर्स पर मुबारकबाद
हज़रत अमीर ख़ुसरो रहमतुल्लाह अलैह ने इस्लाम के पैगाम को सूफियाना अंदाज मे में फैलाया जिसके ज़रिये मोहब्बत, इंसानियत और अक़ीदा ए अहले सुन्नत को बढ़ावा मिला
आप हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया रहमतुल्लाह अलैह के अज़ीज़ शागिर्द थे और उनकी तालीमात को आम करने में आपका अहम किरदार रहा।
आज के इस मुबारक दिन पर हम दुआ करते हैं कि अल्लाह तआला हमें भी उनके बताए हुए रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ अता फरमाए।
What’s happening to little children in Gaza is heartbreaking.
It should put humanity to shame. Children are being made to bear the burden of violence and hate that insane adults have unleashed upon them.
Meanwhile, the world has turned a blind eye.
इमाम अहमद रज़ा ख़ान आला हज़रत (रहमतुल्लाह अलैह) के यौमे पैदाइश पर MSO का पैग़ाम
आज उस अज़ीम आलिम-ए-दीन, मुजद्दिद और आशिक-ए-रसूल की यौम ए विलादत है, जिनकी पूरी ज़िंदगी इश्क़-ए-रसूल ﷺ और अहले-सुन्नत की सही तालीमात के प्रचार में गुज़री।
आला हज़रत ने हमें यह सिखाया कि ईमान की बुनियाद हुज़ूर ﷺ की सच्ची मोहब्बत और अदब है। उन्होंने अपनी किताबों, फतवों और नातिया कलाम के ज़रिये उम्मत को यह समझाया कि बिना इश्क़-ए-रसूल ﷺ के ईमान मुकम्मल नहीं हो सकता।
उनका पैग़ाम साफ था:
➡️ “हुज़ूर ﷺ की ताज़ीम, अदब और मोहब्बत हर मुसलमान पर फ़र्ज़ है।”
आला हज़रत ने उस दौर में उठ���े वाली ग़लत सोच ख़ास तौर पर वहाबियत का इल्मी और दलीली जवाब दिया। उन्होंने कुरआन और हदीस की रोशनी में साबित किया कि इस्लाम का असली चेहरा मोहब्बत, अदब और औलिया-अल्लाह से जुड़ाव है, न कि तशद्दुद और सख़्ती।
➡️ उन्होंने उम्मत को यह भी समझाया कि
* दीन में अतिवाद (extremism) से बचना ज़रूरी है
* औलिया और सूफ़िया की तालीमात इस्लाम की रूह हैं
आज के दौर में जब दीन के नाम पर ग़लत तशरीहात फैलाने की कोशिशें हो रह�� हैं, आला हज़रत की तालीमात पहले से ज़्यादा अहम हो जाती हैं।
आइए, उनके यौमे-पैदाइश पर यह अहद करें कि:
✔️ हम इश्क़-ए-रसूल ﷺ को अपनी ज़िंदगी का मक़सद बनाएँगे
✔️ दीन को मोहब्बत, अदब और इल्म के साथ समझेंगे
✔️ नफ़रत और गुमराही के हर फ़ितने का इल्मी तौर पर जवाब देंगे
अल्लाह तआला हमें उनके नक़्शे-कदम पर चलने की तौफ़ीक़ अता फरमाए। आमीन 🤲
The last disciple who saw the Mujaddid of Islām, Aʿlā Ḥaḍrat al-Imām Aḥmad Riḍā Khān, with his own eyes, Syed Nadhar Ḥusayn Tirmidhī, has passed away at the age of 136.
About a century ago, Aʿlā Ḥaḍrat made him sit before him, placed his hands on his shoulders, and prayed for his long life, Subḥāna Llāh.
Al-Fātiḥah!
आज के दौर में एक सच्चे सूफ़ी शैख़ (रूहानी मार्गदर्शक) की अहमियत पहले से कहीं ज़्यादा बढ़ गई है। आज इंसानियत जिस तरह की बेचैनी, तनाव और रूहानी खालीपन से गुज़र रही है, उसमें हमें सिर्फ़ किताबों का इल्म नहीं बल्कि दिलों को जोड़ने वाल���, अल्लाह से क़रीब करने वाला रहनुमा चाहिए।
इसलिए उन लोगों से धोखा न खाएं जो खुद को सुन्नी कहते हुए तसव्वुफ़ (तरीक़त) की आलोचना करते हैं। तसव्वुफ़ इस्लाम की रूह है यह हमें अख़लाक़, मोहब्बत, अदब और अल्लाह की सच्ची पहचान (मआरिफ़त) सिखाता है। सिर्फ़ किताबों का इल्म इंसान को मुकम्मल नहीं बनाता, बल्कि कभी-कभी यही इल्म घमंड का सबब बनकर इंसान और अल्लाह के बीच पर्दा भी बन जाता है।
असली मआरिफ़त (अल्लाह ���ी पहचान) किताबों के सफ़ों में नहीं, बल्कि दिल की सच्चाई, विनम्रता (तवाज़ो), और एक सच्चे शैख़ की संग��� में मिलती है। इसलिए ज़रूरी है कि हम एक सही राह दिखाने वाले सूफ़ी शैख़ से जुड़े रहें, उनकी रहनुमाई में अपने किरदार को बेहतर बनाएं, और दीन को सिर्फ़ पढ़ने तक सीमित न रखें बल्कि उसे अपनी ज़िंदगी में उतारें। यही रास्ता हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी की तरफ़ ले जाता है।
#JoeKent, The director of national counterterrorism who resigned, claims that Israel drives American foreign policy and decides for the U.S. the terms of military action.
ईद मुबारक! 🌙🤲
अल्लाह तआला हम सबकी इबादतों को कबूल फरमाए, हमारे दिलों में मोहब्बत, रहमत और भाईचारा पैदा करे। यह मुबारक दिन पूरी दुनिया के लिए अमन, सुकून और बरकत लेकर आए।
हम दुआ करते हैं कि दुनिया भर में जो भी मज़लूम, बेबस और परेशान लोग हैं अल्लाह उनकी हिफाज़त फरमाए, उनकी मुश्किलें आसान करे और उन्हें जल्द राहत अता करे।
या अल्लाह! हमारे मुल्क को अमन, तरक़्क़ी और भाईचारे का गहवारा बना दे, और हमें ऐसा नागरिक बना जो इंसाफ, मोहब्बत और इंसानियत के रास्ते पर चले।
मस्जिद अल-अक़्सा में नमाज़ अदा करने जा रहे बेगुनाह फ़िलिस्तीनियों पर इज़राइली पुलिस की फायरिंग न सिर्फ निंदनीय है, बल्कि यह इंसानियत के खिलाफ एक गंभीर अपराध है। इबादत करने वालों पर गोलियां चलाना किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्म की बात है।
पिछले कई दशकों में पहली बार मस्जिद अल-अक़्सा के दरवाज़े बंद कर दिए गए और ईद की नमाज़ तक नहीं होने दी गई यह इज़राइल की नीतियों की सबसे शर्मनाक तस्वीर है।
यह घटना साफ दर्शाती है कि धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। दुनिया को इस अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठानी चाहिए।
#Aqsa #AlAqsa