अमरीका मे एक बड़ी कंस्ट्रक्शन कम्पनी को देश के एक पहाडी़ इलाके में सड़क बनाने का ठेका मिला। कंपनी के इंजीनियरों ने मौके पर पहुंच कर नक्शे बनाने शुरू कर दिये। सर्वे के दौरान एक वहाँ एक हिंदुस्तानी ठेकेदार मौजूद था। यह सब होते देख उसे अजीब लगा। उसने अमेरिका के इंजीनियर से पूछा आप लोगो को पहाड़ी इलाकों में सड़क का नक्शा बनाने की क्या जरूरत है ?
अमेरिका का इंजीनियर हैरान हुआ। तो इसे और किस तरह से किया जा सकता है ?
हिंदुस्तानी ठेकेदार बोला हम तो एक गधा पकड़ते है। गधे पर चूने की बोरी लाद कर उसमें सुराख़ कर देते हैं और उसे पहाड़ पर छोड़ देते हैं, गधा ऊपर जिस रास्ते से जाता है वहाँ चूने के निशान देख कर हम समझ जाते यह बेहतर रास्ता है फिर हम वहीं सड़क बनाना शुरू कर देते हैं।
यह सुन कर अमेरिकी इंजीनियर हक्का बक्का हो गया। उसने पूछा आपके यहाँ सड़क का नक्शा सिविल इन्जीनियर नहीं बनाते हैं ?
देशी ठेकेदार हंस कर बोला - जहाँ गधे नहीं मिलते वहाँ इन्जीनियर ही बनाते हैं।😀
नोट :वीडियो लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे का है😞😞
कौन था रे जो कह रहा था हमारे लोगों को 80%,90% मार्क्स लाने पड़ते थे। और तुम्हारे तो 40,50 प्रतिशत पर ही सिलेक्शन हो जाता है।
UPSC के इंटरव्यू में द्रोणाचार्य आज भी एकलव्य का अंगूठा काट रहे हैं।
आइए देखते हैं गर्दा उड़ा दिया है मुकेश भाई ने, सारे मनुवादी बिल में बिलबिला रहे हैं। 🔥🔥
@MukeshMohannn
एक ही अभ्यर्थी का चयन कई भर्तियों में होने से
पद खाली रह जाते हैं और अगले छात्र का अवसर छिन जाता है।
अगर हर UPSSSC भर्ती में Waiting List का नियम हो, तो
• खाली पद तुरंत भरेंगे।
• दोबारा भर्ती का खर्च और समय बचेगा।
• योग्य युवाओं को रोज़गार मिलेगा।
#UPSSSC_Waiting_List@myogiadityanath@UPGovt@UpssscOfficial1@BrajeshPathakJi
#UPSSSC में भर्तियों का लंबित होना
👉समान योग्यता वाली भर्तियां एक साथ चलना।
यही कारण है भर्तियों में ओवरलैपिंग की समस्या बढ़ रही है
इसका एक ही समाधान सभी भर्तियों में प्रतीक्षा सूची का शासनादेश जारी किया जाए
#waiting_list_in_upsssc@myogiadityanath@BJP4UP#UPSSSC
आज सबसे बड़ी चुनौती अब जंतर मंतर पर धरनास्थल खाली हो गया युवा सब अपने अपने घर पहुच रहे हैं
लेकिन उस जुनैद का क्या जिसने 37 दिन पूरे इस आंदोलन में इन सब युवाओ को खाना खिलाया पानी पिलाया पूरे आंदोलन में अपनी इंसानियत की सेवा दिया ।
उसके साथ बहुत बुरा हो गया पिता बहन रिश्तेदार सबको पुलिस गिरफ्तार कर लिया उठाकर ले गयी ।
उसका क्या दोष था क्या वी मुस्लिम था इस कारण उसको टोपी की और मुस्लिम होने की सजा मिली कब तक मुस्लिम समाज को देशभक्ति और अपनी पहचान बतानी पड़ेगी
कब तक मुस्लिम समुदाय के साथ इस देश मे यह नफरत की राजनीति होगी बताओ जवाब दो और जुनैद को न्याय दिलाओ अब सब मिलकर।
झारखंड में पिछले कई वर्षों में बिना धांधली के एक भर्ती सही से नहीं हो पायी है,
कभी पेपर लीक सामने आया तो कभी पोस्ट के खरीद फरोख्त के मामले, लेकिन हमें केरल ,कर्नाटक, हैदराबाद, जम्मू, झारखंड, पंजाब पर चुप रहना है, ग़ज़ब दोगलापन है
@rohitrna18@khurpenchh Akhilesh ke government me hi VDO (Gram vikash Adhikari) ki vacancy me bhi bhut bda ghotala hua tha mai personaly 1 bande ko janta hu jisne paise dekar JOB kharid li or wo aaj bhi job kr rha hai
>2016-17 में अखिलेश सरकार में जल निगम में 1300 भर्तियां आयीं,
>जिसमें 853 जूनियर इंजीनियर(JE) की भर्ती थी
>ये भर्तियां नगर विकास मंत्रालय के अंतर्गत आती थीं
>आज़म खान नगर विकास मंत्री थे
>बच्चों को ज्वाइनिंग मिली फिर एक साल बाद भर्ती कोर्ट में चली गयी
>आजम खान समेत उनके पंद्रह कर्मचारियों पर धांधली के आरोप लगे
>पंद्रह कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गयी
>बच्चे 10 साल बाद आज भी ज्वाइनिंग के लिए कोर्ट के चक्कर काट रहे
>बच्चे पैसे जोड़ जोड़ कर वकीलों का खर्चा दे रहे
>सरकारी वकील डिपार्टमेंट से पैसा लेकर मलाई काट रहे,
>बच्चों की शादी रुकी हुई है
>कुछ की शादियाँ टूट गयीं
>कुछ बच्चे डिप्रेशन में हैं, लोग सूइसाइड attempt कर चुके
>दस साल बाद बच्चे न्याय की तलाश में भटक रहे,
अखिलेश भैया और पूरी समाजवादी पार्टी जंतर-मंतर पर बच्चों के साथ सीना से कंधा मिलाकर खड़ी थी
प्रिय छात्र,
>ये आंदोलन वगैरह से कुछ नहीं होगा, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कुछ नहीं होगा, नया बिल आने से भी कुछ नहीं होगा।
>क्योंकि इस देश का सिस्टम सड़ा हुआ है, लोग मुर्दा हैं, नेता भ्रष्ट हैं, अधिकारी सुवर हैं।
>एक छोटी सी बात बताता हूं, अभी कुछ दिन पहले नोएडा में कर्मचारियों, मजदूरों ने कितना बड़ा आंदोलन किया, लाठी खायीं, केस झेले, मुकदमे खाए, कुछ मजदूरों का घर का बजट बिगड़ गया, लेकिन क्या हुआ?
>हरियाणा के बहादुरगढ़ फुटवियर पार्क में जितनी भी कंपनियां हैं वो दीपावाली आने के 4 महीने पहले से ही मजदूरों को निकालती हैं, ताकि बोनस का पैसा न देना पड़े।
>थोड़ा सा भी काम कम होता है तो तुरंत मजदूरों को निकाल दिया जाता है, काम आने पर नए मज़दूर भरे जाते हैं।
>अनस्किल्ड लेबर बोलकर स्किल्ड लेबर का काम लिया जाता है, जिसकी सैलरी 8 घंटे की 12000 रुपए है, औरते शाम को आते आते बुरी तरह थक जाती हैं, इतना काम लिया जाता है।
>किसको फर्क पड़ता है? कौन सी सरकार को फर्क पड़ता है? किस मंत्री को फर्क पड़ता है? कितनो का इस्तीफा मांगोगे, इस्तीफा मांगते मांगते जीवन समाप्त हो जाएगा, लेकिन भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा।
सब के सब चोर हैं साले।
>जो आंदोलन आज बीजेपी के खिलाफ चल रहा है, अगर यही आंदोलन किसी अन्य विपक्ष शासित राज्य में होता तो बिल्कुल सेम टू सेम रिजल्ट होता, कुछ भी फर्क नहीं होता।
>किसी को भी बच्चों की नहीं पड़ी, किसी को भी गरीबों की नहीं पड़ी, किसी को भी मजदूरों की नहीं पड़ी।
>पड़ी है तो खुद के बच्चों की, जितने भी विधायक हैं या सांसद हैं या मंत्री हैं, 95% के बच्चे विदेशों में या तो पढ़ रहे हैं या फिर सेटल हो चुके हैं।
>मैने जो लिखा ये सच्चाई है इस देश की, राजनीत का चश्मा हटाकर पढ़ना, असलियत सामने आ जाएगी।
>इसलिए जिन बच्चों के कुछ अरमान हो, माँ बाप सक्षम न हों, घर की अकेली जिम्मेदारी हो, वो बच्चे फर्जी आंदोलन से दूर रहें।
जय हिंद
दिल्ली पुलिस का यह काला चेहरा सामने आया है देख लो अगर आप जंतर मंतर पर हो तो
नही हो तो ज्यादा से ज्यादा शेयर कर दो दिल्ली पुलिस यूज़ कर रही है facial recognition वेन में बैठकर यह हर युवाओ के चेहरे से पूरी प्राइवेसी का उलंघन किया जा रहा है ।
यह सब आंदोलन कर रहे हैं सबकी डिटेल पुलिस चेहरे से ले रही है तो यह तो कल या आंदोलन के बाद भी युवाओ पर मुकदमा बनाकर परेशान किया जा सकता है
विरोध करो सब युवा इसका ज्यादा से ज्यादा शेयर करो