हटाकर खाक को दाना उठाना सीख लेता है
परिंदा चार दिन में फड़फड़ाना सीख लेता है
गरीबी ला के देती है बिन मांगे हुनर ऐसा
कि नाजुक जिस्म भी बोरे उठाना सीख लेता है....!
हमारे जिस्म से गोस्त खत्म हो जाए हमारा जिस्म मिट्टी में मिल जाएगा मगर हमारे दिल में रसूल की मोहब्बत कम नहीं होगी बैरिस्टर @asadowaisi सहाब।👉@aimim_azeem
अब रहे चैन से बेदर्द ज़माने वाले..
सो गए ख्वाब से लोगों को जगाने वाले..
दिखने को तो हज़ार है मगर हैं कितने ??
ज़ुल्म के आगे कभी सर ना झुकाने वाले...
#ReleaseUmarKhalid#UmarKhalid2YearsOfInjustice
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