झारखंड की विदेश में पढ़ने के लिए छात्रवृत्ति योजना-
कुल सीट-50
ST-20
OBC-14
SC-10
Minority-6
माने एक भी सीट GC के लिए नहीं!
यही दिखाता है कि इस देश में असल शोषण किसका हो रहा है!!
भीम आर्मी, अब आसनसोल, पश्चिम बंगाल में अपना debut करते हुए👇😂😂
कहाँ पश्चिम बंगाल को भगवा बनाने के लिए लोगों ने वोट दिया, उल्टा ये नीला बंगाल बनने की राह पर चल पड़ा है??
भारत में संविधान लागू हुए 75 साल हो गए। 50 सालों से कौन-सा ब्राह्मण दलितों को पढ़ने से रोक रहा है?
मैं इस कॉकरोजन को चुनौती देता हूँ कि ये पिछले 5 वर्षों की ऐसी 5 घटनाएँ बताए। जिनमें आरोपी ब्राह्मण हो और उसने किसी दलित बच्चे को स्कूल जाने रोका हो।
ऐसे मामलों में तथ्यों के साथ बात होनी चाहिए। केवल आरोप और झूठा नैरेटिव फैलाने से समाज का भला नहीं होगा। यदि कोई दावा किया है तो उसका प्रमाण भी होने चाहिए।
राजस्थान में सवर्ण (EWS) होना अपराध है? 😭
आज R-SET का नोटिफिकेशन आया है।
🔰 सुनील जाट : 50% अंक : योग्य 😎
🔰 अमित मीणा : 50% अंक : योग्य 😎
🔰 राहुल गुर्जर : 50% अंक : योग्य 😎
🔰 अंकित यादव : 50% अंक : योग्य 😎
🔰 रोहित शेखावत : 54. 90% अंक : अयोग्य 😭
हम इस बार चुप नहीं बैठेंगे... 🙏
अनुच्छेद-15
" सरकार किसी भी नागरिक के साथ धर्म, जाति, नस्ल, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकती। "
वीडियो को सुने... प्रभावित छात्रों को आगे लाइए और नीतिगत परिवर्तन की इस मुहिम में सहयोग करें।
हमें 10 प्रभावित छात्र चाहिए... सवर्ण MLAs से सम्पर्क करके मुख्यमंत्री से मिलकर नीति में न्यायोचित सुधार करवाया जाएगा।🙏🙏🙏
Bajrang Dal has come across 25 cases of love jehad in just one week in Uttarakhand. In this raid, they caught Qadir Khan who had mixed some drug in a water bottle and given it to a Hindu girl, and got her into a hotel room. In his wallet they found a kalawa thread which he used to fool Hindu girls. He was also carrying a sharp knife which was used to threaten girls who refused his advances. Qadir's phone showed he was messaging several Hindu girls via social media. He wasn't talking to girls from his own Muslim community which indicates this is targeted love jehad.
ज़फ़र सरेशवाला ने डेड़ महीने पहले प्रधानमंत्री जी से 14 मुस्लिम व्यक्तियों के प्रतिनिधि-मंडल के साथ मिलने की इच्छा रखी.... निर्देश हुआ कि ज़फ़र सरेशवाला और उनका मुस्लिम शिष्ठमण्डल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजित डोभाल से मिल ले... (डोभाल साहब किसके प्रतिनिधि थे, यह बताने की ज़रूरत नहीं है, उनका कैबिनेट मिनिस्टर का दर्जा है और शक्तियों में वह नम्बर 2 या 3 माने जाते हैं)
देश के माने हुए 14 बेहद प्रभावी लोगों से युक्त प्रतिनिधि मण्डल ने 100 मिनट तक मुसलमानों के तमाम गिले शिकवे,अपेक्षाएं और मांगे खुल कर रखीं, अजित डोभाल का स्टाफ मुस्लिम शिष्ठमण्डल की सभी मांगों और शिकायतों को नोट कर रहा था... (लिंक नीचे)
1.प्रतिनिधि मण्डल ने बंगाल, यूपी और असम के मुख्यमंत्रियों के मुसलमानों के साथ व्यवहार की शिकायत की ...बुलडोजरों का ज़िक्र आया,अवैध मज़ारों,मस्जिदों इत्यादि को हटाने और लगातार नोटिस दिए जाने की शिकायतें कीं, मॉब लिंचिंग की शिकायत भी की गई.
2.मुसलमानों को घटती (?) सुविधाओं,शैक्षिक स्तर पर चर्चा की गई, मुसलमानों के लिए नौकरी,रंगनाथ मिश्रा और सच्चर कमेटी की रिपोर्टों को लागू करने की बात की गई (हालांकि सच्चर कमेटी की सभी संस्तुतियां, भाजपा की सभी सरकारों ने केंद्र और राज्य में कांग्रेस सरकारों से कहीं ज़्यादा प्रभावी तरीके से लागू की है...
3.मुस्लिमों के इस प्रतिनिधि मण्डल ने मुसलमानों के लिए 500 अलग शैक्षिक संस्थान खुलवाने और आर्थिक मदद देने की मांग की ,ज़फ़र सरेशवाला के अनुसार अजित डोभाल ने कहा कि शैक्षिक संस्थान आप लोग खोलें, उसके लिए धन की व्यवस्था देश के दस बड़े व्यापारिक घरानों की व्यवस्था 'हम' करवा देंगे...(लिंक देखें)
4.वक्फ बोर्डों और सुप्रीमकोर्ट में चल रहे मामलों पर भी ज़फ़र सरेशवाला के शिष्ठमण्डल ने सरकार से सहानभूतिपूर्वक विचार करने की मांग रखी अवश्य होगी...
5.राज्यो के मंत्रिमंडलों में मुस्लिमों को शामिल करने की डिमांड भी निसंदेह अवश्य उठी होगी...
6.यही स्थिति सैन्यबलों में भर्ती के सम्बंध में भी है..
जैसा कि अरफ़ा शबनम शेरवानी के साथ इंटरव्यू (लिंक कमेंट बॉक्स में )ज़फ़र सरेशवाला ने बताया,इस मीटिंग के बाद ज़फ़र सरेशवाला ने साहब से मुलाकात की , गौरतलब है कि इस मीटिंग के ठीक एक सप्ताह बाद ज़फ़र सरेशवाला ने असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंता विस्वास सरमा से लंबी मुलाकात की ! शुभेन्दु अधिकारी से भी ज़फ़र सरेशवाला जल्दी ही मिलने की उम्मीद कर रहा है... प्रधानमंत्री के हाथ जिसके सिर पर है,उससे मिलने को कौन मना कर सकता है ?
लखनऊ के सबसे बड़े लूलू माल ,जिसका मालिक केरल का मुस्लिम है और दुबई में रहता है,...उसको भी लखनऊ में स्थापित करने में ज़फ़र सरेशवाला की भूमिका हो सकती है, योगीजी से भी ज़फ़र सरेशवाला की मुलाकात होती रही है... और लूलू माल के मालिक से भी, मीडिया में चित्र उपलब्ध हैं....
इन मुलाकातों का क्या फर्क पड़ता है,उसका उदाहरण है कि यूपी में सभी मुस्लिम तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को मासिक भत्ता और आयुष कार्ड देने की परसों की घोषणा है...यहां तक कि असम और बंगाल में मुस्लिमों के लिए कुछ नई सुविधाओं की घोषणा होने की उम्मीद बंध गई है...
इधर हिंदुओं की स्थिति देखिये, हम इसमें ही खुश है कि इक्का दुक्का अवैध मस्जिद,दरगाह के ऊपर बुलडोजर चल जाता है,सोशल मीडिया वाले हिन्दू उन्हीं क्लिपिंग को डाल डाल कर मोदी,योगी के तराने गाते रहते हैं, मोदी ने मैलोनी को चॉकलेट पेश कर दी...इसी प्रपंच पर हम लट्टू हुए जा रहे हैं...
कुछ ''राधे राधे'' नाच-गाकर आत्ममुग्ध हैं...कुछ लड्डू गोपाल को नहला धुला, खिला कर ,शयन कराने में व्यस्त हैं... कोई निरर्थक काम हिंदुओं से छूटना नहीं चाहिए,कुछ नहीं तो 50 किलो खिचड़ी बनवा कर चौराहे पर पात्रों-कुपात्रों को फ्री खिला रहे हैं...
क्या आज तक हिंदुओं के किसी प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री इत्यादि से मिलकर अपनी चिंताओं को उन तक पहुचाने की चेष्ठा की ? PM/CM छोड़ो...हिन्दू तो अपनी समस्याओं के लिए जिले के DM तक से मिलने की हिम्मत और इच्छा नहीं जुटा पाते हैं !
यूपी के अनेक मंन्दिरों के पुजारियों की हत्या होने की लगातार खबरें आती हैं...वृंदावन/वाराणसी इत्यादि में धर्माचार्यों,महंतों और पॉलिटिकल संतों का डेरा है...कभी योगीजी से मिलकर मंन्दिरों और पुजारियों की लगातार होती हत्याओं पर सुरक्षा या आर्थिक हर्जाना मांगा ?
पिछले 12 वर्ष में प्रधानमंत्री की मुस्लिम प्रतिनिधिमंडलों से कम से कम 50 मुलाकातें अवश्य हुई होंगीं, वह बगैर वोट दिए... मनचाहा काम करा लेते हैं...
फिर एक ब्राह्मण कर्मचारी को मानसिक प्रताड़ना की वजह से आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ा।
पुणे में TCS के एक कर्मचारी अमित ब्रह्मे ने आत्महत्या कर ली।
सुसाइड नोट में उन्होंने दो महिला सहकर्मियों पर प्रताड़ित करने और नौकरी छोड़ने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
2 जून को उन्होंने भोसरी स्थित अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी।
सवर्ण समाज के लोगों को आरक्षण की वजह से सरकारी नौकरी मिल नहीं रही है।
और प्राइवेट सेक्टर में उनको इस तरह से मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
सवर्ण समाज को बचाने के लिए एक देशव्यापी जागरूकता अभियान की आवश्यकता है।
भाजपा से मुझे अब कोई उम्मीद नहीं है।
बड़ी खबर 🚨
ये g हादी घुस्लीम ऑनलाइन गेम्स BGMI PUBG
गेम्स पर हिन्दू लड़कियों को निशाना बना रहें है
मेरी छोटी बहनों बड़ी बहनों सभी सावधान रहें
इन घुस्लिम g हादियों की प्यारी मीठी बातों में न फंसे 🙏
EWS वर्ग को आरक्षण मिला,लेकिन आयु-सीमा में कोई छूट नहीं।आर्थिक कठिनाइयों के कारण अनेक योग्य युवा अवसर से वंचित हो जाते हैं।
मीडिया इस जनहित के मुद्दे को प्रमुखता से उठाए। EWS अभ्यर्थियों को भी 5 वर्ष की आयु-छूट मिले @chitraaum@RajatSharmaLive@Abhinav_Pan#EWS_Age_Relaxation
चलो दिल्ली, चलो दिल्ली, चलो दिल्ली
सर्वण आक्रोश महापंचायत UGC रोलबैक में अपनी आवाज बुलंद करने का समय आ गया है।
अब अन्याय नहीं सहेंगे, अब एकजुट होकर अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे। ⚔️
📍 स्थान : शाह ऑडिटोरियम, नई दिल्ली
📅 दिनांक : 23 अगस्त 2026
⏰ समय : दोपहर 01:15 बजे
सभी समाजबंधुओं से निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर इस महापंचायत को ऐतिहासिक बनाएं।
🚩 व्यवस्थापक : क्षत्रिय करणी सेना & अखंड करणी पार्टी
🚩 आयोजक : समस्त सवर्ण संगठन एवं सवर्ण समाज
#KarniSena #kshatriyakarnisena #iamrajshekhawat #akp4ind #akhandkarniparty
प्रयागराज वाले विवेक सर कॉकरोच जताता पार्टी को रिजेक्ट किया और कहा हमारा कॉकरोच जनता पार्टी से कोई संबंध नहीं है। हम 6 महीने से लड़ रहे हैं, कॉकरोच पार्टी तो 6 दिन पहले बनी है।
🚩 मेहंदीपुर बालाजी महाराज के दिव्य दर्शन 🚩
बालाजी महाराज की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।
आज के शुभ दिन पर करें पावन दर्शन और प्राप्त करें आध्यात्मिक ऊर्जा। 🙏
जय श्री राम ❤️
जय बजरंगबली 🚩
#MehandipurBalaji#BalajiMaharaj#JaiShreeRam#HanumanJi
पत्रकार ने पूछा संतोष वर्मा पे कारवाही क्यों नहीं हुई
दिनेश शर्मा जी
वो स्पॉन्सर्ड है
मोदी जी का नारा है सबका साथ सबका विकाश
मुझे तो ये जानना है कारवाही क्यों नहीं
अब तक
मोहन यादव डंके की चोट पर आरक्षण लागू कर रहे थे
बिना महामानव की मर्जी के संभव है
1) जोगेंद्रनाथ मंडल ने 1929 में ग्रेजुएशन किया था।
2) बाबू जगजीवन राम ने 1931 में ग्रेजुएशन किया था।
3) मसूरियादीन पासी ने हाईस्कूल 1924 में किया था वो प्रसिद्ध व्यवसाई थे।
बस सवाल यह है कि - क्या अंबेडकर ने इनको भी पढ़ने का अधिकार दिलवाया था ?