यही वो दिन था जब भीजपा ने देश को गृह युद्ध की तरफ धकेलते हुए पहला कदम उठाया था। तब से अब तक हालात ऐसे बन गए है कि लोगो में आपसी भाई चारा खत्म होकर रैंडम आदमी एससी एसटी में एफआईआर करवा देता है।
Our govt has made SC/ST (Prevention of Atrocities) Act more stringent and increased the offences listed in the Act from 22 to 47 : PM Modi #BJP4InclusiveVikasa
@KapilMishra_IND@narendramodi भैयां आप दिल्ली विधानसभा में #मोदीया की किसी सीडी की बात कर रहे थे जो किसी लडकी के साथ बता रहे थे वो अभी भी है या डिलीट कर दिए?
मुल्ला एक वोट अनेक | सुप्रीम कोर्ट तक लड़ा मैं और
बाद में राहुल ने इसे वोट चोरी का नाम दे दिया
अब यही वोट डिलीट हो रहे है तो ज्ञानेश कुमार को घेरा जा रहा है। लेकिन घुसपैठियों के वोट डिलीट होने बाकी है।
घुसपैठियों को कब बाहर किया जाएगा ?
UGC में जो रिफॉर्म आप ले कर आए उसका आभार। आरक्षण रिफॉर्म पर आपके विचार देख चुके हैं हम। पैंतरे पुराने हैं, नहीं चलेंगे। देश को कॉन्ग्रेस के चूतियापों से कोई मतलब नहीं। सत्ता में तुम हो, तुम बताओ कि तुम क्या कर रहे हो जनता के विषयों पर। समाज में जाति का विष घोलना बंद करो।
This rule kicked in on Oct 1, 2026 without any FAQs from @RBI whether or not YouTube journalists/creators are covered. Is it just for those who are doing collaborations/paid ads or for anyone getting the remittences?
Till now, the bank would inform us of payment, ask the ‘purpose code’, I would reply with a code that they have listed, payment gets processed in a day. Now I am confused if YT advertising revenue or my services as a journalist is seen as an export to my viewers in foreign nations!
Software creators are also now covered under this. They need to file this form every month and it must match every word from both sides. RBI is silent on calculating exchange rate. A bit of clarity would help us all. They have left it to banks to create their own internal workflows.
If anyone of you could explain this, it will help us a lot.
भाजपा और संघ की सबसे बड़ी समस्या यही है: जो इनकी जितनी मारता है, ये उसी से स्वीकार्यता पाने को लालायित रहते हैं। इनका एक सांसद महेश जेठमलानी इंडियन एक्सप्रेस पर आरोप लगाता है कि काँग्रेस ने ₹81 लाख दिए। फिर उसी पार्टी के प्रधानमंत्री के हैंडल से उसी पेपर को लेजिटिमेसी दी जाती है।
जिस राज्य में सूखा पड़ता है उसे गन्ना उगाने के लिए प्रेरित करना, ताकि इथेनॉल की सप्लाई बंद ना हो। ऐसे मूर्खतापूर्ण निर्णयों के कारण उद्योगपतियों को तो लाभ मिलता है, पर नागरिकों के लिए 2026 में ट्रेन से जल का प्रबंध करना पड़ेगा। @nitin_gadkari या @HardeepSPuri इसका उत्तर देंगे?
2016 में भी यह समस्या हुई थी, और आज उस से विकट है। पर सरकार फिर भी नहीं जगने वाली क्योंकि उन्हें ट्रेन से लाए जल की आवश्यकता नहीं है।
बीड़ जिले में पहले से जल की समस्या है, पर वहाँ गन्ना खेती 1.88 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3 लाख हेक्टेयर तक पहुँच गई है। महाराष्ट्र में 4% गन्ना कृषि, 70% भूजल का दोहन करती है ताकि गन्ना उपजाया जा सके। क्षेत्रफल 10 वर्षों में 1.5 गुणा बढ़ चुका है।
नीति निर्धारकों को एक उद्योग में नेताओं के मिलों की सुरक्षा भी करनी है और दूसरी तरफ़ 'मेरा दलीत, मेरा वंचीत' का ढोंग भी रचना है। सस्टेनेबल डेवलपमेंट का भी झुनझुना बजाना है। हो &^ कुछ नहीं रहा।
फायर ब्रिगेड मँगवा दे तू
अंगारों पर है अरमाँ
ओ बलमा... ओ बलमा...
भाजपा विधायक बन गए और आप चाहते हैं कि वो अपना घर टोंटी से धुलवाए? हाल ही में भाजपा के सिंगरौली विधायक ने कार धुलवायी थी। इतना तो चलता है यार! कोई कहेगा कि ₹२७०० दिए। हम कहेंगे जब वायरल हुए तब दिए।
ध्यान दें- हम ओडिशा के SSB Health Department Vacancies को कोर्ट में चैलेंज करने जा रहे हैं क्योंकि इसमें 50% से अधिक आरक्षण है!
ओडिशा के SSB उम्मीदवार, जिन्होंने सइन vacancies के लिए अप्लाई किया है, और petitioner बनने के इच्छुक हैं, वो हमसे संपर्क करें।
हम आपका केस मुफ्त लड़ेंगे।
धन्यवाद🙏
बाढ़ में डूबे बिहार ने मोदी जी को 'आशीर्वाद का दीया' भी दिया। अभी भी वृष्टि के कारण बिहार में बाढ़ है, पर मोदी जी ने 'अपना आशीर्वाद' (क्योंकि जिस विश्वास से 60000 दे दूँ कि 70000 करोड़ बोलते हैं, लगता है पिताजी वाली FD तोड़ कर देते हैं) बिहार को नहीं दिया।
घाव में और नमक छींटते हुए पाली और प्राकृत (जो बिहार से संबद्ध भाषाएँ हैं) के शोध संस्थान गुजरात और ओडीशा को दे दिए हैं।
पर फिर मुझे लगता है कि मोदी जी ने किया है तो कुछ सोच समझ कर ही किया होगा!
जैन हैं। बेटी के साथ किसी ने अभद्रता की, वो हॉस्पिटल में है। थाने में केस लिखवाया। कार्रवाई नहीं हुई।
फिर जिस पर केस का आवेदन किया, उसने मोदी एक्ट लगवा दिया है। अब वीडियो बना रहे हैं।
जंगल कथा
मादा नर की तलाश में भटक रही है। यूँ तो जंगल में हर तरह के नर हैं परंतु मादा को एक विशेष नर चाहिए जो उसके योग्य हो। नरों में, मादा को लुभाने की होर लगी हुई है।
तभी मादा एक बड़े पेड़ की टूटी डाल पर चढ़ने लगती है। नरों में उत्साह का संचार होता है। पेड़ के टूटे तने पर चढ़ती मादा का अंग-अंग दर्शनीय है। नरों को उसका पृष्ठ भाग आकर्षित करता है, परंतु कुछ नर तने की दूसरी ओर हैं जिन्हें प्रत्यक्ष ही अधिक लुभावना लग रहा है।
मादा के देह से एक विशेष तरल पदार्थ अपनी नमकीन गंध पसार रहा है। जंगल को यह गंध मादक बना रही है। नर उस मादा को रिझाने के लिए अपने पंजे बढ़ाता है, अपनी आँखों में उसकी छवि को बसा लेना चाहता है।
पर तभी, जंगल के वन अधिकारी वहाँ आ जाते हैं और मादा के मादक शो में व्यवधान डाल कर, उसे खींचते हुए ले जाते हैं। नरों का झुंड जानता है कि वह चाह कर भी मानवों के आग्नेयास्त्रों से लड़ नहीं सकता।
लौट जाने में ही भलाई है क्योंकि मादा पुनः आएगी। उसी गंध के साथ आएगी क्योंकि जंगल में उसे जलाशय में जल पीते हुए तो पाया गया है, पर स्नान के लिए उसे किसी ने उतरता नहीं देखा।