जब आप पुकारोगे, आपके बीच खड़ा मिलूंगा :
यूपीए गवर्नमेंट ने काम किया मनमोहन सिंह जी ने, सोनिया गांधी जी ने-शिक्षा का अधिकार क़ानून पास किया, नरेगा मैंने बताया, क़ानून बना के दिया, सूचना का अधिकार पारदर्शिता के लिए क़ानून बना के दिया। खाद्य सुरक्षा, आज जो आपको 5 किलो अनाज मिल रहा है, यह क़ानून पास है सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह का, यूपीए गवर्नमेंट के वक्त में। उस वक्त ₹2 किलो गेहूँ और ₹3 किलो चावल था, मैंने ₹1 किलो गेहूँ कर दिया राजस्थान के अंदर उस ज़माने के अंदर।
आपको याद होगा, अकाल पड़ गया। उस ज़माने में पहली बार मैं मुख्यमंत्री बना। आप लोगों ने तीन बार मुझे मुख्यमंत्री बनाया, तीन बार! अब तो नारा लगाना बंद करो, 'चौथी बार गहलोत सरकार' बंद करो भाई! तीन बार कम होते हैं क्या? तीन बार! पाँच-पाँच साल रखा मुझे हाईकमान ने सोनिया गांधी ने, राहुल गांधी ने, खड़गे साहब ने। पाँच-पाँच साल रखा है।
इसलिए बहुत मैंने किया है। अब भी मैं चाहे किसी पद पर रहूँ या नहीं रहूँ, उसकी चिंता मत करो आप लोग। मैं आप ग़रीबों के, आदिवासियों के, दलितों के, पिछड़ों के बीच में खड़ा रहूँगा।
ज़रूरी नहीं कि आप मुख्यमंत्री रह के ही काम कर सकते हो। कितने लोग मुख्यमंत्री रहते हैं भाई हिंदुस्तान में? कितने लोग रहते हैं, बताओ आप? हिंदुस्तान में तो गिनती के मुख्यमंत्री होते हैं कि नहीं होते हैं? नहीं भी होते हैं, वो भी काम करते हैं। होते हैं और बाद में हट जाते हैं, वो भी काम करते हैं। तो मैंने कह रखा है कि मैं राजस्थान में आप लोगों से दूर नहीं रहूँगा, यह मैंने वादा कर रखा है।
आप जब मुझे पुकारोगे, मैं आपके बीच में मिलूँगा। आपके सुख में, आपके दुःख में, कोई काम होगा आपका, मैं आपके लिए हर वक्त तैयार हूँ, यह दिमाग में रखना आप। यह चिंता मत करो, क्योंकि मुख्यमंत्री बनाता है हाईकमान बनाता है। वह तमाम लोगों की भावना देखता है, एमएलए क्या कहते हैं, जीत के आते हैं। फ़ैसला हाईकमान करता है, वह फ़ैसला उन पे छोड़ो।
स्थान- जन आक्रोश यात्रा महारैली, प्रतापगढ़. 30 अगस्त 2026.
अगली सरकार कांग्रेस की बने राजस्थान में इसमें एक बड़ी भूमिका मेवाड़ की होगी :
एक BAP पार्टी एक पैदा और हो गई । अब बताइए, BAP पार्टी ने 40 साल पहले कहा था हम तो अलग प्रदेश बनाने लिए, भील प्रदेश बना लेंगे । अरे आज विज्ञान का युग है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आ गई, AI आ गया। आपके बच्चे वगैरह पढाई करते होंगे । मोबाइल फोन है, दुनिया भर से जुड़े हुए हैं हम लोग आज। यह मीटिंग हो रही है ना, यह मीटिंग आज कोई जयपुर में देखना चाहे, दिल्ली में, बंबई में, लंदन में, अमेरिका में, वो बैठा- बैठा देख सकता है कौन कहाँ बैठा हुआ है, कौन भाषण दे रहा है, कौन यहाँ बैठा हुआ है, दुनिया में देख सकता है। और हमने तो अभी चालू कर रखा है मशीन को। हमारी मशीन चालू है। वो देख रही है जिनको मालूम है कि मैं बोल रहा हूँ, वो देख भी रहे हैं अभी। चाहें तो दुनिया देख सकती है, इतनी क्रांति हो चुकी है।
अब कहाँ यह भील प्रदेश की बात करते हैं? पीछे जाने की बात करते हैं, बाप पार्टी वाले। एक बार बच्चों में जोश आ गया। बच्चे बच्चे ही हैं, Gen-Z हुई नहीं हुई दिल्ली के अंदर। मैं कहना चाहूँगा BAP पार्टी वालों को भी, वो भी हमारे मिलने वाले, मित्र लोग हैं, मैं जब पहले मुख्यमंत्री था, मेरा साथ दिया BAP पार्टी वालों ने। सरकार बचाने में साथ दिया। मैं कैसे भूल सकता हूँ? कैसे भूल सकता हूँ? उनका साथ मिला। बाद में वो फिर वापस अलग भी हो गए।
तो वो जो उनके नेता हैं, तमाम लोग, उनको कहना चाहूँगा, राजकुमार वो उनका एमपी बन गया, हमने उनका साथ दिया। तब वो एमपी बन गए। अब मैं एक अपील करना चाहूँगा कि राजस्थान को एक करो। सरकार तभी बनेगी जब हमारा मेवाड़ जो है ,मारवाड़ है, मेवाड़ है, राजस्थान के विभिन्न संभाग हैं, यह तमाम मज़बूत होंगे कांग्रेस के पक्ष में, तब सरकार बनेगी।
अब आप चौथी बार का नारा लगा रहे हो। अरे चौथी बार कौन मुख्यमंत्री बने, वो छोड़ो अभी पर सरकार कांग्रेस की बने, वो तब बनेगी जब मेवाड़ मज़बूत होगा। मेवाड़ मज़बूती की शुरुआत जो है, प्रतापगढ़ से होनी चाहिए, इसलिए मैं आया हूँ। आपसे शुरुआत हो।
उदयपुर, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, चित्तौड़ जहां लोग रहते है आपके पूरे मेवाड़ के अंदर, भीलवाड़ा हो चाहे राजसमंद हो, सब जगह लोगों को मैसेज जाना चाहिए कि प्रतापगढ़ के लोगों ने यह संकल्प ले लिया है कि पूरे मेवाड़ के अंदर वापस कांग्रेस मज़बूत होगी। अगली सरकार कांग्रेस की बने राजस्थान में, एक बड़ी भूमिका मेवाड़ की होगी, यह भावना सब में आनी चाहिए।
स्थान- जन आक्रोश यात्रा महारैली, प्रतापगढ़. 30 अगस्त 2026.
भाजपा के कुशासन से जनता त्रस्त:
अगर आप राजस्थान के किसी कोने में जाओगे, तो आपको एक ही बात मिलेगी जो यहाँ मिल रही है वही आपको चाहे उदयपुर संभाग के अलावा मेवाड़ हो, मारवाड़ हो, ढूँढाड़ हो, हाड़ौती हो, करौली, धौलपुर , कहीं जाओगे आप, बीकानेर संभाग में जाओगे, आपको लगेगा वहाँ के गाँव वाले भी तारीफ़ क्यों करते हैं स्कीमों की! स्वास्थ्य सेवाओं की!
आज महँगाई का ज़माना है। इलाज बहुत महँगा होता है, दवाइयाँ महँगी होती हैं, ऑपरेशन बहुत महँगा होता है और बीमार कोई-न-कोई घर में पड़ते रहते हैं,बच्चे भी होते हैं, बूढ़े भी होते हैं, हमारी माता-बहनें भी होती हैं। आप बताइए खर्चा ₹500, ₹5000, ₹25000, ₹50000, 5 लाख... डिपेंड करता है बीमारी क्या है। अब 25 लाख तक का इलाज फ़्री हो जाए, यह देश में नहीं, दुनिया में कहीं नहीं हुआ था, यह बात मैं कहूँगा।
और इसी कारण से जो हमने स्वास्थ्य का बीमा किया आपका, तमाम टेस्ट फ़्री, दवाइयाँ फ़्री, ऑपरेशन फ़्री किया। अब भी लोग एक-दो-एक-दो आते हैं, आँखों में आँसू आ जाते हैं, जब भी मिलने के लिए लोग आते हैं। कल मुझे उदयपुर में मिल गया था, साढ़े छह लाख-साढ़े सात लाख का खर्चा था मेरी बहन का, ₹1 नहीं लगा और हार्ट के वाल्व चेंज हो गए उसके
तो कहने का मतलब यह है कि आज जो आपके दिमाग से बात निकलती है, भावनाएं आपकी आती हैं, यह तमाम योजनाएं जो रामलाल ने बताई हैं अभी आपको, कोई कमी रखी नहीं हमने। जो माँगा रामलाल ने, कॉलेज हो या सड़कें हों, बच्चों के दूध की बात हो, या बच्चों के ड्रेस की बात हो, क्या नहीं कहा इसने और क्या नहीं हुआ, आप बता दीजिए।
मैं तो खाली पूरी उदाहरण दूँगा आपको। अब मेडिकल कॉलेज की बात थी। मेडिकल कॉलेज का मतलब आप समझते हैं? बचपन से तरसते थे हम लोग कि हमारे ज़िले में मेडिकल कॉलेज होनी चाहिए। मेडिकल कॉलेज का मतलब होता है: एक तो 500 बेड का हॉस्पिटल उसी ज़िला हेडक्वार्टर में।
उसके बाद में 50, 60, 100 डॉक्टर होना, कॉलेज होना, नर्सिंग का कोर्सेस होना, सब कुछ वहाँ होता हैऔर यह भारत सरकार ने दिया नहीं था, राजसमंद में नहीं दिया, आपके प्रतापगढ़ में नहीं दिया और जालोर में नहीं दिया। अभी रामलाल जी कह रहे थे आपको, इन्होंने माँग करी और 350 करोड़ रुपए हमने मंज़ूर कर दिए कि यहाँ मेडिकल कॉलेज खुलेगी प्रतापगढ़ में।
अब नई सरकार आ गई मान लो तो क्या कारण है कि उस सरकार को और काम करने की बजाय, जो काम हमने सैंक्शन किए उनको बंद कर दिया? तमाम जो योजनाएँ हैं वो बंद पड़ी हैं अभी राजस्थान में, पूरे प्रदेश में। कहीं बिल्डिंग खड़ी है तो वहाँ डॉक्टर नहीं है, नर्स नहीं है, इक्विपमेंट नहीं है।
तो राजस्थान में जब नई सरकार बनी थी तो लोगों को उम्मीद होती है कि नई सरकार पिछली सरकार से अच्छा काम करके दिखाएगी। दुर्भाग्य से, सरकार बनते ही तीन-चार महीने में लोग कहने लग गए कि सरकार नाम की चीज़ ही नहीं है। चोरियाँ हो रही हैं, डकैती हो रही है, छोटी बच्चियों के रेप हो रहे हैं, बलात्कार हो रहे हैं।
आप सोचिएगा, जो क़ानून-व्यवस्था बिगड़ी है राजस्थान के अंदर, बिना पैसे दिए नीचे से ऊपर तक और पैसे भी मामूली नहीं, कई गुना ज़्यादा। करप्शन तो हर सरकार में होते होंगे, चाहे किसी पार्टी की सरकार हो, इस बार जो यह 'चाल, चरित्र, चेहरा' कहते थे हमारा RSS-BJP वाले, उनकी पूरी पोल खुल चुकी है। इतना भयंकर करप्शन हो रहा है, कोई कल्पना नहीं कर सकता।
स्थान- जन आक्रोश यात्रा महारैली, प्रतापगढ़. 30 अगस्त 2026.
संचार क्रांति व पंचायती राज के ध्वजवाहक पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न राजीव गांधी जी को जयंती पर सादर प्रणाम।
आपकी दूरदर्शिता, शांति स्थापना के प्रयास, युवा शक्ति की लोकतंत्र में सहभागिता व संवर्धन के कार्य अविस्मरणीय हैं।
आज नई दिल्ली स्थित राजस्थान स्टेट गेस्ट हाउस में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. श्री राजीव गांधी जी की जयंती की पूर्व संध्या पर देश-भर से पधारे राजीव गांधी स्टडी सर्किल के स्टेट कोऑर्डिनेटर्स एवं सक्रिय सदस्यों से संवाद किया।
इस अवसर पर RGSC, आंध्र प्रदेश द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर राजीव जी के ऐतिहासिक UN संबोधन पर आधारित 'ग्राफिक नैरेटिव' का विमोचन भी किया।
आज सिविल लाइंस आवास पर राजस्थान एआईसीसी प्रभारी श्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गोविंद सिंह डोटासरा एवं राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री टीकाराम जूली ने शिष्टाचार भेंट की।
@Sukhjinder_INC@GovindDotasra@TikaRamJullyINC
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
देश के विकास एवं उन्नति में दिया गया उनका महत्वपूर्ण योगदान अतुलनीय है।
5 साल रोज़ाना 10 घंटे की तैयारी और औसतन ₹9 लाख - हर छात्र की मेहनत और उसके परिवार का त्याग।
10 साल में 152 पेपर लीक, सीट-नौकरी का रेट कार्ड, 0 सज़ा, 7.5 करोड़ युवाओं का बर्बाद भविष्य - System की हालत।
इस भ्रष्ट Education System को जड़ से बदलना होगा - बनानी होगी 21वीं सदी की परीक्षा व्यवस्था, स्वतंत्र और जवाबदेह संस्था जहां छात्रों को मिले पूरी सुरक्षा।
#ChhatronKiGoonj
The entire country is concerned about the deteriorating health of Shri @Wangchuk66, who has been on a hunger strike at Jantar Mantar for 19 days. I humbly appeal to him to end his fast. His life is invaluable for the long fight for the youth and the environment.
Shri @RahulGandhi has been continuously raising his voice across the country on the issue of paper leaks, and the Congress party has been demanding the resignation of the Education Minister from the very beginning. It is unfortunate that in the land of Gandhi, a Satyagrahi has given up food for 19 days, yet the Modi government has not even taken the initiative to hold a dialogue.
The @INCIndia party will continue to fight this battle for the interests of the students with full strength, from the streets to the Parliament.
जंतर-मंतर पर 19 दिनों से अनशनरत श्री सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य को लेकर पूरा देश चिंतित है। मेरी उनसे विनम्र अपील है कि वे अपना अनशन समाप्त करें। उनका जीवन युवाओं एवं पर्यावरण की लंबी लड़ाई के लिए अनमोल है।
श्री राहुल गांधी पूरे देश में पेपर लीक के मुद्दे पर लगातार आवाज उठा रहे हैं एवं कांग्रेस पार्टी शुरू से ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि गांधीजी के देश में एक सत्याग्रही 19 दिनों से अन्न त्यागकर बैठा है और मोदी सरकार ने संवाद की पहल तक नहीं की।
कांग्रेस पार्टी छात्रहित की यह लड़ाई सड़क से संसद तक पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी।
भ्रष्ट, अन्यायी, पक्षपाती, बेईमान - ये चार शब्द मेरे नहीं, ये देश के छात्र आज भारत की शिक्षा व्यवस्था के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
और सच यही है - भारत की शिक्षा व्यवस्था अब एक बेईमान वसूली तंत्र बन चुकी है।
जो व्यवस्था बच्चों के भविष्य को तैयार करने के लिए बनी थी, वो आज उन्हें और उनके परिवार को कर्ज़, तनाव और निराशा में धकेल रही है।
इसी भ्रष्टाचार ने पेपर लीक माफ़िया को जन्म दिया - जो तैयारी कर रहे लाखों छात्रों की सालों की मेहनत एक झटके में लूट लेता है।
यहां दोषी vendors और अधिकारियों को मिलती है tender और तरक्की। और सजा किसे मिलती है? छात्रों को, जिन्हें टूटे सपनों के साथ अकेले छोड़ दिया जाता है।
मोदी सरकार और शिक्षा मंत्री यह सब देख रहे हैं। पर उन्होंने चुप्पी चुनी है - जवाबदेही से मुँह मोड़ लिया है। और मीडिया में? बस एक लंबा सन्नाटा।
अब बहुत हुआ - अब वक़्त है शिक्षा में Revolution का।
17 जुलाई, देहरादून - मेरे साथ आइए, ‘छात्रों की गूँज’ को और बुलंद करें।
यहां जुड़ें: https://t.co/g6mbw7X5XC
#ChhatronKiGoonj
एक और पेपर लीक।
एक और परीक्षा रद्द।
इस बार महाराष्ट्र का TET।
देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम बना दिया गया है, जिससे देश का हर युवा असुरक्षित है।
यह सिर्फ पेपर लीक नहीं,
यह युवाओं के भविष्य की चोरी है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष परम आदरणीय श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी लगभग 50 बरसों से देश की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने एक आम कार्यकर्ता के रूप में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की और आज पार्टी के सर्वोच्च पद की जिम्मेदारी संभालते हुए, कांग्रेस की विचारधारा और देश के लोकतंत्र को मजबूत करने में अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं। उनका दशकों पुराना अनुभव, उनकी दूरदर्शिता और बेमिसाल जीवटता हम सब के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
आदरणीय श्री खरगे जी ने आज एक बार फिर से राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली है। उन्हें हार्दिक बधाई एवं बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
@kharge
जयपुर के चंदवाजी थाना क्षेत्र में निर्माणधीन इमारत की दीवार गिरने से 3 श्रमिकों की मृत्यु अत्यंत दुखद है।
मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं, ईश्वर उन्हें इस कठिन समय में संबल दें एवं दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।
करौली जिले के टोडाभीम थाना क्षेत्र के 11 केवी के टूटे हुए तार में उलझ कर गिरने के बाद करंट की चपेट में आने से 3 लोगों के जिंदा जल जाने की खबर बेहद हृदयविदारक है।
इस घटना की पूरी जांच की जानी चाहिए एवं जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जिनकी लापरवाही के कारण इन निर्दोष लोगों की जान गई। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।
यमुना जल समझौते को लेकर राज्य सरकार ने आज हरियाणा के साथ नया MOA किया है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से इसे सार्वजनिक नहीं किया गया। राजस्थान की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उनके हितों से जुड़े इस समझौते में किन शर्तों पर सहमति बनी है।
करीब ढाई वर्ष पूर्व (17 फरवरी 2024) किए गए MoU को भी लोकसभा चुनावों तक छिपाकर रखा गया था। बाद में सामने आया कि उसमें पहले हरियाणा को 24,000 क्यूसेक पानी देने और शेष पानी राजस्थान को मिलने की शर्त थी।
यदि नए MOA में भी ऐसा है, तो यह 1994 के मूल समझौते की भावना के विपरीत है, जिसमें स्पष्ट प्रावधान है कि यमुना जल का वितरण सभी राज्यों को 'Pro Rata Basis' (उपलब्ध जल के अनुपात) में होगा। किसी एक राज्य को प्राथमिकता या एकतरफा अधिकार नहीं है।
मेरी मांग है कि आज हस्ताक्षरित नए MOA की प्रति तत्काल सार्वजनिक की जाए। जनता से ऐसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ छिपाना लोकतांत्रिक पारदर्शिता के विरुद्ध है। राजस्थान के हित सर्वोपरि हैं और हमारे जल अधिकारों से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
डिजिटल युग में जन-संवाद और जिम्मेदारी!
'विश्व सोशल मीडिया दिवस' के अवसर पर जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होकर उपस्थित डिजिटल मीडिया जर्नलिस्ट्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स एवं प्रबुद्धजनों से सार्थक संवाद किया।
आज के समय में सोशल मीडिया केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की आवाज़ को सरकार तक पहुँचाने का एक सशक्त सेतु है। इस मंच का उपयोग सामाजिक सरोकार, सकारात्मकता और जिम्मेदारी के साथ होना अनिवार्य है।
49, सिविल लाइंस आवास पर प्रेस के साथियों से बातचीत-
पत्रकार का सवाल: यमुना जल समझौते को लेकर सरकार और मंत्रियों द्वारा की जा रही बयानबाज़ी पर आपका क्या कहना है?
मेरा जवाब: मैंने नीमकाथाना में स्पष्ट कहा था और अपने उस बयान पर मैं आज भी पूरी तरह कायम हूँ कि जिस दिन यमुना का पानी नीमकाथाना आ जाएगा, मैं खुद मुख्यमंत्री निवास पर जाकर उनका स्वागत और अभिनंदन करूँगा।
अब उस बयान को तोड़-मरोड़ कर इनके वर्तमान या पूर्व मंत्री जो कुछ भी बोल रहे हैं, वे सिर्फ अपनी झेंप मिटाने का प्रयास कर रहे हैं। एमओयू (MoU) होना या एमओए (MoA) होना, इन सब कागज़ी बातों को आप छोड़िए; मेरा सीधा सा कहना है कि अगर राजस्थान में पानी आता है, तो मुझसे ज़्यादा पूरे प्रदेश को खुशी होगी।
साल 1994 के उस ऐतिहासिक समझौते को अगर ये लोग धरातल पर लागू करवा देते हैं जो कि इतने सालों में नहीं हो पाया, क्योंकि इस बीच राजस्थान और हरियाणा दोनों जगह भाजपा की भी सरकारें रहीं और कांग्रेस की भी तो इससे बड़ी खुशी की बात और क्या होगी? यह पूरे प्रदेशवासियों के लिए और विशेष रूप से चूरू, सीकर और झुंझुनूं सहित पूरे शेखावाटी क्षेत्र के लिए एक बहुत बड़ी सौगात होगी।
मैंने तो सिर्फ इतनी सी सकारात्मक बात कही थी। अब इस पर जो राजनीतिक अखबारबाज़ी की जा रही है, मैं उसका जवाब नहीं देना चाहता, क्योंकि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थों के लिए, केवल मुख्यमंत्री या अमित शाह जी को खुश करने के लिए ऐसी अनर्गल बयानबाज़ी करते हैं।
इस मौके पर मैं एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाना चाहता हूँ। राजीव-लौंगोवाल समझौते के तहत हमारे हिस्से का जो 0.8 एमसीएम पानी है, उसे हम आज तक नहीं ला पा रहे हैं क्योंकि पंजाब उस पर कुंडली मारकर बैठा हुआ है। चाहे इस दौरान केंद्र और राज्यों में भाजपा की सरकार रही हो या कांग्रेस की।
मैं कहना चाहूँगा कि अगर देश के गृह मंत्री अमित शाह जी इस मामले में इतना इंटरेस्ट ले रहे हैं और राज्य सरकार को उनका पूरा सपोर्ट मिल रहा है, तो यह बेहद अच्छी बात है और हम इसका स्वागत करते हैं। लेकिन मैं इनके प्रयासों को असली मायने में सफल तब मानूँगा, जब पंजाब से हमारे समझौते के मुताबिक वह 0.8 एमसीएफ पानी राजस्थान को मिल जाए। वह पानी इंदिरा गांधी नहर (IGNP) के हिस्से का भी है, और अगर वह हमें मिल जाता है, तो श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर और जैसलमेर समेत पूरी नहरी पट्टी के किसानों को उसका बहुत बड़ा फायदा मिलेगा। इसके साथ ही भाखड़ा नहर, गंग नहर और इंदिरा गांधी नहर से जो पीने का पानी हमें मिलता है, वह पूरा पानी जो राजस्थान का संवैधानिक हक बनता है, हमें समय पर मिलना चाहिए।
आज स्थिति यह है कि इस वर्तमान सरकार की घोर लापरवाही के कारण नहरी तंत्र में पानी को रोका गया। हर साल मरम्मत (Repair) के नाम पर जो क्लोजर लिया जाता है, उसके खत्म होने और पानी छोड़े जाने के बाद भी आज तक जोधपुर जैसे बड़े शहर में पीने का पानी सुचारू रूप से नहीं पहुँच पा रहा है। अभी तीन दिन पहले ही मैं खुद जोधपुर का दौरा करके आया हूँ, वहाँ आज भी लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। यह सरकार की प्रशासनिक नाकामी और लापरवाही का सबसे बड़ा उदाहरण है।
हमारे कार्यकाल के दौरान पंजाब में चाहे प्रकाश सिंह बादल जी की सरकार रही हो या कैप्टन अमरिंदर सिंह जी की, हमने हमेशा समय रहते उनसे बात की। बादल साहब तो हमारे राजनीतिक रूप से विपक्ष में थे, इसके बावजूद हमने बेहतर समन्वय बनाकर राजस्थान के किसानों के लिए पानी की कभी कमी नहीं होने दी। लेकिन आज हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के इलाकों में पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। रोज़ाना वहां के किसान मुझसे मिलने जयपुर आ रहे हैं। वे लोग सिंचाई और पीने के पानी, दोनों को लेकर बेहद तकलीफ में हैं, और इस संकट पर वर्तमान सरकार के पास कोई जवाब नहीं है।
इसलिए मेरा सरकार से स्पष्ट कहना है कि आप अपनी यह घोर लापरवाही और केवल कागज़ी राजनीति करना छोड़िए। ज़मीन पर काम करके किसानों को हक का पानी दिलाइए, क्योंकि पानी न मिलने के कारण श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और आगे के क्षेत्रों का बेचारा किसान पूरी तरह बर्बाद हो रहा है। सरकार को चाहिए कि वह राजनीति से ऊपर उठकर किसानों को खेती और आमजन को पीने के लिए समय पर पानी उपलब्ध करवाए।