झारखंड में छात्रों से जिस तरह सरकार बर्बरता कर रही है, ये राहुल गांधी जी की सोच दिखाती है कि उनके समर्थन से चल रही राज्य सरकार युवाओं के साथ कितनी क्रूरता कर रही है।
राहुल जी गृहमंत्री जी से जवाब तो चाहते हैं, मगर ख़ुद सदन नहीं आते। सुर्खियों में बने रहने के लिए ये झूठ की दुकान चला रहे हैं।
अमन नाश्ता कर रहे थे
रांची पुलिस उन्हें लेकर चली गई।
छात्रों का आंदोलन कवर करना पाप हो गया है क्या इस देश में?
जंतर मंतर पर छात्रों को गाली देते/अश्लील हरकतें करते दिखाना पत्रकारिता था लेकिन झारखंड के शालीन छात्रों की आवाज़ उठाना अपराध है क्या?
लेकिन “तानाशाह” तो मोदी हैं।गजबे है