80 करोड़ लोग सरकार से राशन लेकर रोटी खा रहे हैं। उसके बाद
बुजुर्ग पेंशन
विकलांग पेंशन
विधवा पेंशन
किसान सम्मान निधि
रंडवा पेंशन
लखपति दीदी
महिला सम्मान योजना इत्यादि।
फिर ये कौन लोग हैं जिन्हें तथाकथित 7.8 % GDP से फ़ायदा हो रहा है।
कुल 2 % लोग विदेश जा रहे हैं।
1 % लोग विदेश जाकर शादी करते हैं।पता नहीं ये किसके लिए काम कर रहे हैं ?
पॉडकास्ट सुनने के बाद सबको अपनी सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए। इस तरह के लोग जो प्रधानमंत्री तक से संपर्क का दावा कर रहे हैं, हिंसा की बात कबूल कर रहे हैं, किसी के लिए भी ख़तरा बन सकते हैं। सबसे पहले तो प्रधानमंत्री को ही आगे आकर पूछना चाहिए कि अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई है।
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
जितने भी लिब्राण्डू पत्रकार अपने आप को निष्पक्ष दिखाने के लिए कल राहुल गाँधी और संदीप दीक्षित के एक्ट की आलोचना कर रहे हैँ,
वो सब लिब्रांडू पत्रकार चादरमोद हैँ,
अबे पहले ये देखो मुकाबला किससे है,
सामने ऐसा अपोनेंट है, जिसकी डिक्सनरी में नैतिकता नाम का चैप्टर ही नहीं है,
दुग्गल से जंग में नैतिकता का सवाल ही नहीं उठता है,
नैतिकता की चिता जला चुके हैँ दुग्गल साहब,
Meloni विवाद पर हमारी बिरादरी ( मीडिया ) का एक तबका मान रहा है कि राहुल गांधी और संदीप दीक्षित को माफ़ी माँगनी चाहिए।लेकिन Meloni,Melody का प्रचार तो विपक्ष ने नहीं किया था।वो तो खुद सरकारी प्रचार तंत्र ने बड़े चटकारे के साथ देश को बताया था कि मोदी जी ने Meloni को Melody खिलाई !
शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के यहां से आएगा?
- मोदी के सांसद जनार्दन मिश्रा पूछ रहे हैं
सरल भाषा में - इथेनॉल का विरोध करने वाली जनता को मोदी सरकार को बताना चाहिए कि उनके बाप शुद्ध पेट्रोल रख गए थे, जो शुद्ध पेट्रोल मांग रहे हो.
शर्म नहीं आती, देशद्राही कहीं के
प्रयागराज आ रहा हूं - देश के उस शहर में जहां सबसे ज़्यादा नौजवान तैयारी करते हैं।
एक बात साफ़ है: यहां का हर छात्र जानता है कि system बेईमान हो चुका है। आपकी मेहनत में कोई कमी नहीं - कमी उस system की नीयत में है जो आपकी मेहनत का दाम नहीं देती।
पेपर लीक, रुकी भर्तियाँ, सालों का इंतज़ार और जवाबदेही किसी की नहीं।
कोटा में छात्र बोले, देहरादून में फिर आवाज़ उठी और दिल्ली में इन्हीं बच्चों पर लाठियाँ चलीं - सिर्फ़ सवाल पूछने के लिए। आखिर में एक मंत्री को जाना पड़ा।
यह सरकार झुकती है बस आवाज़ एक साथ उठनी चाहिए।
कल प्रयागराज में यही बात करने आ रहा हूं। आप भी आइए। 8 अगस्त, शाम 5 बजे - के.पी. ग्राउंड, प्रयागराज।
#ChhatronKiGoonj
@AjayDwi65357304 निजी और गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) और वंचित वर्गों के बच्चों के लिए 25% सीटें आरक्षित करने का नियम लागू हुआ।और पीछे की बातें छोड़ दो आईआईटी है
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र फीस वृद्धि और सीट कटौती के खिलाफ़ अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन प्रशासन छात्रों को सुनने के बजाय उन पर FIR कर रहा है।
मोदी सरकार की नीति ही युवाओं की आवाज़ दबाना है। सवाल पूछो तो लाठी, विरोध करो तो मुक़दमे, और आवाज़ उठाओ तो पेलेट गन।
जब मैंने छात्रों की बात को सुनने के लिए प्रयागराज आने का फैसला किया, तब से प्रशासन मेरे कार्यक्रम को हर संभव तरीके से रोकने की कोशिश कर रहा है।
साफ़ है, उन्हें छात्रों की गूंज से भी डर लग रहा है।
मैं छात्रों के साथ हूँ। सरकार चाहे जितनी भी कोशिश कर ले, मुझे छात्रों की आवाज़ उठाने से रोक नहीं सकती।
Ruchika Singh vs Riddhima Sharma..
One abused PM Modi, There is an FIR against her. She is being discussed on Multiple Television Anchors..
Another, Abused Mahatma Gandhi, She was invited to several programs where Modi was giving speeches, has met several Top BJP leaders despite her abuses to Mahatma Gandhi and to Minorities.
आज संसद में मेरे भाषण के दौरान मैंने दिल्ली में छात्रों पर हुई बर्बरता का मुद्दा उठाया और इसके ज़िम्मेदार का नाम लिया - गृह मंत्री अमित शाह।
मुझे BJP ने बोलने नहीं दिया।
आज शाम 6 बजे - प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा और वो सब कहूंगा जो सदन में कहने नहीं दिया गया।
माइक बंद कर सकते हैं - छात्रों की गूंज नहीं।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
मोदी सरकार का हर दांव उल्टा पड़ रहा है .
पहले सोचा था सोनम वांगचुक को जबरन उठा लेंगे, आंदोलन बिखर जाएगा. हुआ उल्टा. आंदोलन शिखर पर चला गया .
फिर सरकार ने सोचा कि प्रदर्शनकारियों को पीटकर भगा देंगे. आंदोलन खत्म हो जाएगा लेकिन हुआ उल्टा.
आज हजारों युवा फिर जंतर मंतर पर जमा हैं . लगातार आ रहे हैं .
जो कल नहीं आए तो वो पुलिसिया बर्बरता के विरोध में आ रहे हैं .
जो कल लाठी खाकर गए थे , वो भी आज आ फिर आ गए हैं .
पूरा वीडियो मेरे यूट्यूब चैनल पर
देश का छात्र कह रहा है - “हमारा कोई भविष्य नहीं।”
और इस सरकार के मंत्री कह रहे हैं - “हमारी कुर्सी नहीं जाएगी।”
जिस देश में छात्र भविष्य खो दे और मंत्री कुर्सी न खोए - वहां न्याय है ही नहीं।