मैकाले की औलादें आज भी अपनी महान भाषा और संस्कृति को अंग्रेजी और अंग्रेजी सभ्यता से कमतर आंकती हैं।
भारत अंग्रेजों का क्यों गुलाम हुआ?
मैकाले की जुबानी।
“मैंने भारत की लंबाई-चौड़ाई तक यात्रा की है और मुझे एक भी भिखारी नहीं मिला, एक भी चोर नहीं मिला। इस देश में मैंने इतनी संपत्ति देखी है, इतनी ऊँची नैतिकता वाले लोग देखे हैं कि मुझे नहीं लगता कि हम इस देश को कभी जीत पाएँगे जब तक कि हम उसकी रीढ़ की हड्डी को न तोड़ दें, जो उसकी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत है। इसलिए मैं प्रस्ताव करता हूँ कि हम उसकी पुरानी शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदल दें, उसकी संस्कृति को बदल दें, क्योंकि अगर भारत के लोग यह सोचने लगें कि विदेशी चीजें और अंग्रेजी भाषा-साहित्य उनकी अपनी भाषा और संस्कृति से बेहतर और श्रेष्ठ हैं, तो वे अपनी पहचान खो देंगे और वही बन जाएँगे जो हम चाहते हैं — एक वास्तव में गुलाम राष्ट्र।”
~ लॉर्ड मैकाले का ब्रिटिश संसद में 2 फरवरी 1835 को दिया गया भाषण।
Repost करते रहिए — गिरफ्तारी तक रुकना मत! 🚔
नाम :- P. K. आज़ाद
पता :- H No. 2, विद्या पूरी, अंचल पटना सदर – 800020
इस व्यक्ति ने सनातन देवी-देवताओं की आपत्तिजनक फोटो एडिट करके वायरल की है…
यह सिर्फ एक पोस्ट नहीं, सनातन धर्म का अपमान है!
@PatnaPolice24x7 तुरंत कार्रवाई करे!
सनातनियों की भावनाओं से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं!
#ArrestPKAzad #RespectSanatan #SanatanStrong
Hello Delhi CM @gupta_rekha जी
एक महिला पत्रकार के साथ आपके राज्य में
On Camera मॉब लिंचिंग की कोशिश हुईं
लेकिन अबतक न तो ये दरिंदे गिरफ्तार हुये
ना ही कोई आधिकारिक बयान आया... क्यों ?
क्या ये इस देश की बेटी नहीं ?
क्या इस बेटी की इज्जत.. इज्जत नहीं ?
Repost गिरफ़्तारी तक✊
सुनिए इन ख़ूनी दरिंदो को 🚨
बाबरी नाम का मकबरा बनाने से पहले
कैसे सर धड़ से अलग करने की धमकी ड़े रहे
पर इन हिज़ड़ों को कोई बताओ
Bsd वालों तुम्हारा बाप बाबर भी पेला गया था
तुम भी पेले जाओगे... उससे बदतर पेले जाओगे
जागो हिंदू जागो ✊
रेलवे स्टेशनों पर मस्जिद दरगाह की बात तो खूब सुनी होंगी। किंतु क्या आप जानते हैं कि एयरपोर्ट के भीतर रनवे के समीप भी मस्जिद है ?
जी हाँ कोलकाता के नेताजी सुभाषचंद्र अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ठीक बीचों बीच #बैकड़ा नाम की मस्जिद है। उधर फ्लाइट उड़ती उतरती रहती हैं और इधर स्थानीय लोग मस्जिद में नमाज अदा करते रहते हैं। कांग्रेस से लेकर कम्युनिस्ट तक और अब तृणमूल की सरकार तक कोई इस मस्जिद को हटाना नहीं चाहता। इसके चलते कोलकाता एयरपोर्ट का एक्सटेंशन का काम भी दशकों से रुका पड़ा है।
और कोलकाता नगर निगम ने 2019 में बाकायदा सुझाव दिया था कि मस्जिद तक सुरंग बना दी जाए ताकि मुसलमानों को मस्जिद जाकर नमाज पढ़ने में कोई परेशानी ना हो।
बाद में 2023 में प्रशासन ने नमाजियों के लिए मुफ्त में बस सेवा शुरू की ताकि नमाजी आराम से मस्जिद आ जा सके...और बता दू कि ये बस मेन रनवे को ओवरलैप करके मस्जिद तक जाती है।
आम यात्रियों को सुरक्षा के नाम पर लगभग नंगा करने वाली सुरक्षा एजेंसियां एयरपोर्ट के ठीक रनवे के पास यूँ मस्जिद में नमाजियों के आने जाने पर मूक दर्शक बनी हुई हैं.... उन नमाजियों को जिनमें ना जाने कितने भारतविरोधी रोहंगिया, बांगलादेशी और आतंकवादी भी हो सकते हैं।
राज्य हो या केंद्र, कम्युनिस्ट हो या तृणमूल या कांग्रेस....तुष्टिकरण की ये बीमारी इस देश को बर्बाद करके ही छोड़ेगी।
पुराने जमाने में जब हॉस्पिटल नहीं होते थे.. तो बच्चे की नाभि कौन काटता था ?
मतलब पिता से भी पहले कौनसी जाति बच्चे को स्पर्श करती थी?
आपका मुंडन करते वक्त कौन स्पर्श करता था?
शादी के मंडप में नाईं और धोबन भी होती थी?
लड़की का पिता, लड़के के पिता से इन दोनों के लिए साड़ी की मांग करता था।
वाल्मीकियों के बनाये हुए सूप से ही छठ व्रत होता हैं!
भोज के लिए पत्तल कौन सी जाति बनाती थी?
किसने आपके कपड़े धोये?
डोली अपने कंधे पर कौन मीलो-मीलो दूर से लाता था और उनके जिन्दा रहते किसी की मजाल न थी कि आपकी बिटिया को छू भी दे।
किसके हाथो से बनाये मिटटी की सुराही से जेठ महीने में आपकी आत्मा तृप्त हो जाती थी?
कौन आपकी झोपड़ियां बनाता था?
कौन फसल लाता था?
कौन आपकी चिता जलाने में सहायक सिद्ध होता हैं?
जीवन से लेकर मरण तक सब सबको कभी न कभी स्पर्श करते थे।
. . . और कहते है कि छुआछूत था।
यह छुआछूत की बीमारी मुस्लिमों और अंग्रेजों ने हिंदू धर्म को तोड़ने के लिए एक साजिश के तहत डाली थी।
जातियां थी, पर उनके मध्य एक प्रेम की धारा भी बहती थी, जिसका कभी कोई उल्लेख नहीं करता।
अगर जातिवाद होता तो राम कभी सबरी के झूठे बेर ना खाते,
महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण कोई नहीं पढता,
कृष्ण कभी सुदामा के पैर ना धोते!
जाति में मत टूटिये, धर्म से जुड़िये..
देश जोड़िये.. सभी को अवगत कराएं!
सभी जातियाँ सम्माननीय हैं...
एक हिंदु, एक भारत, श्रेष्ठ भारत....
गुजरात से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे देश को हिला दिया—एक भी सामान खरीदा नहीं, बेचा नहीं… लेकिन फर्जी बिलिंग करके ₹800 करोड़ का खेल कर दिया! 😳💰
DGCI की जांच में पता चला कि अहमदाबाद, जामनगर और जूनागढ़ के कुछ लोगों ने दर्जनों नकली कंपनियां, डमी डायरेक्टर और फर्जी GST नंबर बनाकर करोड़ों का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) ले लिया।
असल में न कोई माल आया, न कहीं भेजा गया—सिर्फ कागज़ पर करोड़ों का कारोबार चलता रहा, और सरकारी खजाने को भारी चूना लग गया।
पहला मामला अहमदाबाद से था, जहां 550 करोड़ की फर्जी बिलिंग पकड़ी गई। बदरे आलम पठान और तौफीक खान को गिरफ्तार किया गया। तौफीक ने कबूला कि उसने सिर्फ 45 करोड़ के बिल पर 8.86 करोड़ का गलत ITC ले लिया।
दूसरा केस जूनागढ़ का था—जहां हार्दिक रावल ने 47 नकली फर्में बनाकर खेल कर दिया।
तीसरा केस जामनगर से सामने आया—जयदीप विरानी ने 121 करोड़ की फर्जी बिलिंग कर 22 करोड़ का ITC ले लिया।
बाहर से सब कुछ कानूनी लगता था…
अंदर हवाला, फर्जी डॉक्यूमेंट और GST नंबरों की खरीद-फरोख्त चल रही थी।
DGCI का कहना है कि ये इस साल की सबसे बड़ी कार्रवाई है और गिरफ्तारी का दायरा अभी और बढ़ सकता है। 🚨
देश में डिजिटल सिस्टम होते हुए भी इतनी बड़ी ठगी—सोचकर ही हैरानी होती है! 😟⚖️
भावनगर फर्जी GST का सबसे बड़ा हब है ..
#GSTScam #FakeBilling #IndiaNews #FraudAlert #DGCI #TaxScam #GujaratScam
प्रत्येक हिन्दू को एक बार इसे पढना चाहिए। और मोमिन तो खासकर इसे पढ़ें। 📣📣
जिस आदमी ने श्रीमदभगवद गीता का पहला उर्दू अनुवाद किया वो था मोहम्मद मेहरुल्लाह बाद में उसने सनातन धर्म अपना लिया..!!
पहला व्यक्ति जिसने अरबी अनुवाद किया वो एक फिलिस्तीनी था अल फतेह कमांडो। जिसने बाद में जर्मनी में इस्कॉन जॉइन किया और अब हिंदुत्व में है..!!
पहला व्यक्ति जिसने इंग्लिश अनुवाद किया उसका नाम चार्ल्स विलिक्नोस था
इसने भी बाद में हिन्दू धर्म अपना लिया उसका तो ये तक कहना था कि दुनिया मे केवल हिंदुत्व बचेगा।।
पहला व्यक्ति जिसने रूसी भाषा मे अनुवाद किया उसका नाम था नोविकोव जो बाद में भगवान कृष्ण का भक्त बन गया था
आज तक 283 बुद्धिमानों ने श्रीमद भगवद गीता का अनुवाद किया है।
🚨 ममता बनर्जी के कारण पूरा भारत खतरे में है : कैसे ?
पश्चिम बंगाल में 456 किमी भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर तार तक नहीं लगने दे रही ममता बनर्जी कारण 2013 जमीन अधिनियम एक्ट अपनाने से इनकार.
क्यों की जमीन दे दी तो वोटबैंक नाराज हो जाएगा.
कलकत्ता हाईकोर्ट तक को कहना पड़ा – “राज्य गंभीर नहीं है”
जब तक बाड़ नहीं लगेगी, ड्रग्स, रोहिंग्या घुसपैठिए और जिहादी आराम से आएंगे TMC का वोट बैंक बढ़ेगा
क्यों कि देश की सुरक्षा जरूरी नहीं दीदी की कुर्सी जरूरी है
मोदीजी का मजाक उड़ाने वाले उनके बारे में अक्सर यह कहते हैं कि वह कैमरा कॉन्शियस व्यक्ति हैं और वह हर वक्त कैमरे के सामने रहना पसंद करते हैं।
शायद सच हो!
लेकिन कैमरे से मेरा ध्यान एक दूसरी बात की ओर गया।
अगर उनकी निजी दैनिक दिनचर्या के छः घंटे और सीक्रेट सर्विस, सेनाधिकारियों, ब्यूरोक्रेट्स व कैबिनेट की सीक्रेट मीटिंग्स के औसतन चार घंटे निकाल दिया जाए तो वे औसतन चौदह घंटे कैमरे के सामने ही रहते हैं।
तो क्या कोई पिछले दस साल का ऐसा पिक या वीडिओ मुझे दिखा सकता है, जिसमें गंभीर बीमारी तो दूर मोदी जुकाम से पीड़ित भी दिखाई दे रहे हों।
उनके प्रशंसकों द्वारा इस तथ्य में दैवीय तत्व ढूंढने की कवायद को इग्नोर करते हुए जब हम इसे बायलॉजिकली देखते हैं तो यह एक असाधारण उपलब्धि लगती है और वह भी इस वृद्धावस्था में।
अन्य तत्वों को दरकिनार करते हुए इसे हम विश्लेषित करते हैं तो यह सिर्फ और सिर्फ कठोर आत्मसंयम और तपश्चर्यापूर्ण जीवन से ही संभव है।
-अमेरिका में नौदुर्गा में नौ दिन तक निराहार रहते हुए भी निरंतर शासन संचालन और मीटिंग्स जिसपर पूरा अमेरिका चकित था,
-भारत में अयोध्या में प्राणप्रतिष्ठा समारोह हेतु ग्यारह दिन तक निराहार व भूशयन करते हुए भी संपूर्ण प्रशासन का दक्षतापूर्वक संचालन,
क्या यह सब कठोर आत्मसंयम के अतिरिक्त और किसी तरह संभव है?
क्या भारत में और किसी नेता में यह आत्मसंयम संभव है?
छोड़िये विलासी नेताओं को, क्या हमारे-आपके लिए इतना आत्मसंयम संभव है?
और जिसमें इतना आत्मसंयम है, उस व्यक्ति के अतिरिक्त वर्तमान समय में भारत गणराज्य के लोकतंत्र में महामात्य पद के लिए भला और कौन उपयुक्त हो सकता है जिसे प्लेटो ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ 'रिपब्लिक' में आदर्श आध्यात्मिक राजा के रूप में वर्णित किया।
जिसे प्रभु श्री राम ने स्वयं अपनी भक्ति प्रदान कर दी हो उसकी रक्षा श्री हनुमान जी महाराज सहित समस्त शक्तियां करती हैं।
सुनिए रामदास गोपन्ना की अनसुनी कथा।
जय श्री राम 🙏🚩 सुप्रभात 💐🌿
#adp2025#sstvi
अरुणाचल प्रदेश में कुछ बड़ा होना है क्योंकि वहां की मस्जिदों में युवाओं ने जा जा कर सर्वे किया तो नई तस्वीर सामने आई |
मजदूरी की आड़ में प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में हजारों की संख्या में बिहार बंगाल और असम से मुसलमानों की भीड़ आ रही है |
प्रदेश में आने के बाद यह भीड़ वहीं बस रही है जिनका रहने और पनपने का बंदोबस्त इन्हीं मजहबी स्थलों के माध्यम से हो रहा है |
आगे आगे इसी भीड़ का वोटरकार्ड बनेगा और यही भीड़ अरुणाचल में अपने विचारों के नेता चुनेगी फिर यही भीड़ हिंदुओं को काफिर बोलेगी |
अतः अरुणाचल प्रदेश के साथ साथ देश भर के हिंदुओं से बस यही निवेदन है कि साथ आओ और पहाड़ों और हिंदुओं को बचाओ |
@Jatassociation
एक मुस्लिम महिला की कहानी, मोमिनो तुम भी जरा गौर फरमाना। 📣📣
लंदन से काशी आई बांग्लादेशी मुस्लिम महिला अंबिका बानो सनातन हिन्दू धर्म अपनाकर अम्बिया बानो अम्बिया माला बन गई।।
मुस्लिम महिला ने बताया की 27 साल पहले उसकी बेटी उसके गर्भ में मर गई उसके बाद वो रोज सपने में आती थी और रोकर कहती थी। माँ मुझे मुक्ति चाहिए और मुझे मुक्ति दिलवाने के लिए तुम्हे सनातन धर्म अपनाकर मेरा पिंडदान करना पड़ेगा।
लेकिन ये मुस्लिम कुछ समझ नही पाती थी। फिर इसने इंटरनेट पर सनातन धर्म को देखा और पढ़ा। जिससे इन्हें सनातन धर्म मोक्ष मुक्ति पिंडदान और सनातन धर्म के बारे में पता चला।
फिर ये लंदन से काशी आकर सनातन धर्म अपनाकर अपनी बेटी की आत्मा की शांति के लिए उसके मोक्ष के लिए अपनी बेटी का पिंडदान करवाती है।।
हलाल खुलेआम बिक रहा है!
हमेशा सामान की सामग्री की लिस्ट जरूर दोबारा चेक करें, सिर्फ हरा डॉट/वेज आइकन पर भरोसा न करें।
कई दुकानदार गलत लेबल लगा देते हैं — इसलिए सतर्क रहें।
अगर आपको कोई गड़बड़ी दिखे तो तुरंत शिकायत करें...
सावधान रहें... सतर्क रहें...
#Amazon #WorldAIDSDay2025
#GeetaJayanti2025 Somalia Ilhan
A. Legend #TheDevil Hegseth
जोर का झटका जोरों से लगा।
सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन की समय सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया है।
आज सुप्रीम कोर्ट की बेंच (जस्टिस दीपंकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टाइन जॉर्ज मसीह) ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के तहत सभी वक्फ संपत्तियों (इसमें 'वक्फ बाय यूजर' शामिल) के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन के लिए UMEED पोर्टल पर अपलोड करने की छह माह की समय सीमा (6 दिसंबर 2025 तक) को बढ़ाने की याचिकाओं को खारिज कर दिया।
मेरी ये बात सभी सेकुलर महापुरुषों को बुरी लगने वाली है, खासकर मुस्लिम समाज को। लेकिन यही उचित समय है बोलने का।
अयोध्या में मस्जिद का डिजाइन आ चुका। क्या मस्जिद की जगह अस्पताल नहीं बनना चाहिए?
“एक सुनहरा मौका अभी भारत के उन नेताओं के पास आया है जो राम मंदिर की जगह अस्पताल या स्कूल चाहते थे। अयोध्या में बनने वाली मस्जिद का नक्सा आ चुका है, जल्द बनना शुरु होगा। अभी भारत में 3 लाख सक्रिय मस्जिदें हैँ। अब मस्जिद की जरूरत नहीं है।
अब जरूरत है रोजगार, भोजन, अस्पताल, और स्कूल कॉलेज की। अब विपक्ष के सेकुलर नेता मस्जिद के जगह एक भव्य अस्पताल या विश्वविद्यालय बनवाने की मांग करें, जिससे भारत की जनता खासतौर से बेरोजगार युवाओं को फायदा मिल सके।
अगर मस्जिद के लिए आवंटित जमीन पे अस्पताल बनता है तो सैकड़ों डॉक्टरों को रोजगार मिलेगा, हजारों लोगों को अलग-अलग रोजगार मिलेगा। और अगर आवंटित जमीन पर कोई विश्वविद्यालय बनता है तो सैकड़ों युवा शिक्षक की नौकरी पाएंगे, सैकड़ों लोगों को अन्य-नौकरियों मिलेंगी और शिक्षा का स्तर बढ़ेगा”
क्या आप इससे सहमत हैँ? अगर हां, तो पोस्ट को आगे बढ़ाइए और गांधी परिवार तक भी पहुंचाइये।
हिंदू राष्ट्र के विरोध मे तुम तब तक ही बोल सकोगे जब तक भारत में "हिन्दू बहुसंख्यक" है।
देखिए --
एक सवाल ने "बदल कर रख दिया" सरदार भाइयों का नजरिया।।
#ImranKhan VOTE FOR JIN Hustle
President Putin Vladimir Putin Ruto