सोना नहीं खरीदना चाहिए
विदेश यात्रा नहीं करनी चाहिए
विदेशों में शादी नहीं करनी चाहिए
लेकिन,
मंत्रियों को देश घूमना चाहिए
50- गाड़ियों के काफिले के साथ चलना चाहिए
करोड़ों की ज्वेलरी खरीदनी चाहिए
अभी शुरू हुआ है - सैयद अहमद बुखारी
अभी तेरा अवैध घर नहीं गिरा, अवैध हॉस्पिटल नहीं गिरा अवैध पार्किंग नहीं हटी
सरकारी ज़मीन से जो पैसा कमाया वो सरकारी खाते में जमा नहीं हुआ
@swati_gs - आप ना लिखते तो लोगो ये भी ना पता चलता
लास्ट ईट गिरने तक लड़ेंगे हम भारत माता की जय
लहसुन का लोकतंत्र
देखिए कि सरकार कितनी नंगी और अराजकतावादियों की गोद में बैठने वाली हो गई है कि ये आज सुप्रीम कोर्ट में यह कहने गए कि तिलचट्टों के प्रदर्शन में जिन्होंने पत्थरबाजी की, पुलिस पर डंडों से प्रहार किया, सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुँचाई, उन पर हुए केस निरस्त किए जाएँ।
@BJP4India वालों, वह तुम्हारे बापों की संपत्ति थी? कितनी बार तुम अपनी घटिया राजनीति के लिए @DelhiPolice को पिटवाते रहोगे? पूरी पुलिसिंग को पंगु बना कर रख दिया है, जो भी आता है इनका सर फोड़ कर चला जाता है।
पर हाँ, पुलिस कुछ न करे क्योंकि माननीय @narendramodi जी को रात के एक बजे ‘जेन जी’ के लिए रील बना कर, उन्हें माफ करते हुए बड़ा हृदय वाला दिखना है। आज कल रील और उसके व्यू नहीं गिन रहा कोई!
सरकार चाहती है कि वो ये केस माफी की भी नौटंकी करे और वही सरकार फिर कोर्ट को यह भी कहती है कि तिलचट्टों का पाँच सितम्बर वाला मार्च रोक दिया जाए। माननीय सूर्यकांत जी ने कहा है कि अभी से वो यह नहीं मान सकते कि कुछ गलत ही हो जाएगा।
जबकि माननीय सूर्यकांत के समक्ष ऐसे उदाहरण हैं कि इन्हीं आयोजकों के कारण दिल्ली में तीन दिन क्या होता रहा। फट्टू सरकार की %# इतनी फटी हुई थी कि आयोजकों को नामित तक नहीं कर पाई कि इनका ही दायित्व बनता था।
ये चल रहा है इस देश में। दंगाइयों को सरकार बचा रही है ताकि उनके राम मंदिर लूट के पाप को डायवर्ट करने का रिवार्ड उन्हें दिया जा सके। जनता सब देख रही है।
भांड Is BACK 🚨
रुचिका दोबारा उसी घटिया फॉर्म में वापस..
फिर PM को दे रही गालियां.. बोल रही मेरे पास खोने को कुछ नहीं....
इसे लगता कि ये लाढचट्टो फिरसे फेमस हो जाएगी 🖐️
आपके दो शब्द ✍️
बकलोली बंद करो चिराग जी। खड़गे के लोग ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा लगा रहे थे रामलीला मंचन के मैदान से। इसलिए हवन कराया गया।
क्या बात है कि @iChiragPaswan कभी दलित नेता द्वारा ब्राह्मणों के रेप को ‘शुद्धिकरण’ बोलने पर कभी कुछ नहीं बोलता?
और हाँ, मैं और गुरु प्रकाश पासवान जी ने कई बार स्टेज शेयर किया है, अभी सांसद हैं शशांक मणि जी, उन्होंने तो शुद्धिकरण नहीं करवाया। तो ये संदर्भहीन बातें कर के क्या साबित करना चाहते हैं?
और आप आज भी अपने लिए ‘संभवतः’ का प्रयोग कर रहे हैं कि आरक्षण नहीं चाहिए? भाई, किस तर्क से आपके जैसों के लिए SC सीट रिजर्व होती है? आप तो अपने दम पर लड़ो ओपन में!
इसका जवाब भी आइटीसेलिए हमसे ही माँग रहे हैं कि देखो, राहुल गाँधी दलितों को उकसा रहा है।
काहे बे, ढाई रुपए प्रति ट्वीट तुम पा रहे हो, और काम तुम्हारा हम कर दें?
“मुझे बचा लीजिए…”, रीवा अस्पताल में प्रसव से पहले मदद मांगती रही कल्पना, कुछ घंटे बाद जच्चा-बच्चा दोनों की मौत
रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा स्थित गांधी मेमोरियल अस्पताल से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। पहली डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती 25 वर्षीय कल्पना मिश्रा का एक वीडियो उनकी मौत से पहले सामने आया, जिसमें वह रोते हुए अपने परिजनों से मदद की गुहार लगाती दिखाई देती हैं।
वीडियो में कल्पना अपनी हालत को लेकर डर जाहिर करती हैं और कहती हैं कि अगर इसी तरह इलाज चलता रहा तो उनकी जान चली जाएगी। परिजनों के मुताबिक, इस वीडियो के कुछ ही घंटे बाद प्रसव के दौरान कल्पना और उनके नवजात बच्चे, दोनों की मौत हो गई।
कल्पना अपने पिता की इकलौती बेटी थीं। परिवार ने अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक जांच अभी जारी है। मामले में कार्रवाई करते हुए दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित किया गया है और जांच समिति गठित की गई है।
यह मामला सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि सरकारी अस्पतालों में प्रसूता महिलाओं की सुरक्षा और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
हर्ष दुबे का ये दूसरा वीडियो है….. लड़का खुलकर बोल क्यों नहीं रहा है? उसे बोलने क्यों नहीं दिया जा रहा?
देखिए ये सब करने से कोई फायदा नहीं…… सरकार तत्काल सामान्य वर्ग आयोग गठित करे, EWS सरलीकरण, EWS के मी स्कालरशिप की घोषणा करे
>ब्रो का नाम - राव इंद्रजीत सिंह
>ब्रो - गुड़गांव से सांसद हैं
>ब्रो - मंत्री भी हैं
>लेकिन ब्रो गुड़गांव की waterlogging को कांग्रेस के जमाने में हुए डेवलपमेंट को जिम्मेदार बता रहे हैं।
>ब्रो 2014 से सांसद हैं,
>ब्रो को 12 सालों में सिर्फ एक ही रीजन याद है।