सोनम वांगचुक जी को जबरन हटाना सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को कुचलना है।
भाजपा सरकार को अब शांतिपूर्ण विरोध भी बर्दाश्त नहीं - यह तानाशाही है।
नये पेड़ लगाने से पहले सुनो उनकी कहानी
जिन पेड़ों को लगाके कभी भी न दिया पानी
भाजपा के लिए ‘वृक्षारोपण’ दरअसल ‘भ्रष्टारोपण’ का कार्यक्रम है।
ये 35 करोड़ पेड़ लगाने का नहीं बल्कि प्रत्येक पेड़ से कम-से-कम 10 रूपये मतलब कुल मिलाकर 350 करोड़ कमाने की गुप्त भाजपाई योजना है।
जिन्होंने न छोड़ा प्रभु का दरबार
वो क्या छोड़ेंगे बगीचा और बाग
जन्मदिन की बधाई देने के लिए आए सभी आगंतुकों व संपूर्ण विश्व से संदेश भेजनेवाले शुभचिंतकों को हार्दिक धन्यवाद!
इस अवसर पर जिन लोगों ने समाज सेवा के माध्यम से विभिन्न आयोजन किये हैं या भंडारे या साइकिल वितरण आदि के माध्यम से अपनी सहृदयता का परिचय दिया है, उन सबको भी जन-सेवा करने के लिए दिल से शुक्रिया।
उप्र के मुख्यमंत्री जी का ‘24 घंटे बिजली आने के दावों’ का ट्रांसफॉर्मर उड़ गया है क्या?
महीने भर से बिजली न आने का रिकॉर्ड बनाने का होर्डिंग सरकार लगवाएगी या जनता?
भाजपा सरकार मतलब भ्रष्टाचार का अंधकार!
#असफल_मुख्यमंत्री_उप्र
स्पष्टीकरण ही स्पष्ट नहीं है।
लगता है ये इनके लिए हर हफ़्ते की साधारण बात है, और इतनी अधिक साधारण है कि ये इसे अब ‘उल्लेखनीय’ भी नहीं मानते हैं।
चेहरे के भाव और देह की भाषा हताशा और निराशा से भरी है।
ट्रस्ट के सभी सदस्यों को एक साथ बैठाकर स्पष्टीकरण दिया जाए और आँकडों के मिलान के लिए सीसीटीवी के साक्ष्य का सहारा लिया जाए। जैसे ही सारे ट्रस्टी एक साथ बैठेंगे तो सच तत्काल बाहर आ जाएगा क्योंकि उनमें हर कोई एक जैसा नहीं है। इस हेराफेरी की शंका के केंद्र में जब कोई एक व्यक्ति विशेष है ही नहीं तो फिर किसी एक के स्पष्टीकरण का क्या महत्व है।
ये भी स्पष्ट किया जाए कि 40 सेकंड का स्पष्टीकरण आने में इतने घंटे क्यों लगे और स्पष्टीकरण के नाम पर 1 मिनट बोलना भी भारी क्यों पड़ रहा है। प्रदेश सरकार की चुप्पी की तरह ये सफ़ाई भी संदिग्ध है। ऐसा लग रहा है जैसे स्पष्टीकरण के नाम पर शाब्दिक औपचारिकता निभाई जा रही है।
संपूर्ण विश्व का सनातन समाज, इस बेहद कमज़ोर स्पष्टीकरण से और भी अधिक शंकित और आहत हुआ है।
बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के महत्वपूर्ण नेता श्री अभिषेक बनर्जी जी के ऊपर जानलेवा हमला करवाकर बंगाल की अराजक भाजपा सरकार ने साबित कर दिया है कि भाजपा नफ़रत भरी नकारात्मक हिंसक राजनीति के सिवा और कुछ नहीं कर सकती है। इतने संवेदनशील वातावरण में भी पुलिस की व्यवस्था न होना एक बड़ी साज़िश की ओर इशारा करती है।
घोर निंदनीय!
@abhishekaitc