मुस्लिम विरोधी एंकर/एंकराइन ने ख़बरें चलाईं, सरकार समर्थित लोगों ने बयानबाज़ी करके कोरोना का ठीकरा मुसलमानों पर फोड़ दिया। उसके बाद पुलिस ने जमातियों के साथ आतंकियों जैसा बर्ताव किया। तथाकथित सभ्य समाज ने जमातियो/मुसलमानों के खिलाफ भड़ास निकाली। कुछ जमाती जेल में रहे, कुछ क्वारंटाइन सेंटर में, गांव-गांव में पुलिस जमातियों को ऐसे ढूंढती फिर रही थी जैसे वो कोई खूंखार अपराधी हों। सोचिए! यह इस देश में मुसलमानों की हालत है। और आप आसान समझते हैं मुसलमां होना!
सिखो बैखोफ पत्रकारिता क्या होता है..
एक यह पत्रकार है जो बिना डरे खबरे पढ रही है और...
विश्व मे कुछ ऐसी भी नमुनी पत्रकार है कि खुद भी डरेंगी और पुरे देश को भी डराकर रखेगी और विश्व के सामने अपनी नाक कटवाएंगी 😷
#iranisraelwar#Iran
🇮🇳🇮🇳 #VinayDubeyMumbai 🇮🇳🇮🇳
ये मोहम्मद सगीर हैं। दिल्ली के खजूरी इलाक़े में डेयरी चलाते हैं। ईद उल अज़हा के मौक़े पर सुदर्शन के सु-R ने इनकी डेयरी का एक वीडियो नफ़रती दावे के साथ किया, उस वीडियो को नफ़रती कपिल मिश्रा ने भी पोस्ट किया। @DelhiPolice ने नफरती तत्वों के तमाम दावों को खारिज कर दिया। उधर @OnlineNewsIndi1 के पत्रकार @dharmender_sgh मोहम्मद सगीर की डेयरी पहुंच गए और दूध का दूध पानी का पानी कर दिया। अब सवाल यह है कि नफ़रती @KumaarSaagar और @KapilMishra_IND को @CPDelhi की पुलिस कब गिरफ्तार करेगी? इन नफ़रती लफांडरुओं ने नफ़रत फैलाकर सामाजिक सौहार्द की ऐसी तैसी करने का षडयंत्र किया है।