बीते दिनों में गुजरात पुलिस का क्रूर एवं सांप्रदायिक चेहरा कई बार सामने आया है। इस घटना से पहले एक गुजरात पुलिस का एक और वीडियो सामने आया था, जिसमें गुजरात पुलिस के लोग एक शख्स को गाड़ी के सामने खड़ा करके लाठियां बरसा रहे थे। जिस शख्स को पीटा जा रहा था, उस पर गौकशी का आरोप था। वह शख्स दर्द से चीख रहा था, लेकिन गुजरात पुलिस के लोग ��ाठियां बरसा रहे थे। अब यह घटना आपके सामने है, आरोप है कि बीफ रखने के आरोप में ज़हीर शेख की ज़ेरे हिरासत जान चली गई। क्या इसे हत्या कहा जाए?
अब सवाल यह है कि क्या मदर ऑफ डेमोक्रेसी में इंसान की जान की वैल्यू सिर्फ इतनी ही है कि उसे जानवर के नाम पर मार दिया जाए? अगर ज़हीर शेख की मौत पुलिस के टॉर्चर से हुई है, तो फिर क्यों ना इसे अखलाक हत्याकांड की पुनरावृत्ति माना जाए! और जिस युवक को गाड़ी के सामने ख���़ा करके जानवरों की तरह पीटा गया, क्यों ना उस घटना को ऊना दलित कांड की पुनरावृत्ति माना जाए? लेकिन सवाल यह है कि संज्ञान कौन लेगा? क्या इस देश की अदालतों के जजेस इन घटनाओं को नहीं देखते हैं? क्या उन्होंने कभी खुद से सवाल किया कि वो जज क्यों हैं?
@perfect_rizwan इतना ही जीव प्रेम निकल रहा है तो आओ बीफ एक्सपोर्ट बंद करवाओ पहले दम है तो 500-500 में ये गुंडे सिर्फ रोज हिंदी-मुस्लिम करने ही निकालते हैं।
@profsaritasidh@yadavakhilesh अमित शाह के बेटे में कौन सी योग्यता है जो बीसीसीआई का मुखिया बना है, यूपी में आए दिन ��ेप और शूट आउट के मामले होते रहते थे, क्या आप को दिखता नहीं
अशोक मोची ने गुजरात दंगो की आपबीती सुनाई , गुजरात दंगो का पोस्टर बॉय अशोक मोची आज भी मोची है , उनका कहना ह��� किसी भी धर्म के ठेकेदार ने आज तक मेरी मदद की ,
अशोक मोची ने बताया कैसे लोगो की दुकान जला दी गयी , उनकी दुकानों से सामान लूट लिया गया , उनके वाहनों को आग लगा दी गयी ,
द एक्टिविस्ट के पत्रकार वेद प्रकाश ने अशोक मोची का इंटरव्यू लेकर गुजरात दंगो की हकीकत बयाँ करदी ,
यह घटना यूपी के शामली के लिलौन गांव की है। लिलौन निवासी मोमीन के परिवार से इसी गांव का निवासी शिवम नामी एक शख्स रंजिश रखता है। रंजिश महज़ चुनावी है। लेकिन इस चुनावी रंजिश में शिवम ने ऐसी क्रूरता दिखाई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। बीते महीने मार्च की 10 तारीख को मोमीन के दो बच्चे घर से यह कहकर निकले कि वो खेलने जा रहे हैं। इन बच्चों को शिवम और उसके साथी नितिन और गोलू दोनों बच्चो को बहला फुसलाकर बडी नहर पर ले गए।
आरोप है कि इन तीनों ने दोनों बच्चों को पहले बेरहमी से पीटा और फिर नहर में फेंक दिया, चूंकि एक बच्चा तैरना जानता था तो वह अपने छोटे भाई को भी किसी तरह नहर से निकाल लाया। इसके बाद शिवम और उसके साथियों तीनों ने दोनों बच्चों को अपने घर में बन्धक बना लिया, और उन्हें निर्वस्त्र करके बेरहमी से पीट। बच्चों के साथ हो रहे अमानवीय एवं क्रूरता की सूचना पाकर मोमीन मौके पर पहुंचे, तो शिवम और उसके साथियों द्वारा उनके साथ भी गाली गलौज की गई। जिसके बाद मोमीन द्वारा @112UttarPradesh पर कॉल कर इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई। आरोप है कि पुलिस द्वारा आरोपितों के खिलाफ कोई कार्रावाई नहीं हुई है।
अब यहां से कई सवाल हैं। क्या @dgpup की @Uppolice बच्चों के साथ अमानवीय एवं क्रूर रवैया अपनाने वाले शिवम और उसके गुर्गों के खिलाफ सख्त ऐसी कार्रावाई करेगी जो नज़ीर बने? इस घटना को एक महीने से भी ज्यादा का वक्त बीत गया है, लेकिन आरोपितों पर कोई कार्रावाई तक नहीं हुई है, ऐसा क्यों? @myogiadityanath की @UPGovt में बच्चों के साथ क्रूरता करने वालो के साथ पुलिस इतना ढुल मुल रवैया क्यों अपनाए हुए है। इस मामले का @NCPCR_ को संज्ञान लेना चाहिए, दोषियों को ऐसी सज़ा मिले जो नज़ीर बन जाए।