@Bahari_Bihari घर का चूल्हा ठंडा हो रहा है,
रसोई का बजट दम तोड़ रहा है,
युवा रोजगार के लिए भटक रहा है,
किसान लागत का हिसाब लगा रहा है…
और सत्ता के चमचे-बेलचे फरमान लेकर घूम रहे हैं—
“पाव-पाव के नाम पर दीया जलाइए!” 😂
घर का चूल्हा ठंडा हो रहा है,
रसोई का बजट दम तोड़ रहा है,
युवा रोजगार के लिए भटक रहा है,
किसान लागत का हिसाब लगा रहा है…
और सत्ता के चमचे-बेलचे फरमान लेकर घूम रहे हैं—
“पाव-पाव के नाम पर दीया जलाइए!” 😂
जिसने देश का जीवन संवारा, उसको है आशीर्वाद हमारा।
🗓️ 17 सितंबर | ⏰ शाम 6 से 7 बजे
अपने घर, आंगन या मोहल्ले में 'आशीर्वाद का एक दीया' अवश्य जलाएं और माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी को दीर्घायु की शुभकामनाएं दें।
#AshirwadKaDiya#SevaSankalpAbhiyan
हिंदी में भी प्रधानमंत्री का पुर्जी से पढ़ - पढ़ कर बोलना राष्ट्रीय शर्म का विषय है ..
देश के लिए शर्म की बात है कि देश के प्रधानमंत्री बिना पुर्जी और टेलीप्रॉम्प्टर की मदद के एक शब्द हिंदी में भी नहीं बोल सकते l दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्षों से संवाद - वार्ता के दौरान भी अपनी भाषा हिंदी में भी प्रधानमंत्री का पुर्जी से पढ़ - पढ़ कर बोलना राष्ट्रीय शर्म का विषय है l
देश - दुनिया में अपनी काबिलियत का ढोल पीटने वाले अगर वैश्विक मंचों पर भी अपनी ही भाषा में बिना किसी मदद के दो शब्द सहजता से न बोल पाएँ , तो ये देश की किरकिरी कराने जैसी ही बात है l
हमारे देश की पहचान हमारी भाषाई विविधता है, ऐसे में अगर हमारे प्रधानमंत्री की हिंदी भी अगर पुर्जी की मोहताज हो जाए, तो सवाल उनके भाषाई ज्ञान और शैक्षिणक योग्यता का नहीं, देश की प्रतिष्ठता का बन जाता है।
UP के Balia की रागिनी की गुहार सुनिए DM साहब!
रागिनी जब 6 महीने की थी, तब एक्सीडेंट में उसका एक पैर टूट गया था।
7 बरस की बच्ची को 400 मीटर दूर स्कूल ऐसे जाना होता है। इस बच्ची को हारने मत देना DM साहब...
@UPGovt@dmballia
“मैं विधवा हूँ और मेरी बहू भी विधवा है, लेकिन हमें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलता।
प्रधान साफ़ कहता है, ‘तुम ठाकुर हो, तुम्हें किसी योजना की क्या ज़रूरत?’
अगर पात्रता के बावजूद केवल जाति के आधार पर किसी परिवार को सरकारी योजनाओं से वंचित किया जा रहा है, तो यह गंभीर भेदभाव है।
यही वह स्थिति है, जिसका सामना देश में कई आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण परिवार भी करते हैं, गरीबी और मजबूरी जाति देखकर नहीं आती।