@garrywalia_ The reason is you guys don't see it the second half which is always in Hindi, and yes English being used is not a problem because South India, NE are our eternal part too. Also who don't want to understand won't understand even in Hindi, Ladli Behna works for them.
@MPPoliceDeptt@mpcyberpolice this unknown person called me at midnight,and started talking vulgar, when I checked on Truecaller I found his repeated misconduct. Please take the necessary action.
सिर्फ एक बार के लिए हम सब हिंदू - मुसलमान, जनरल - दलित, सबकुछ भूलकर छात्र बनकर आगे आये और देखिये अंततः जीत मिल ही गई 🇮🇳🇮🇳🇮🇳 Now this is the unity we need 🤍
#NEETExamProtest#DharmendraPradhan resignation
@jaypanicker You pls shut up, parso 4 Indian ki killing hui hai na vo bhi Russian side se, Russia was our all weather friend pr tumne geopolitics bhi fuckup kr rhki hai so just shut up and do your work or pls don't do anything 🙏😭 tune sab desho se sambandh bigad diye
ये आंदोलन किसी केजरीवाल किसी दीपके किसी वांगचुक के बाप का नहीं है। छात्रों का आंदोलन है। जिस CJP के हाइप पर ये उछल रहे हैं, मत भूलिए कि उसके लिए राहुल गांधी पिछले 5 साल से मेहनत कर रहे हैं। फिर वो भारत जोड़ो यात्रा हो या न्याय यात्रा उन्होंने हमेशा यूथ को ही संबोधित किया है। यूथ को लेकर कितने ही कार्यक्रम किए हैं। मुझे याद आता है एक बयान उनका न्याय यात्रा के दौरान युवाओं को इंस्टाग्राम रील्स से दूर रहने और पढ़ाई लिखाई पर ध्यान देने को बोल रहे थे।
NEET के मामले पर सबसे पहला कदम अगर किसी नेता ने बढ़ाया था तो वो राहुल गांधी थे। ये दीपके, केजरीवाल और वांगचुक जैसे तमाम मौक़ाटेरियन कहीं नागपुर से संपर्क साधने की कोशिशों में व्यस्त थे तब से राहुल गांधी के नेतृत्व में NSUI और IYC के लड़के आंदोलन कर रहे हैं। 50 शहर मैं ख़ुद गिनवा सकता हूँ, छोटे से ट्विटर कीवर्ड्स डालकर आप भी देख सकते हैं कि कैसे NSUI और IYC के लड़के लाठियाँ खा रहे थे, वो भी जून महीने की 50 डिग्री वाली गर्मी में। ख़ुद राहुल गांधी ने इसे लेकर कोटा में कार्यक्रम उस दिन कर लिया था जिस दिन वांगचुक की अमित शाह से सेटिंग चल रही थी।
आज कोई केजरीवाल कोई दीपके कोई वांगचुक या उनकी बीवी या उनकी कोई संतानें आकर राहुल गांधी को ज्ञान देंगी, ये बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तुम ठेकेदार नहीं हो किसी छात्र आंदोलन के। छात्र ख़ुद डिसाइड करेंगे कि उन्हें राहुल गांधी का समर्थन चाहिए या नहीं चाहिए, और चाहिए तो किस form में चाहिए और कहाँ चाहिए। कोई वांगचुक आकर हमें ज्ञान नहीं दे सकता कि इममैच्युओर है राहुल गांधी का प्रोटेस्ट।
राहुल गांधी ने छात्रों की इस्तीफे की मांग हो या उन पर हुई बर्बरता के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग, बहुत मैच्योर तरीके से मोदी के सामने रख दी हैं। वांगचुक का कल का पत्र पढ़ लीजिए, ना धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मिलेगा उसमें और ना इस कार्रवाई की मांग।
सोनम वांगचुक एक बात गौर से समझ ले, तुम लद्दाख का सेंटीमेंट और लद्दाख की मांगें अमित शाह के यहाँ गिरवी रख चुके हो, छात्रों के सेंटीमेंट्स के साथ तुम्हें नहीं खेलने देंगे। छात्रों का सेंटीमेंट बिकाऊ नहीं है, और तुम्हारी नज़र में बिकाऊ हो भी तो राहुल गांधी के होते तो नहीं बिकने दिया जाएगा।
Chhatron ka gussa ground reporters pe na phoote, islie I petition to @aajtak@ZeeNews@ndtv@news24tvchannel@indiatvnews@TimesNow . SEND YOUR MAIN ANCHORS.
Send Anjana, Sudhir, Aman, Gullu, Sushant, Chitra, Rubika, Navika. Send them.
They are experienced. They will be able to control the crowd.
Government is losing it's hold. PM and HM are losing calm, firstly they run away from the parliamentary process and now detaining leaders to create emergency like situation
#RahulGandhi#Congress#AkhileshYadav