@IMinakshiJoshi बुर्के में ही खेल होना चाहिए क्या बुराई है ? अच्छा तो खेल रही हैं ये लोग । अबकी बार ऊंची कूद या लंबी कूद या फिर तैराकी का वीडियो भी डालियेगा । अब समय परिवर्तन का है। बहुत बढ़िया ।
@RubikaLiyaquat जिन्ना ने ठीक ही कहा था यहां मुसलमानो को अपने तरह से जीने की आजादी नहीं मिलेगी इसीलिए भारत देश को तोड़कर एक अलग देश पाकिस्तान मात्र मुसलमानो के लिए उनके मजहब शरीयत के अनुसार चलाने के लिए दे दिया। देखिए अब वहां मुसलमान कितना खुश है। पाकिस्तान की जय जयकार हो रही है।
अरे देखी जमाने की यारी ,
बिछड़े सभी बारी बारी ।
क्या लेके मिले इस दुनिया से ,
आंसू के शिवा कुछ पास नही ।
या फूल ही फूल ही थे दामन में ।
या कांटों की भी आस नही ।।
मतलब की दुनिया है सारी,
बिछड़े सभी बारी बारी।।
आज दिल बहुत भारी है ....
ॐ शांति :
@chitraaum आदरणीया चित्रा त्रिपाठी जी , प्रजातंत्र की सबसे बड़ी अच्छाई ही इसमें सबसे बड़ी बुराई की जनक है वो है बहुमत । जिसे अधिक मत प्राप्त होगा सरकार वही बनाएगा। क्षेत्रवाद और वर्गवाद ने आज की जनता को जाति एवं धर्म में विभाजित कर दिया है। इसलिए वो सही या गलत का निर्णय नही कर पा रही है।
@veteranvikrant शिक्षण कार्य के अलावा मैं राष्ट्र निर्माण हेतु पिछले 20 वर्षों से नवयुवकों को भारतीय सेना में विभिन्न पदों पर हजारों नवयुवकों को चयनित करवा चुका हूं।
वर्तमान में मैं एक डिफेंस संस्थान कैप्टन बत्रा क्लासेज प्राइवेट लिमिटेड का मैनेजिंग डायरेक्टर हूं।
@veteranvikrant आपको मैं अपना संक्षिप्त परिचय देना चाहूंगा ।
मेरा नाम नील कमल त्रिपाठी है
मैं डिपार्टमेंट ऑफ स्टेटिस्टिक्स ईश्वर सरन डिग्री कॉलेज इलाहाबाद विश्वविद्यालय में विभागाध्यक्ष के पद पर नियुक्त हूं।
@UPPCLLKO हमारे यहां गंगोत्री नगर नैनी प्रयागराज में रात्रि के समय वोल्टेज fluctuation और विद्युत कटौती देर रात तक होती रहती है जिससे यहां की जनता त्रस्त है। कृपया समस्या का निराकरण करें।
Yoga means union of self with beyond our physical dimension . This is not just a way to keep ourselves physically fit but to let us experience the bliss of life .We are lucky enough to have the mool mantra of yoga by AADI YOGI given by him 15000 years ago.
@AamAadmiParty गरीबों को राशन नहीं बल्कि सीधे zomato और swiggy को contract दे दिया जाय और ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर को सप्लाई करें । और जो भी बिल आए वो आप सरकार दे दे । क्योंकि राशन तो जनता का है ही । फिर सरकार क्या दे रही है अपने तरफ से। गरीब आपको दुआएं देंगे।
जनसंख्या नियंत्रण कितना जरूरी है ये अब भी न समझ आए तो ऐसे समाज की दुर्गति हो जाना ही नियति है। सीमित संसाधनों में असीमित अरमान नही पाले जा सकते। देश की ये दुर्दशा मुख्य रूप से असंतुलित जनसंख्या ही है।
आयुर्वेद एक जीवन पद्धति है यह एलोपैथी की भांति केवल बीमारी का इलाज करने तक ही सीमित नहीं है। दोनो पद्धतियां बिल्कुल भिन्न हैं ,दोनो की कोई तुलना नहीं है।