ये अरुण श्रीनिवास हैं, जो मेटा (Meta) के हेड हैं।
याद है, कुछ दिन पहले मेटा ने PM मोदी को ब्लॉक कर दिया था?
क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी फ़ीड पर भारत-विरोधी और नस्लभेदी रील्स की बाढ़ कैसे आ गई थी?
और वो सभी परेशान करने वाली और घिनौनी CJP-समर्थक रील्स?
वो रील्स जिनमें भारत में नेपाल जैसी हिंसक क्रांति की बात कही गई थी?
वो सभी वीडियो जिनमें आतंकवादी हमलों के लिए पाकिस्तान के बजाय BJP को ज़िम्मेदार ठहराया गया था?
ये सब कुछ अचानक नहीं हुआ; यह सब इस गद्दार और पीठ में छुरा घोंपने वाले अरुण श्रीनिवास की देखरेख में हो रहा था।
आख़िरकार, हैदराबाद (तेलंगाना) में उनके ख़िलाफ़ FIR दर्ज की गई है।
सच है कि हिंदू ही हिंदुओं के सबसे बड़े दुश्मन हैं।
दुनिया में वेश्यावृत्ति की उच्चतम दर वाले 10 देश
1. थाईलैंड (बौद्ध)
2. डेनमार्क (ईसाई)
3. इटालियन (ईसाई)
4. जर्मन (ईसाई)
5. फ्रेंच (ईसाई)
6. नॉर्वे (ईसाई)
7. बेल्जियम (ईसाई)
8. स्पेनिश (ईसाई)
9. यूनाइटेड किंगडम (ईसाई)
10. फिनलैंड (ईसाई)
दुनिया में सबसे ज्यादा शराब की लत वाले 10 देश
1) मोल्दोवा (ईसाई)
2) बेलारूसी (ईसाई)
3) लेथुआनिया (ईसाई)
4) रूस (ईसाई)
5) चेक गणराज्य (ईसाई)
6) यूक्रेनी (ईसाई)
7) अंडोरा (ईसाई)
😎 रोमानियाई (ईसाई)
9) सर्बियाई (ईसाई)
10) ऑस्ट्रेलिया (ईसाई)
विश्व में सर्वाधिक हत्या दर वाले देश
1. होंडुरास (ईसाई)
2. वेनेज़ुएला (ईसाई)
3. बेलीज़ (ईसाई)
4. एल सावाडोर (ईसाई)
5. गुएटामाला (ईसाई)
6. दक्षिण अफ़्रीका (ईसाई)
7. सेंट किट्स एवं नेविस (ईसाई)
8. बहामास (ईसाई)
9. लेसोथो (ईसाई)
10. जमैका (ईसाई)
दुनिया के सबसे खतरनाक गैंगस्टर के नाम
1. याकूज़ा
2. एग्बेरोस (ईसाई)
3. वाह सिंग (ईसाई)
4. जमैका पोज़ (ईसाई)
5. प्राइमिरो (ईसाई)
6. आर्यन ब्रदरहुड (ईसाई)
7. रक्त (ईसाई)
8. 18वीं स्ट्रीट गैंग (ईसाई)
9. मुंगिकी (ईसाई)
10. मारा साल्वारुचा (ईसाई)
दुनिया में ड्रग कार्टेल के बड़े नाम
1. पाब्लो एस्कोबार-कोलंबिया (ईसाई)
2. अमाडो कैरेलो-कोलंबिया (ईसाई)
3. कार्लोस लेहडर-जर्मन (ईसाई)
4. ग्रिसेल्डा ब्लैंको-कोलंबिया (ईसाई)
5. जोक्विन गुज़मैन-मेक्सिको (ईसाई)
6. राफेल कारो- मेक्सिको (ईसाई)
दुनिया के 10 सबसे बड़े आतंकी संगठन
1. इस्लामिक स्टेट (ISIS)
2. अलकायदा
3. तालिबान
4. तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान
5. बोको हराम
6. अल नुस्रा फ्रन्ट
7. हिजबुल्लाह
8. हमास
9. कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK)
10. रिवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेस ऑफ कोलंबिया
लेकिन भारत में हिंसा का कारण "हिंदू धर्म" को माना जाता है...!!!!
फिल्म चाइना गेट में अमरीश पुरी ने नसरुद्दीन शाह को कहा था कि तेरा तो खून ही गंदा है।
जब जांच पड़ताल की गई तो पता चला नसीरुद्दीन शाह का खून तो हिंदुस्तानी है ही नहींm इसका परदादा अफगानिस्तान से आया था और रानी लक्ष्मीबाई के साथ गद्दारी किया था, जिससे खुश होकर अंग्रेजों ने उसे मेरठ के पास एक जागीर दे दी और नवाब का किताब भी दे दिया था। बटवारा के समय यह पाकिस्तान नहीं गए क्योंकि इसका बाप यहां पर नयाब तहसीलदार था। अच्छी कमाई थी। उसे भारत से प्यार नहीं था। नसरुद्दीन ने प्रधानमंत्री के लिए जो शब्द कहे हैं उसे साबित हो गया कि इसे भी भारत से प्यार नहीं है। अमरीश पुरी की बात सही साबित कर दिया।
जय हिंद, जय भारत।
प्रिय भारतवासियों,
आपकी इतिहास की किताबों में वर्षों तक मुगल शासकों का महिमामंडन किया गया था।
जब धर्मेंद्र प्रधान ने NCERT की पुस्तकों से उन विदेशी आक्रमणकारियों का महिमामंडन करने वाले हिस्सों को हटाया, तब से ही विदेशों में बैठी ताकतवर लॉबी लगातार उन्हें निशाना बना रही थी।
इसलिए धर्मेंद्र प्रधान के योगदान को कभी मत भूलिए।
: रेनी लेन, अमेरिकी लेखक
एक बात कहनी है.
पिछले दिनों जंतर मंतर पर हमने Gen Z के नाम पर बिगड़ी औलादों, बद्तमीज जमात और बेहूदा लोगों को देखा।
गालीबाज लोग, जिनमे ना संस्कार, ना कोई सहूर, बस बकैती करवा लो...
यह सब देख कर लगता है, कि जिंदगी में कुछ उखाड़ा हो या नहीं, लेकिन बच्चों को सही रास्ते पर डाला है.
मेरा बेटा Gen Alpha है, घर में ढेरों alpha हैं, कुछ Gen Z भी हैं, मेरे प्यारे दोस्तों के बच्चे भी Gen Z और Gen Alpha हैं।
और डंके की चोट पर कहता हूँ, सबके सब देशभक्त, सेना का सम्मान करने वाले, साफ सुथरे, चरित्रवान, माँ बाप का सम्मान करने वाले, बड़े बूढ़े लोगों का सम्मान करने वाले और 100% मोदी भक्त हैं।
हमने पैसा कितना कमाया, हमने प्रॉपर्टी कितनी खरीदी, कितनी कार ली, बैंक बैलेंस कितने हुआ, कोई फर्क नहीं पता। अगर आपके पास एक सभ्य और देशभक्त बच्चा नहीं, सब बर्बाद है।
यह देख कर मुझे अपने पर, अपने परिवार पर और अपने मित्रों पर गर्व है कि हमने जिंदगी में और कुछ उखाड़ा हो या नहीं, लेकिन कम से कम ऐसी Generation पैदा करी है, जो हमारे भारत के लिए कुछ भी कर गुजर जायेगी। सेना के लिए सर कटा लेंगे, हिंदुत्व के लिए आहुति दे देंगे।
मानव योनि में और भारतवर्ष में पैदा हुए हैं, इतना करना तो हमारा सामाजिक और नैतिक दायित्व है। जिसे हमने सफलता से पूरा किया है ❤️❤️
अब CJP के गुंडों पर असली मुसीबत आने वाली है!! 🔥
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक NGO को अनुमति दी है कि CJP प्रदर्शनकारियों द्वारा सार्वजनिक और निजी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा वसूली का केस दायर करे।
जिन लोगों ने सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, उन्हें हुए नुकसान का मुआवजा चुकाना होगा।
देखना इन दो कौड़ी के गुंडों का घर मकान और किडनी तक बिक जाएगी मुआवजा भरने में 😅😅
ये हैं हनुमान मंदिर, कनॉट प्लेस (दिल्ली) के महंत।
उनके अनुसार, हनुमान मंदिर के गेट कभी बंद नहीं किए गए थे और प्रदर्शनकारी अंदर घुस आए।
मंदिर में घुसने के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने सनातन धर्म और श्री राम के खिलाफ गालियाँ दीं, और बाद में पत्थर भी फेंके।
इसे जितना हो सके उतना शेयर करें।
सोनम वांगचुक जैसे लोग विदेशी एजेंडा चलाने वाले एनजीओ के चेहरा भर हैं।
अनशन का नाटक करके देश को अस्थिर करने की कोशिश, लेकिन केंद्र सरकार ने सख्ती दिखाई है।
गृह मंत्री अमित शाह जी और भाजपा सरकार ने एफसीआरए संशोधन कर के इन विदेशी चंदे पर पलने वाले संगठनों की कमर तोड़ दी है।
अब न पैसा आएगा, न साम्राज्य बचेगा।
सीजेपी और ऐसे ही संगठन लंबे समय से सनातन संस्कृति, हिंदू समाज और राष्ट्रहित के खिलाफ षड्यंत्र रचते रहे हैं।
अब इनके खेल का अंत हो रहा है। सरकार का यह कदम देश की सुरक्षा और स्वाभिमान के लिए जरूरी था।
जिनकी संपत्ति विदेशी चंदे से बनी है, वह अब राष्ट्र के ट्रस्ट में जाएगी। यह न्याय है।
भारत माता की जय! सनातन की रक्षा में मजबूत कदम के लिए अमित शाह जी और मोदी सरकार को कोटि-कोटि धन्यवाद।
वांगचुक ने बिना किसी तिलचट्टे को खबर किए अनशन तोड़ दिया,
पुलिस के लव लेटर अब दंगाइयों के घर पहुंचने शुरू हो गए, बेचारे वीडियो डाल डाल के माफ़ी मांग रहे हैं....
तो कुल मिला के किरान्ति की असली शुरुआत अब हुई है। अब पता चलेगा कि पुलिस के लव लेटर का क्या मतलब होता है।
लेकिन.....
क्या ये जो कुछ भी हुआ उसकी वजह Paper leak था ?? वो तो पहले भी होते रहे हैं। असल वजह कुछ और थी, जिसका नाम FCRA है।
शुरू से समझते हैं....
2004 मे जब कॉंग्रेस की सरकार बनी थी तब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने थे।
लेकिन सब जानते हैं कि वो सिर्फ एक मुखौटा थे असली सरकार NAC ( National Advisory Committee) चला रही थी जिसकी मुखिया थी उनकी राजमाता, और इस NAC के पीछे अधिकांश NGO थे जो विदेशों से चंदा लेते थे।
बेहिसाब चंदा और देने वाले उनसे अपना मकसद पूरा कर रहे थे, भारत की तरक्की को रोकने का मकसद, भारत को तोड़ने का मकसद, सनातन को खत्म करने का मकसद....
2010 के बाद इन विदेशी दानदाताओं को ये समझ मे आ गया कि कॉंग्रेस के प्रति जनता मे बेहद नाराजगी है और वो सत्ता मे वापस नहीं आने वाली।
मोदी की लोकप्रियता चरम पर है....
तब उन्होंने अपने ही कुछ मोहरों को आगे किया। आप याद कीजिए, हैंडसम सिसोदिया और नटवरलाल NGO वाले हैं। कबीर और परिवर्तन इनके NGO हैं। और यही क्यूँ, इनकी पूरी पार्टी ही NGO की पार्टी है।
तो मकसद ये था कि कॉंग्रेस से नाराज वोटर सीधा मोदी की तरफ ना चला जाए, उसमे से कुछ उसके मोहरों की तरफ shift हो जाए ताकि मोदी अगर आए भी तो कमजोर सरकार के साथ....
जैसे अटलजी आए थे......
लेकिन ऐसा हुआ नहीं, देश की जनता ने एकतरफा फैसला सुनाया और इनके सारे किए धरे पर पानी फिर गया। यहां से इनके पतन की शुरुआत होती है, जो 2020 मे FCRA के संशोधन तक पहुंचती है.....
● FCRA कानून इंदिरा गांधी की सरकार ने Emergency के दौरान बनाया था। विदेशी फंडिंग को रोकने के लिए...
● 2020 मे सरकार ने इसमे संशोधन करके NGO के प्रशासनिक खर्च यानि उनका खुद का खर्च 50% से घटाकर 20% कर दिया। सारी विदेशी फंडिंग अब दिल्ली के एक SBI ब्रांच मे ही आएंगी। आधार जरूरी किया।
● इस संशोधन के बाद लगभग 6000 NGO के लाइसेंस रद्द हुए। 2019-20 के दौरान भी लगभग 2000 NGO के लाइसेंस रद्द हुए। और सरकार के सामने एक नई समस्या खड़ी हुई कि जिनके लाइसेंस रद्द हुए हैं। उनकी संपत्ति का क्या करें.??
ये जो पूरे देश में चर्च, सेंट जेवियर, सेंट मार्टिन जैसे स्कुल-कॉलेज खोल रखे हैं उनका क्या किया जाए..??
● तो अब सरकार एक संशोधन लाना चाहती है कि यदि, यदि किसी NGO का लाइसेंस रद्द हो जाए तो विदेशी फंड से बनी सारी संपत्ती सरकार द्वारा बनाए गए ट्रस्ट के पास चली जाएंगी।
सारा फसाद इसी बात का है....
अब ना पैसा आ पाएगा और ना यहां जो empire बना रखा है वो बचेगा। ये तो सड़क पर आ जाएंगे, आ जाएंगे क्या, आ गए......
सबसे बड़ा नेता मोदी के घर के सामने जमीन पर लोट रहा है। चमचे बीच चौराहे नंगे नाच रहे हैं। मुजरा कर रहे हैं। पागलों जैसी हरकते कर रहे हैं। क्या बोल रहे हैं, उन्हें खुद नहीं पता....
इतिहास पूछेगा - "कितने आदमी थे"
ज़वाब मिलेगा - "सरदार सिर्फ 2.. और उन दोनों ने ही पूरे के पूरे विपक्ष को पागल बना के सड़क पर नचा दिया था"
जय श्रीराम 🙏🚩
👉🏾 FSL टीम यानी कि फॉरेंसिंक साइंस लेबोरेटरी की... 🕺🎯💪
जो, हर गाड़ी पर कॉकरोचों आतताईयों के हाथ के निशान ढूंढ रही है,
हर उस पुलिस के वर्दी से निशान ढूंढ रही है, और --
सड़क पर पड़े गमले से निशान ढूंढ रही है जो जिसे छद्म कॉकरोचों ने छुआ था.
ये प्रमाण है इस बात का कि... जो भी उकसावे मैं आकर पुलिस से बदतमीज़ी कर रहे थे, हाथ उठा रहे थे, पत्थर बरसा रहे थे....
उनका जीवन शुरू होने से पहले बर्बादी की ओर आगे बढ़ जाएगा,
और जो जेल से छुटाने की बात कर रहा था @ArvindKejriwal कि बड़े से बड़े वकील खड़ा कर निकाल लाऊँगा तो पहले यह जान लो सैकड़ों aap कर्ता अभी भी जेलों में सड़ रहे हैं इस सड़ जी के वादे के चक्कर में 😜
आंदोलनजीवी को तो आप सभी जानते हैं
लेकिन उनकी पत्नी मधुलिका बैनर्जी कम दिखती हैं
क्योंकि वो अधिकांश समय लिटरेरी फेस्टिवल में शामिल
होने के कारण बिजी रहती हैं इसमें वो पाकिस्तान में भी यह
समारोह आयोजित करतीं रहीं हैं ........
इन दोनों की एक बेटी भी है जिसका नाम सूफी है
वह आपको कहीं भी कॉकरोच प्रदर्शन में नजर नहीं आएगी
क्योंकि सूफी लंदन में आलीशान जीवन जी रही है और यही
योगेंद्र यादव जब भीड़ दंगा कर रही थी तब उसे दंगे को लेकर बहुत खुशी मना रहे थे कि वह क्या शानदार दृश्य है...
मैं हमेशा ऐसी बातों पर आश्चर्य व्यक्त करता रहा हूं
दूसरों की संतानों का भविष्य खराब करके कितने दिन खुश रहेंगे ऐसे लोग, एक दिन तो लपेटे में जरूर आएंगे, क्योंकि
पीढ़ियों को कर्मफल लौटकर आता जरूर है....!!
🚨 ✅एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर ने खुलासा कर दिया जिसका लंबे समय से शक था!
“बटला हाउस, सीलमपुर, शाहदरा, शाहीन बाग, ओखला से मोबिलाइजेशन हो रहा है… पुलिस को पीटने और अराजकता फैलाने के लिए। ये शाहीन बाग 2.0 बनाने की साजिश है!”
अब सच्चाई सामने आ गई है। ये छात्र आंदोलन नहीं, प्लान्ड अराजकता है।
#ShaheenBagh2 #DelhiProtests #BatlaHouse #AntiNational