माननीय शिक्षा मंत्री @mkrtiwari_bjp जी सभी शिक्षकों की मांग है स्कूल का टाइमिंग बदला जाए । विद्यालय का समय 8 बजे से 2 बजे तक किया जाए जिससे बच्चों को भी शाम में खेलने का पर्याप्त समय मिलेगा और शैक्षणिक गतिविधि पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा । @samrat4bjp
बिहार सरकार ने वार्षिक कैलेंडर में 1 जून से शिक्षकों के अवकाश की घोषणा की थी, लेकिन अवकाश शुरू होने से ठीक पहले 1 से 5 जून तक आवासीय प्रशिक्षण का आदेश जारी कर दिया। जब शिक्षकों को प्रशिक्षण में उपस्थित रहना है, तो इसे अवकाश कैसे माना जा सकता है? सरकार को इस विरोधाभासी निर्णय पर पुनर्विचार कर शिक्षकों को घोषित अवकाश का वास्तविक लाभ सुनिश्चित करना चाहिए।
#biharteacherstransfer
@DrMadanMohanJha@INCBihar@Bihartet19
@NitishKumar माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि हाजीपुर और पटना को मेट्रो सेवा से जोड़ा जाए। इससे रोज़ाना यात्रा करने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी, ट्रैफिक कम होगा और दोनों शहरों का विकास तेज़ होगा।
कृपया जनहित में इस पर विचार करें।
#Hajipur#Patna#Metro#BiharDevelopment
बिहार विधानसभा के बजट सत्र में टीचर ट्रांसफर पॉलिसी का मुद्दा उठा.
इस पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने इस ट्रांसफर की प्रक्रिया को और आसान करने की बात कही. कहा कि म्यूचुअल ट्रांसफर विकल्प एक बार फिर लाकर इच्छुक शिक्षक अपने मुताबिक ट्रांसफर ले सकते हैं लेकिन, ये शर्त है कि उक्त स्कूल का भी शिक्षक उक्त शिक्षक के स्कूल में ट्रांसफर चाहता हो.
बिहार विधानसभा में टीचर ट्रांसफर पॉलिसी मामला : सरकार की दलील से स्पष्ट है कि सरकार स्कूल में शिक्षकों की कमी पर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है. बिहार विधानसभा में टीचर ट्रांसफर पॉलिसी पर बोलते हुए शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि इसमें पुनर्विचार किया जा रहा है. उन्होंने शिक्षकों के परस्पर तबादले यानी म्युचुअल ट्रांसफर पॉलिसी का पोर्टल फिर से शुरू करने के भी संकेत दिए.
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार : शिक्षा विभाग द्वारा कुल एक लाख 27 हजार 240 शिक्षकों का ट्रांसफर किया गया हैं. सबसे पहले 690 वैसे शिक्षकों का ट्रांसफर किया, जो असाध्य रोग से ग्रसित हैं. टीआरई 1 के तहत 45 हजार 677 और टीआरई 2 के तहत 28 हजार 237 शिक्षकों का ट्रांसफर किया.
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार : टीआरई 1 और टीआरई 2 के तहत जिन शिक्षकों का ट्रांसफर किया गया, वे शिक्षक एक साल के प्रोबेशन पर थे. टीआरई 3 वालों का प्रोबेशन जून-जुलाई में खत्म होगा. उसके बाद इनका ट्रांसफर होगा. दूरी को देखा जाएगा और वैसे क्षेत्र जैसे बांका का बेलहर, कैमूर और जमुई के कम लोगों के क्वॉलिफाई किया है. उन सब बातों को भी देखना है और फिर जून जुलाई तक टीआरई 3 का निश्चित रूप से ट्रांसफर हो जाएगा.
संदीप सौरभ : वहीं, पालीगंज से भाकपा माले के विधायक संदीप सौरभ ने सवाल किया कि टीआरई 3 के बाद दो और बहाली हुई है, प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक की. दोनों का ट्रांसफर का विकल्प सरकार ने खोल रखा है. लेकिन टीआरई के लिए ट्रांसफर का विकल्प नहीं है. एक साल से ज्यादा बहाली का हो चुका है. ऐसे में इन लोगों को अपने गृह जिले से 200, 300 और 500 किलोमीटर का पोस्टिंग दिया गया है.
संदीप सौरभ : संदीप सौरभ ने कहा कि बक्सर के लोगों को पूर्णिया, पूर्णिया के लोगों को रोहतास, इस तरह से पोस्टिंग की गई है. उनमें कई महिलाएं है, जिनके पास विकल्प नहीं है. ऐसे में सरकार उसे जल्द से जल्द शुरू करें. इसके साथ ही कहा कि सरकार ने म्युचुअल ट्रांसफर पॉलिसी शुरू किया था. लेकिन अचानक से म्युचुअल ट्रांसफर पॉलिसी का विकल्प भी बंद कर दिया गया, ऐसा क्यों?
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार : इसके जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि, प्रोबेशन के बाद टीआरई 1 और टीआरई 2 की तरह टीआरई 3 का भी ट्रांसफर शुरू हो जाएगा, जबकि म्युचुअल ट्रांसफर पॉलिसी एक समय तक खुला था, एक बार फिर से उसपर विचार किया जाएगा.
बिहारी छात्र और क्षेत्र के सम्मान मे बहादुरपुर विधानसभा से मैं छात्र नेता दिलीप कुमार निर्दलीय चुनाव लड़ने जा रहा हूं।
जय युवा, जय बिहार ।
#BiharElections2025#दरभंगा#बहादुरपुर
क्यों जरूरत है शैक्षणिक योग्यता
AEDO पद हेतु शैक्षणिक योग्यता में सुधार जरूरी।
1.केवल B.Ed डिग्री धारकों को अवसर दिया जाए।
2.एजुकेशन डिपार्टमेंट के कार्य हेतु शैक्षिक पृष्ठभूमि अनिवार्य।
3.B.Ed/शिक्षा से जुड़ी डिग्री से अधिकारी छात्रों व शिक्षकों की समस्याएँ बेहतर समझ सकेंगे।
माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी से निवेदन है कि आज शिक्षक दिवस पर बिहार के शिक्षकों की वाजिब मांगों को मान लिया जाए।🙏
#Central_Pay_For_Bihar_Teachers
चुनावी साल होने के बावजूद अभी तक ना ही विशिष्ट शिक्षकों को सेवा निरंतरता मिला और ना ही सभी शिक्षकों को 7th पे का लाभ, शिक्षक मुख्यमंत्री जी के तरफ़ हर रोज़ उम्मीद से देख रहे की शायद घोषणा हो जाए लेकिन अभी तक निराशा ही हाथ लगी है । 6 लाख शिक्षकों एवं उनके परिवारों को उम्मीद है कि अन्य विभागों के भाँति शिक्षकों के लिए भी मुख्यमंत्री जी घोषणा करें ।
@NitishKumar
शिक्षक का दर्द वही समझ सकता है
जो कम वेतन में भी अपना जीवन बच्चों की किताबों को समर्पित करता है।
सरकार से हाथ जोड़कर विनती हमारा हक़ दीजिए,
#CentralPayForBiharTeacher
होमगार्ड का वेतन 34000 और बीपीएससी से भर्ती करके राज्यकर्मी बनाकर शिक्षक को 35000 यह कहां का नियम है ।सब का वेतन बढ़ रहा है शिक्षक को सातवां वेतनमान क्यों नहीं ? @NitishKumar@NitishCares@CMBiharNK@sunilkbv
सबका वेतन वृद्धि हो रहा है,लेकिन शिक्षकों के जायज़ मांग 7वें वेतनमान को अनदेखा कर दिया जा रहा है ।
सभी संविदा कर्मी,ड्राइवर,परिचारी,होमगार्ड आदि का वेतन कथित राज्यकर्मी BPSC जैसे प्रतिष्ठित आयोग से चयनित होकर आए हुए विद्यालय अध्यापक के वेतन के बराबर या अधिक हो गया है।
यह बिहार में ही संभव है कि संविदाकर्मी का वेतन राज्यकर्मी से अधिक है। बिना सातवें वेतनमान दिए हुए राज्यकर्मी बनाना सिर्फ कर्मचारियों को ठगने जैसा है ।
चुनाव से पूर्व 5 लाख से अधिक विद्यालय अध्यापक - विशिष्ट शिक्षक आपको सातवां वेतनमान मिलना ही चाहिए!!
@NitishKumar@BiharEducation_@sunilkbv@NitishCares
#7thpayforBPSCTeachers
#7thPayForBiharTeachers