स्व.दुर्गा सोरेन ने दिशोम गुरु के साथ मिलकर विकसित और समृद्ध झारखंड का सपना देखा था।उन्होंने अपना बचपन और युवा अवस्था राज्य के लिए न्योछावर कर दिया।संघर्षाें की बदौलत अलग झारखंड मिला, पर अब भी कई सपने अधूरे हैं।दुर्गा सोरेन सेना ने जनता की आवाजों को बुलंद करने का निर्णय लिया है।