अक्सर लोग मुझसे #न्यू_वर्ल्ड_ऑर्डर का समाधान पूछते हैं तो मैं उन्हें बताता हूं एकमात्र समाधान #गांधीजी हैं लेकिन गांधीजी का इतना दुष्प्रचार किया गया है कि लोग गांधी का नाम सुनते ही नाक भौं सिकोड़ने लगते हैं..याद रहे शक्ति का #केंद्रीकरण ही समस्या है और #विकेंद्रीकरण ही समाधान है.
लोकतंत्र में पत्रकार का धर्म है सत्ता से सवाल पूछकर उसे उसका राजधर्म याद दिलाना इसके अलावा पत्रकारिता के नाम पर किया जाने वाला कार्य विशुद्ध रूप से मनोरंजन है, चाटुकारिता है, दलाली है।
जो महिला आरक्षण बिल 2023 में ही पारित हो चुका है उसके लिए 2026 में अब क्यों विलाप किया जा रहा है? दूसरी बात महिलाओं की इतनी ही चिंता थी तो बिल 2023 में पारित होने में बावजूद क्यों नहीं 2024 के चुनावों में इसे लागू किया गया? किसका इंतज़ार था?
Remember when they assured you repeatedly that the mRNA injections were "safe and effective", even though no long term safety data even existed to back up that assertion?
कितने दोगले लोग हैं। जब तक शंकराचार्य जी ने इनकी आलोचना नहीं की थी तब तक वह शंकराचार्य ही थे और जब गौहत्या पर सवाल किए तो फर्जी शंकराचार्य हो गए।अविमुक्तेश्वरानंद जी शंकराचार्य की हैसियत से गोरखनाथ मंदिर में पूजा करते हुए और यह ऑफिसियल पेज द्वारा डाला गया चित्र है #Shankracharya
कितने तेजस्वी लोग हैं😀
कहाँ से आते हैं ये? इस आदमी को ज़रा भी डर नहीं लग रहा श्राद्ध पक्ष चल रहा है और ये...आजकल तो आर्यभट्ट, रामानुजन, ब्रह्मगुप्त जैसे गणितज्ञों का आकाश लोक से सीधे धरती की ओर फोकस होगा।
इंदौर के एक रेस्टोरेंट में एक परिवार ने भोजन की डिमांड की, वेटर भोजन लेकर आया परिवार भोजन परोसने की तैयारी ही कर रहा था कि परिवार के मुखिया को अटैक पड़ गया और उनकी मौत हो गई। सोचिए परिवार के सदस्यों पर क्या बीती होगी। ईश्वर किसी के साथ ऐसा न करे। #vaccinesideeffects
@ajeetbharti जब तक तुम्हें यह समझ नहीं आएगा कि 'हिन्दू धर्म को सरकार नहीं केवल हिन्दू ही बचा सकते हैं' तुम्हें कुछ नहीं समझ आएगा. 1 पोस्ट में तुम सरकार की बुराई करते हो और उसके बाद 9 पोस्ट सरकार की तारीफ में या विपक्ष की आलोचना में करते हो. केवल और केवल अपनी सरकार समर्थक छवि कायम रखने के लिए.
"I try to make it as interesting as possible." मीडिया आपके लिए युद्ध को इंटरेस्टिंग बना रहा है, मीडिया किस काम में लगा है आप समझ सकते हो। मीडिया किसका है? किसके लिए काम करता है? बताने की ज़रूरत नहीं। ज़रूरत है तो बस इस बात की कि आप सोचें वो ऐसा कर क्यों रहे हैं?
पहलगाम हमला डीप स्टेट का अपने प्यादों को मज़बूती प्रदान करने के लिए किया गया सुनियोजित हमला है। वर्तमान परिस्थितियों में इस हमले का एक ही मकसद है पूरे भारत में यह संदेश भेजना कि 'मुसलमान ने हिन्दू को मारा'।
ईसाई धर्मगुरु पॉप फ्रांसिस की मृत्यु पर भारत में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा होती है जबकि हिन्दू धर्म के श्रेष्ठ धर्मगुरु के निधन पर राष्ट्रीय शोक की मांग की जाती है तब भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया जाता। ये प्रमाण है कि भारत आज भी गुलाम है। #popfrancisdeath
82 साल के इस आदमी को लोग महानायक कहते हैं। इनके पास न धन संपत्ति की कमी है, न मान प्रतिष्ठा की कमी है बस इन्हें कुछ फॉलोवर्स की कमी पड़ रही है इनके 49 मिलियन फॉलोवर्स हैं और ये महाशय इस आंकड़े को 50 मिलियन पहुंचाना चाहते हैं। तृष्णा तू न गई मन से...
यही तो मकसद था फास्टैग तो केवल शुरुआत के लिए था असल उद्देश्य तो वाहनों पर मेंडेटरी जीपीएस टैगिंग है जो अब जल्द पूरे देश के वाहनों पर लागू की जाएगी जिसके माध्यम से आपकी हर एक्टिविटी पर निगरानी रखी जाएगी अब सरकार के हाथों से कोई बच नहीं पाएगा। #Totalcontrol#surveillance_state#NWO
@JK331985@ajeetbharti ये भ्रम है आपका पहले भी ये सब होता था. बस अब इस सबके वीडियो लोगों के सामने आ रहे हैं. दूसरी बात आप ये क्यों सोचते हो कि बड़ी बात है कि मोदी के कार्यकाल में हमें गाय बचाने का मौका मिल रहा है आप ये क्यों नहीं सोचते कि मोदी के कार्यकाल में गाएं कट क्यों रही हैं? 10 साल बाद भी क्यों?
अज्ञान केवल दुःख का ही कारण नहीं होता कई बार यह असमय मौत का भी कारण होता है और वर्तमान समय में अकाल काल कवलित होते लोगों की मौत का कारण यही अज्ञान है। वास्तव में यह विज्ञान की धर्म पर जीत है। आज विज्ञान ने आदमी की आंखें ऐसे चौंधिया दी हैं कि उसे जीवन का सत्य कहीं नज़र नहीं आ रहा।