जब रेप दोषियों को राहत मिलती है,तो डर सिर्फ एक परिवार में नहीं पूरे समाज में फैलता है।आज पीड़िता सड़कों पर है —और सवाल सिस्टम से है।
#JusticeForUnnaoVictim
अरावली विश्व की सबसे प्राचीनतम पर्वतमाला है इसे बचाना हमारा कर्तव्य और धर्म है...
अरावली मरूस्थल प्रसार को रोकती है ... तापमान और जलवायु को सन्तुलित करती है...🙏🏻
अरावली बचाओ ✅️
@HansrajMeena@narendramodi खोदकर फोड़कर काटकर बेचकर चाटकर छीनकर चीरकर फाड़कर लड़वाकर मारकर ....चाहे जो भी हो हम आपको विकसित करके छोड़ेंगे। उसके बाद आने वाली पीढ़ियों रहने मंगल ग्रह पर चली जाएंगी।
“100 मीटर नहीं, 100 पीढ़ियों का सवाल है अरावली।”
आज प्रकृति हारी तो कल इंसान हारेगा।
अरावली कोई आँकड़ा नहीं, यह पानी, हवा और जीवन की ढाल है।
#SaveAravali#SaveAravaliHills#अरावली_बचाओ
देश की राजधानी में मौजूद सबसे बड़े प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय @UnivofDelhi पर इतने गंभीर आरोप लगाती इस छात्रा का एक वीडियो वायरल है. डीयू और प्रशासन तत्काल जाँच करे कि क्या मामला है. अगर ये लड़की सही बोल रही है, तो आरोपी प्रोफ़ेसर को तत्काल कठोर सजा मिले.
बाक़ी #प्रोफ़ेसर_की_डायरी में मैंने उन तमाम आने वाली ऐसी मुश्किलों को बता दिया था कि अभी देश के ये विश्वविद्यालय बर्बादी के मुहाने पर खड़े हैं. आगे और बर्बाद होंगे. मगर इतनी जल्दी और ऐसी क़िस्म की बर्बादियाँ होंगी, सोचा न था. ये देखकर शर्मिंदगी है हमें कि एक समय ये हमारा कैंपस था.
शिक्षा की तबाही के इतने रूप हैं कि कैम्पसों के बाहर के लोग हैरान रह जाएँगे. हर क़िस्म के भ्रष्टाचार, अमानवीयता और धांधली के अड्डे बन चुके हैं ये कैंपस. सत्ता जानबूझकर ऐसा कर रही. सोचने समझने वाली जगहें जब बर्बाद या ग़ुलाम हो जाएँगी, तभी तो पाखंडी अंधभक्त भीड़ पैदा होगी.
मैं कामना करता हूँ कि ये वीडियो झूठी हो. हम इसकी पुष्टि नहीं करते, मगर अकादमिक संस्थान पर ऐसी वीडियो सामने आए तो इस पर बात ज़रूर करनी चाहिए ताकि जाँच तो हो. इसकी सच्चाई तो प्रशासन बताएगा. मगर यदि यह सही है, तो शर्मनाक है. भयावह है.
हमारे पास इतनी पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए कि सभी लोगों को मुसीबत में तुरंत मदद मिल जाए चाहे फायर ब्रिगेड हो या एम्बुलेंस की बात हो या फिर पुलिस या कोई और जरूरत। हम अभी इस पर अटके हैं कि पहले कहां? हम सबको सोचने का तरीका बदलना होगा तभी देश बदलेगा।
स्कूल अब ज्ञान के मंदिर नहीं, बिज़नेस सेंटर बन गए हैं हर क्लास की कीमत तय है, यूनिफॉर्म की दुकान तय है, किताबों का प्रकाशक तय है बस बच्चे का भविष्य तय नहीं l
वाल योगी ने सबके मन की बात बोल दी।
बाल योगी ने आगरा में प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ और सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए जो रचनात्मक प्रदर्शन किया, वो तारीफ के लायक है। जब शिक्षा एक बिज़नेस बनती जा रही है, तब ऐसे लोग ही बच्चों के हक़ की सच्ची आवाज़ हैं।