बापू के आदर्श ही स्वतंत्र भारत की नींव हैं। हमारे देश ने सदा विश्व के सामने सत्य, अहिंसा और भाईचारे की मिसाल कायम की है। नफ़रत और अशांति हमारी राह नहीं है।
भारत को जोड़ना, आपसी सद्भावना रखना सभी देशवासियों की ज़िम्मेदारी है।
पिछड़ा, दलित, दिव्यांग शिक्षक अभ्यर्थियों को सड़क पर अपनी नियुक्ति की मांग के लिए प्रदर्शन करने पर मजबूर करना असंवेदनशील भाजपा सरकार की हृदयहीनता व विफलता का एक और उदाहरण है।
भाजपा सरकार ने अपनी नीतियों से शिक्षक समुदाय के मान-सम्मान को सार्वजनिक रूप से अपूरणीय ठेस पहुँचाई है।