Nothing CanBe Bigger Shame
& Outrageous Than This
Mantra is Simple: Hail #SabkaVishwas
Those Who Mock Abuse, Riddicule
PM Modi & Hindus & Demean Hindu Festivals,Those Rabid Hinduphobic Marxists are Hired & Roped in By @moayush Under #Vishwas Wining Yojna @shripadynaik ?
तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में स्वर्ण मंदिर के बाहर गश्त पर पुलिस कर्मी ने साधु पर बेवजह धार्मिक गुस्सा निकाला
साधु के गाल पर थप्पड़ जड़ने वाला मुस्लिम SI नसीम
वर्दी की आड़ में धार्मिक हिंसा @VellorePolice
यही अगर कोई मौलाना होता हिंदू पुलिस वाला थप्पड़ मारता तो देश में हंगामा हो गया होता
हिंदुओं पुलिस पर करवाई होने तक शेयर करते रहो
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के नवाबगंज में हिंदू दलित परिवार की जमीन पर मजहबी भीड़ ने कब्जा कर लिया है |
और मजहबी भीड़ द्वारा कब्जा छोड़ने के बदले में हिंदू परिवार से मजहबी बनने के शर्त रखी जा रहे हैं |
क्योंकि सामने मजहबी भीड़ है इसलिए दलितों के ठेकदार इस मामले में दखल तो दूर चर्चा तक नहीं कर रहे हैं |
हिन्दुओं ज्यादा कुछ ना हो सके तो सोशल मीडिया से इस हिंदू परिवार परिवार को बैकअप दे कर पुलिस पर दवाब बना देना |
जाट एसोसिएशन सार्वजनिक रूप से आईआईटी बॉम्बे के प्रोफ़ेसर सूर्यनायना के साथ है |
प्रोफेसर सूर्यनायन द्वारा चीटिंग पकड़ कर कोई असंवैधानिक काम नहीं किया था | बल्कि विश्वविख्यात आईआईटी बॉम्बे की साख बचाई थी |
मध्य प्रदेश के रीवा में दर्जनों हिंदू लड़कियों ने इक्ट्ठा हो कर नेशनल मीडिया के सामने बार बार कहा है कि सैफ पठान नाम के मजहबी ने हमारा जीना हराम कर रखा है |
सैफ रास्ते में शांति से चलने नहीं देता और बार बार सामने आकर कहता है कि मेरे साथ रहो में तुम्हे रानी बना कर रखूंगा | 😡😡
महिला मीडिया के सामने खुल कर बता रही है कि सैफ पठान मेरे ऑफिस में जबरन घुसा तोड़फोड़ करी और मेरे साथ विरोध करने के बावजूद जबरदस्ती करने लगा |
कुल मिला कर जो घटनाएं बांग्लादेश के ढाका से सुनने को मिलती थीं ऐसी घटनाएं महिलाओं के प्रति मध्य प्रदेश के रीवा से सुनने को मिल रही है | 😡😡
हिंदुओं हम मौके पर पहुंच कर इन महिलाओं के समर्थन में कुछ नहीं कर सकते तो सोशल मीडिया के माध्यम से इस कांड के जानकारी देश के हर कोने में बैठे हिंदुओं तक जरूर पहुंचा सकते हैं |
कांड जितना चर्चा में आएगा पुलिस उतनी ही फुर्ती से इन महिलाओं के साथ बांग्लादेशी व्यवहार करने वाले सैफ पठान को लंगड़ा कर हमेशा के लिए सुधार देगी |
ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारा भाई अब हमारे बीच नहीं रहा। लेकिन प्रोफेसर दुल्ला के खिलाफ जिस तरह से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, वह तर्कसंगत नहीं लगता।
नियम बिल्कुल स्पष्ट है—अगर आप नकल या चीटिंग करते हैं, तो कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
: IIT बॉम्बे के एक छात्र
केरल की एक हिंदू लड़की अतुल्या अशोकन ने कुछ समय पहले इस्लाम धर्म अपना लिया था और रिज़ाल मंसूर नाम के एक मुस्लिम युवक से शादी कर ली थी।
शादी से पहले और बाद में वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती थी। वह अक्सर द केरल स्टोरी फिल्म का मज़ाक उड़ाती थी और अपने पति के साथ रील्स और स्टोरीज़ साझा करते हुए कहती थी:
“यह मेरा प्यार है। यही असली ‘केरल स्टोरी’ है।”
“लव जिहाद जैसी कोई चीज़ नहीं होती। यह फिल्म झूठ है।”
“मैंने अपनी मर्ज़ी से इस्लाम अपनाया है। मुझ पर किसी ने कोई दबाव नहीं डाला।”
लेकिन अब कथित तौर पर उसके इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर कुछ चिंताजनक संदेश सामने आए हैं।
कई पोस्ट में वह रोती हुई और डरी हुई दिखाई दे रही है। कुछ पोस्ट में उसके चेहरे पर चोट के निशान भी दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
उसने कुछ ऐसे स्क्रीनशॉट भी साझा किए हैं, जिनके बारे में उसका दावा है कि उनमें रिज़ाल की ओर से भेजी गई धमकियाँ मौजूद हैं।
वही महिला, जो कभी कहती थी कि “लव जिहाद एक झूठ है”, अब कथित तौर पर अपनी जान की गुहार लगा रही है।
चंद्रशेखर रावण को अनुमति ना मिलना भाजपा सरकार की मिलीभगत है। सरकार को लगता है कि वो ये सब दिखा कर RHA वालों को यह दिखा देंगे कि देखो हमने इन्हें भी अनुमति नहीं दी। बिना अनुमति भी वो आएँगे, और हम चाहते हैं कि वो उसी रूप में आएँ जिसके लिए वो जाने जाते हैं।
मैं रावण का विरोधी हूँ, मुझे वह व्यक्ति और नेता, दोनों ही स्थिति में, बिल्कुल भी पसंद नहीं, फिर भी प्रदर्शन उसका संवैधानिक अधिकार है। सरकार को हर प्रदर्शन को अनुमति देनी चाहिए, या दो-तिहाई बहुमत से 'प्रदर्शन के मौलिक अधिकार' को संविधान से हटा देना चाहिए।
सरकार संभवतः भूल गई है कि 8 मार्च को मुझे और अन्य लोगों को कई स्थानों पर अवैध रूप से हाउस अरेस्ट किया था। कुछ दिन बाद ही स्वामी प्रसाद मौर्य को प्रो-UGC प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी उसी जंतर मंतर पर। पटना में भी प्रो-UGC रैली की अनुमति दी गई थी।
इसलिए, यह पैंतरेबाज़ी बंद करो। चंद्रशेखर रावण को दल-बल के साथ प्रदर्शन की अनुमति मिलनी चाहिए। आपका ही पाला हुआ है, करने दीजिए ना! प्लीज़... पीलीज!
ब्राह्मणों को बदनाम करने की किस तरह योजनाएं बनाई जाती है इस घटना से समझिए
ये बाबा मथुरा से पकड़े गए है इन्होंने 100 से ज्यादा महिलाओं का शोषण किया है और उनके वीडियो बनाए है नाम रखे थे हिम्मत_गिरी अब नाम देखकर तो हर कोई इन्हें ब्राह्मण ही समझेगा
लेकिन सच्चाई यह है कि यह है राजस्थान के मीणा समाज के पूरा नाम है हिम्मत मीणा
ब्राह्मणों को जैसे ही इस घटना की जानकारी लगी तो फिर ब्राह्मणों ने इनको तरीके से ताड़ना दिया और तुलसीदास जी का श्लोक भी सुनाया क्योंकि इसने धर्म नगरी वृंदावन और मथुरा को बदनाम कर दिया उसके बाद पुलिस के हवाले कर दिया कानूनी कार्यवाही की जा रही है
ब्रो से मिलिए। भदोही उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के सुरियावां ब्लॉक स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक सत्य प्रकाश गौतम स्कूल आकर बच्चों को पढ़ाने की बजाय स्टाफ रूम में सोते थे।
उन पर गंभीर आरोप लगे थे। छात्राओं से अश्लील बातें करना, ब्लैकबोर्ड पर आपत्तिजनक वाक्य लिखना और एक छात्रा को गलत तरीके से छूना भी शामिल हैं। पानी सर् से ऊपर जाने पर अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद गौतम खेतों की ओर भाग निकले।
बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चौधरी ने जांच के बाद उन्हें निलंबित कर दिया और विभागीय जांच शुरू की। बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। केस में POCSO समेत कई धाराएं लगाई गईं।
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि वे शिकायत करने वालों को और प्रिंसिपल को फर्जी SC/ST एक्ट में फंसाने की धमकी देते थे, जिसके कारण समस्त स्टाफ चुप रहता था।
यह घटना आजतक, अमर उजाला और PTI जैसी मीडिया रिपोर्ट्स से पुष्टि हुई है। 💀
कुछ कानून ऐसे हैं जिन को समय रहते रिव्यु नहीं किया गया तो इस देश को गर्त में जाने से स्वयं ईश्वर भी नहीं बचा सकते। झूठ नहीं कह रही । दिल पर हाथ रख कर सोचना। ये नुकसान सिर्फ़ सवर्णों क बच्चों का था क्या ? सवर्ण से ज़्यादा तो ओबीसी और दलित ही बच्चे पढ़ते हैं इन सरकारी स्कूल में। 🔥
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जैसे ही फरीदाबाद की गणपति कॉलोनी में अवैध मस्जिद को हटाने के लिए अधिकारी पहुंचे, उनकी ओर से महिलाओं को आगे कर दिया गया।
स्थिति को संभालने के लिए बहादुर महिला पुलिसकर्मियों ने डटकर खड़ी हो गई और मौके पर ही कार्रवाई की।
पहले सरेआम दिन-दहाड़े एक नाबालिग लड़के की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। फिर इसके फ़ौरन बाद उसी लड़के के पीड़ित परिवार के ख़िलाफ़ SCST Act के तहत मामला दर्ज करवा दिया गया। पीड़ित परिवार @yadavtejashwi और @Kanchanyadav000 के OBC वर्ग से है, लेकिन दोनों इस पर शांत रहेंगे। अन्य जातिवादी नेता भी इस पर कुछ नहीं बोलेंगे।
यह घटना कल ही की है और बिहार के नवादा जिले की है। इस वीडियो में देखिए, कैसे जय भीम वालों का एक असामाजिक समूह OBC समुदाय के एक नाबालिग लड़के पर हमला करने और उसे पीट-पीटकर मार डालने के लिए उतारू है और अंततः उसे मौत के घाट उतार ही देती है।
मृत नाबालिग लड़के के परिवार के अनुसार, अब तक पुलिस ने केवल एक ही आरोपी को गिरफ्तार किया है।
SC-ST का दुरुपयोग का अनोखा उपयोग
हरियाणा के पलवल जिले के होडल कस्बे मे
SC-ST जाति का चोर ,एक ब्राह्मण परिवार के यहा चोरी करने घुसता है
पकड़ा जाता है तो विरोध करता है इसी मे 1-2 रेपट लगा दिए जाते है
पुलिस PCR को बुलाकर चोर को सौंप दिया जाता है
किशोर लड़का अपने बयानों मे बताता है --मे चोरी करने घुसा था
लेकिन फिर ENTRY होती है नीले नेताओ की
और उक्त ब्राह्मण पर चोर SC-ST एवं POSCO का मुकदमा दर्ज करवा देता है
मतलब SC-ST का कोई चोर आए तो रोको मत चोरी होते हुए देखते रहो
आईआईटी बॉम्बे का एक होनहार और काबिल #ओबीसी यादव प्रोफेसर रो रहे हैं, पूरी ज़िंदगी संस्था को दिए, अनगिनत बच्चों का भविष्य बनाए और अंत में #दलित_उत्पीड़न का आरोप झेल रहे हैं।
आईटीआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर जब सुरक्षित नहीं हैं तो फिर साधारण जीवन जीने वाले ओबीसी और सामान्य वर्ग के लोग कैसे सुरक्षित रह सकते हैं।
पश्चिम बंगाल के चौबीस परगनाह में डेमोग्राफी क्या बदली मजहबी भीड़ ने हिंदुओं द्वारा बनाया जा रहा दुर्गा पंडाल के लिए स्वागत बनने से रोक दिया |
मजहबी भीड़ का कहना था कि इस इलाके की डेमोग्राफी बदल गई है और अब इस इलाके में मुस्लिम्स ज्यादा हैं इसलिए यहां दुर्गा पंडाल का स्वागत द्वार नहीं बनेगा | 😡😡
इससे दो तीन दिन पहले कर्नाटक के एक शहर में पुलिस ने गणेश यात्रा इसलिए नहीं निकलने दी थी क्योंकि पुलिस के हिसाब से जहां से यात्रा निकलनी थी वह इलाका मजहबी बहुल था इसलिए नहीं निकालने दी | 😡😡
कुल मिला कर जहां जहां डेमोग्राफी बदल कर हिंदू अल्पसंख्यक हो रहा वहां कभी मजहबी भीड़ हिंदुओं त्योहार नहीं मनाने दे रही तो कभी वहां की लोकल पुलिस |
हिंदुओं अगर ऐसे ही चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब घर के कागज हमर ईनाम पर होंगे लेकिन रहने वाली भीड़ मजहबी होगी | इसलिए ऐसे मामलों को दबने नहीं दिया करो मन भर कर सोशल मीडिया पर उठाया करो |
बेचारे हिन्दू की जान गुटके से भी सस्ती, वो भी भारत की राजधानी में,
दिल्ली के संगम विहार इलाके में बेरहमी से मार डाला गया नवीन,
शान मियाँ और फरीद ने तालिबानी अंदाज़ में ईंटों से था कुचला,
रक्षाबंधन के दिन से घायल सनातनी ने अब त्याग दिए प्राण.
#Delhi@CPDelhi@DelhiPolice
ये रोते हुए व्यक्ति जग्गा सिंह हैं।
पंजाब पुलिस ने इनकी बुरी तरह पिटाई की और फिर इसने डीसी ऑफिस के बाहर ज़हर पी लिया।
इनका गुनाह बस इतना था कि इन्होंने पंजाब में ड्रग्स के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई थी।
इसने ड्रग्स तस्करों की वीडियो इंटरनेट पर डाली जिसके बाद इसे बुरी तरह मारा पिटा।
AAP खुलेआम ड्रग तस्करों का साथ दे रही है और जो कोई भी ड्रग्स के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाता है, उसे प्रताड़ित करती है।
साहिल वकोड़े IIT बॉम्बे के छात्र थे। परीक्षा चल रही थी। पूरा प्रश्नपत्र AI एप्प को अपलोड कर के उत्तर कॉपी में लिख रहे थे। प्रोफेसर ने पकड़ लिया। बाहर ले गए, डाँटा और कहा कि संस्थान के नियम स्पष्ट हैं आप चोरी करते पकड़े गए तो सस्पेंड किए जा सकते हो।
साहिल ने बाद में आत्महत्या कर ली। माँ-बाप ने पोस्टमार्टम के बाद भी शव नहीं लिया क्योंकि उन्हें न्याय चाहिए। न्याय पाने के लिए उन्होंने मोदी एक्ट की धाराएँ लगवा दीं प्रोफेसर पर।
एक लड़का आरक्षण से IIT पहुँचा। कम नंबर न आए, इसलिए चोरी कर रहा था। वह टॉपर बनना चाह रहा था। पर एक मनुवादी शिक्षक ने उसे कॉलेज के कानून बताए, सस्पेंड किया भी नहीं। उसने आत्महत्या कर ली।
क्या एक दलित को फोन ले जाने अनुमति नहीं होनी चाहिए? क्या ऐतिहासिक प्रताड़ना के कारण उसको ओपन मोबाइल परीक्षा देने की अनुमति नहीं होनी चाहिए?
आज एक ब्राइट स्टूडेंट, जो जेट इंजन बना सकता था AI से पूछ कर, हमारे बीच इसलिए नहीं रहा क्योंकि उससे पहले ही चरण में रोक लिया गया। मोदी एक्ट इसीलिए बना ही है।
प्रोफेसर को फाँसी होनी चाहिए।
राजस्थान के उदयपुर में मौहम्मद फिरोज खान ने एक शिव मंदिर में घुस कर भगवान की मूर्ति तोड़ कर मूर्ति का सर मंदिर से बाहर फेंक दिया है | 😡😡
राजस्थान के हिंदुओं ज्यादा कुछ ना हो सके तो सोशल मीडिया माध्यम से मामला भजनलाल साहब तक पहुंचा कर मजहबी के अवैध घर पर बुलडोजर जरूर चलवा देना | 😡😡
बांग्लादेश में हिंदू भिक्षु चिन्मय कृष्ण दास को कथित देशद्रोह के आरोप में महीनों से जेल में रखा गया है। इस बीच उनकी मां संध्या रानी धर का निधन हो गया और वह अपने बेटे को आखिरी बार भी नहीं देख सकीं। अंतिम संस्कार के लिए उन्हें सिर्फ 5 घंटे की पैरोल दी गई। यह घटना बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ✍🏻