Day 17 of Sonam Sir’s Hunger-Strike.
He has started losing muscle mass and is in immense pain. Like everyone else, I begged him to end his fast.
He calmly replied, “Don’t ask me to end my fast. Ask the govt why they won’t even have a dialogue.”
सभी बहुत चिंतित हैं। सरकार को बात करनी चाहिए। सरकार नहीं करती है तो समाज को आगे आना चाहिए। सोनम के साथ-साथ छात्र भी अनशन पर बैठे हैं। कितने साल तक परीक्षाओं में चोरी और धांधली को यह देश स्वीकार करेगा। 13 साल बीत गए फिर भी परीक्षाएँ विश्वसनीय नहीं हो सकी हैं। बात केवल परीक्षा की नहीं है, पढ़ाई के मामले में भी जो नुकसान हुआ है, वहाँ से वापसी करना संभव नहीं है।
इसी अवसर पर गंगा की सफाई और अविरलता को लेकर प्रो जी डी अग्रवाल के अनशन को याद करने की ज़रूरत है। 2018 में 109 दिनों के अनशन के बाद उनकी मौत हो गई थी। तब काफी सवाल उठे थे। मीडिया की पुरानी रिपोर्ट आप देख सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को तीन तीन पत्र लिखे। उन पत्रों को निकाल कर पढ़ सकते हैं। गंगा के लिए प्रो जी डी अग्रवाल ने जान दे दी और गंगा के नाम पर राजनीति करने वालों ने उन्हें भुला दिया। गंगा की समस्याओं का समाधान करने के बजाए गंगा के घाट पर आरती का आयोजन कर लोगों के सवालों की धारा मोड़ दी गई। अच्छा होता कि प्रो जी डी अग्रवाल को सुना जाता, गंगा भी साफ होती और तब उसके किनारे आरती की शोभा और दिव्य होती। जो मीडिया जंतर मंतर नहीं जा पा रहा है वह गंगा के नाम पर प्रो जी डी अग्रवाल के अनशन की कहानी के पन्ने फिर से पलट सकता है। गंगा के लिए तो बोल ही सकते हैं।
@gssjodhpur@AmitShah वरुण गाँधी अग्निवीर के लिये अपनी पेंशन छोड़ने को तैयार है क्या ये पहल सभी विधायक सांसद करेंगे राजनीति सेवा नही मेवा है ?
ये योजना और पास करवा दो श्रीमान जी
अपनी ही सरकार के खिलाफ उतरे वरुण गांधी: बोले- अगर अग्निवीर पेंशन के हकदार नहीं, तो मैं भी अपनी पेंशन छोड़ने को तैयार
#Agniveer#VarunGandhi
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@AnupamPKher वरुण गाँधी अग्निवीर के लिये अपनी पेंशन छोड़ने को तैयार है क्या ये पहल सभी विधायक सांसद करेंगे राजनीति सेवा नही मेवा है ?
थोड़ा रोना इसके लिए भी रो दो,
#राष्ट्रवादीयों
@pantlp "किसी को कभी ये नहीं सोचना चाहिए कि मेरे बिना किसी का काम नहीं चलेगा. ये दुनिया तो ताश के खेल जैसी है. ज़रूरत पड़ने पर लोग जोकर को बादशाह बना लेते हैं. "
कहासुनी: बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने कहा है कि अगर राष्ट्ररक्षकों को पेंशन का अधिकार नहीं है तो वह खुद भी पेंशन छोड़ने को तैयार हैं. उन्होंने विधायकों-सांसदों से पूछा है कि अग्रिवीरों की पेंशन सुनिश्चित करने के लिए क्या वो खुद की पेंशन नहीं छोड़ सकते. क्या कहेंगे आप?
अल्पावधि की सेवा करने वाले अग्निवीर पेंशन के हकदार नही हैं तो जनप्रतिनिधियों को यह ‘सहूलियत’ क्यूँ?
राष्ट्ररक्षकों को पेन्शन का अधिकार नही है तो मैं भी खुद की पेन्शन छोड़ने को तैयार हूँ।
क्या हम विधायक/सांसद अपनी पेन्शन छोड़ यह नही सुनिश्चित कर सकते कि अग्निवीरों को पेंशन मिले?
@iamAshwiniyadav अब #अग्निपथ से भी 'लॉन्ग-रन' अर्थात दूरगामी लाभ की बात हो रही है, जैसे #नोटबंदी के बारे में हुई थी...अंत में क्या हुआ,सबको पता है।
युवाओं के सपनों को चकनाचूर कर राजनैतिक अहंकार का पोषण हो रहा है...बस इतना भर।
माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार से निवेदन है कि देश में जितने भी रेल अपरेंटिस बेरोजगार हैं उनको 100% समायोजित किया जाए ।इस बात का निर्देश रेल मंत्रालय को देने की कृपा करें।
@PMOIndia@RailMinIndia@DrAshwani_Kumar