क्या किसी अन्य विभाग में इतनी कम छुट्टी है ?
अकेले शिक्षा विभाग ही ऐसा है जहाँ ना तो 33 EL है और ना ही 20 से 25 दिन की कोई छुट्टी जबकि आर्मी तो में इस से ज्यादा छुट्टी दी जाती है।
आखिर ये अन्याय क्यों ?
@sunilkbv@girirajsinghbjp#MahaparvHolidayMatters
अगर छठ जैसे महान लोकआस्था के पर्व में बिहार के शिक्षक और बच्चों को छुट्टी नहीं दी जायेगी तो अन्य राज्य में क्या कल्पना किया जा सकता है
ध्वस्त ना कीजिये हमारे परंपरा को
हमारी जो छुट्टी है दिवाली से छठ तक वो पारंपरिक रूप से देने का कार्य करे।
@sunilkbv#MahaparvHolidayMatters
अगर छठ जैसे महान लोकआस्था के पर्व में बिहार के शिक्षक और बच्चों को छुट्टी नहीं दी जायेगी तो अन्य राज्य में क्या कल्पना किया जा सकता है
ध्वस्त ना कीजिये हमारे परंपरा को
हमारी जो छुट्टी है दिवाली से छठ तक वो पारंपरिक रूप से देने का कार्य करे।
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वर्ष 2023 और इसके पूर्व की अवकाश तालिका में दीपावली से छठ पूजा तक लगातार 9 दिनों की छुट्टी दिया जाता था । क्या पहले के छुट्टी के नियम बनाने वाले बेवकूफ थे क्या या अब ज्यादा समझदार लोग आ गये ? शिक्षकों को अन्य कर्मचारियों की तरह 34 EL ना देकर पर्व में छुट्टी दिया जाता था क्योंकि विद्यालय बच्चों पर केंद्रित होता है बच्चे पर्व त्योहार में अपने समाज अपने घर में मनाते है फिर फ्रेश माइंड से पर्व के बाद पढ़ाई में लगते थे । अब शिक्षकों के साथ कर्मचारियों के जैसा व्यवहार किया जा रहा है लेकिन फिर जो अन्य कर्मचारी को छुट्टी दिया जा रहा वो भी नहीं दिया जा रहा । KVS NVS सिमुलतला जैसे विद्यालय इस पर्व में 10 से 20 दिन तक का छुट्टी दिया क्या वहां बिहार के बच्चे नहीं पढ़ते है ? क्या जो दूसरे राज्य से बिहार में शिक्षक बने है उनका हक नहीं है की वो अपने परिवार के साथ दिवाली और छठ मनाये । दिवाली में एक दिन छुट्टी भी क्यों दिये साहब फिर वो भी रद्द कर दीजिये उस दिन ज्यादा पढ़ेंगे बच्चे । शिक्षक को प्रताड़ित कर के बेहतर शिक्षा की कल्पना बेईमानी है ।
#MahaparvHolidayMatters
@VijayKrSinhaBih@BJP4Bihar@Jduonline@RJDforIndia@yadavtejashwi
वर्ष 2023 और इसके पूर्व की अवकाश तालिका में दीपावली से छठ पूजा तक लगातार 9 दिनों की छुट्टी दिया जाता था । क्या पहले के छुट्टी के नियम बनाने वाले बेवकूफ थे क्या या अब ज्यादा समझदार लोग आ गये ? शिक्षकों को अन्य कर्मचारियों की तरह 34 EL ना देकर पर्व में छुट्टी दिया जाता था क्योंकि विद्यालय बच्चों पर केंद्रित होता है बच्चे पर्व त्योहार में अपने समाज अपने घर में मनाते है फिर फ्रेश माइंड से पर्व के बाद पढ़ाई में लगते थे । अब शिक्षकों के साथ कर्मचारियों के जैसा व्यवहार किया जा रहा है लेकिन फिर जो अन्य कर्मचारी को छुट्टी दिया जा रहा वो भी नहीं दिया जा रहा । KVS NVS सिमुलतला जैसे विद्यालय इस पर्व में 10 से 20 दिन तक का छुट्टी दिया क्या वहां बिहार के बच्चे नहीं पढ़ते है ? क्या जो दूसरे राज्य से बिहार में शिक्षक बने है उनका हक नहीं है की वो अपने परिवार के साथ दिवाली और छठ मनाये । दिवाली में एक दिन छुट्टी भी क्यों दिये साहब फिर वो भी रद्द कर दीजिये उस दिन ज्यादा पढ़ेंगे बच्चे । शिक्षक को प्रताड़ित कर के बेहतर शिक्षा की कल्पना बेईमानी है ।
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@VijayKrSinhaBih@BJP4Bihar@Jduonline@RJDforIndia@yadavtejashwi
#MahaparvHolidayMatters
लेबर कोड का खुला उल्लंघन कर रहा ब्यूरोक्रेसी। जिम्मेदार केवल भ्र्ष्टाचार है।
वो थोड़ा MDM के लालच में हाजरी बना देते हैं जिससे अधिकारी को बल मिल जाता है स्कूल खोलने के लिए। जिस दिन सही हाजरी बनाया जाएगा। इनकी हेकड़ी निकल जायेगी।#MahaparvHolidayMatters
#MahaparvHolidayMatters
लेबर कोड का खुला उल्लंघन कर रहा ब्यूरोक्रेसी। जिम्मेदार केवल भ्र्ष्टाचार है।
वो थोड़ा MDM के लालच में हाजरी बना देते हैं जिससे अधिकारी को बल मिल जाता है स्कूल खोलने के लिए। जिस दिन सही हाजरी बनाया जाएगा। इनकी हेकड़ी निकल जायेगी।#MahaparvHolidayMatters