दिल्ली के राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर “नरेंद्र मोदी हाय हाय” के नारे लग रहें हैं। खास बात ये है कि ये कोई नेता या एक्टिविस्ट नहीं बल्कि आम लोग ये नारा लगा रहें हैं। देश का गुस्सा आसमान छू रहा है।
ये जंतर मंतर 2.0 की आहट है।
चंद्रशेखर आज़ाद जी जनता के हक़ की आवाज़ हैं।
गोण्डा में उनके साथ अगर पुलिस ने दुर्व्यवहार किया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
लोकतंत्र में वर्दी की ताकत से आवाज़ नहीं दबाई जा सकती।
@BhimArmyChief#आजाद_समाज_पार्टी#जयसंविधान
देश में पुलिस की बर्बरता खत्म ही नहीं हो रही! तिरुपति में स्टाइपेंड मांग रहे पैरामेडिकल छात्रों पर लाठीचार्ज! एक छात्रा को पुलिस ने बालों से घसीटा! ये छात्र हैं, आतंकवादी नहीं! जो बच्चों की आवाज नहीं सुन सकते वो रक्षा क्या करेंगे? #Tirupati#PoliceBrutality#Students
ये जो दृश्य आप देख रहे हैं, बताया जा रहा है कि लखनऊ विश्वविद्यालय का है। वक्ता की भाषा और तेवर देखकर संघ की राजनीति की छाप साफ़ दिखाई देती है; हालाँकि उनके RSS से जुड़े होने की स्वतंत्र पुष्टि ज़रूरी है।
सोचिए, जिस विश्वविद्यालय में नौजवानों को ज्ञान, तर्क और सवाल करना सिखाया जाना चाहिए, वहाँ इस तरह नफ़रत और सांप्रदायिकता का ज़हर बोया जा रहा है!
लेकिन सबसे उम्मीद जगाने वाला दृश्य सामने बैठे वे छात्र हैं, जिन्होंने चुप रहने से इनकार कर दिया। ज़हर परोसा गया तो वहीं प्रतिकार किया।
सलाम उन नौजवानों को, जिन्होंने विश्वविद्यालय में सवाल पूछने और नफ़रत के सामने खड़े होने की हिम्मत बचाकर रखी है। यही हिम्मत लोकतंत्र की असली ताक़त है।
पत्रकारों का बिना जवाब दिए ही मुख्यमंत्री योगी जी प्रेस कांफ्रेंस छोड़कर निकल लिए..
PR के दम पर भारत के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री तो बन सकते हो लेकिन प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया का सवाल नहीं दे सकते है...
यही है राम राज्य का असली चेहरा..😎
उमर खालिद छह साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं और मुकदमा अभी तक शुरू भी नहीं हुआ है।
यह प्रक्रिया ही सज़ा बन गई है। लोगों को देशद्रोही करार देकर दोषी ठहराया जाता है और उनका जीवन बर्बाद कर दिया जाता है। दुर्भाग्य से, अदालतें इन नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा नहीं करतीं
: पूर्व जस्टिस दीपक गुप्ता,