नए संसद भवन में स्थापित सेंगोल को बनाने वाले ज्वैलर्स थिरु वुम्मिडी एथिराज का निधन हो गया
◆ वे 99 साल के थे
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शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी की सरलीकरण यात्रा को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी का समर्थन....
हालांकि राजस्थान में काफी हद तक पूर्व की गहलोत सरकार ने सरलीकरण किया था...
शेखावटी जनपद के संस्थापक, युग प्रणेता शेखावत वंश के पितृपुरुष और नारी अस्मिता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले महान शासक महाराव शेखाजी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
श्री क्षत्रिय युवक संघ प्रमुख लक्ष्मणसिंह बैण्यांकाबास ने युवाओं और जेनजी पर कहा कि
"हम कह रहे हैं कि आज जो युवा पीढ़ी है, वो कहीं ना कहीं एक अलग रास्ता बनाती नजर आ रही है, तथाकथित जेनजी के नाम से लोग इस तरह के अपराध करने में लग गए हैं, इस प्रकार की अमर्यादित भाषा और अमर्यादित आचरण करने के लग गए हैं, उसका कारण यदि तह में जाकर देखेंगे, तो पता चलेगा कि ये गलती उन बच्चों की नहीं है, उन युवाओं की नहीं हैं, ये गलती हमारी है।"
मरुभूमि भागीरथ के नाम से विख्यात तथा आधुनिक बीकानेर के निर्माता महाराजा गंगा सिंह की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।
आज हमें सभी महाराजा गंगा सिंह के बारे कुछ रोचक जानकारी जानने वाले है
महाराजा गंगा सिंह जी बीकानेर रियासत के प्रसिद्ध शासक थे। उनका जन्म 13 अक्टूबर 1880 को हुआ था। उन्होंने 1888 से 1943 तक बीकानेर रियासत पर शासन किया। उन्हें राजस्थान में सिंचाई, शिक्षा, प्रशासन और विकास के क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए याद किया जाता है।
1. 🌾 किसानों के हित में ऐतिहासिक पहल
महाराजा गंगा सिंह जी ने 1899–1900 के भीषण अकाल से सबक लेकर सिंचाई व्यवस्था विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया। उनकी दूरदर्शिता का परिणाम गंग नहर परियोजना के रूप में सामने आया।
2. 💧 गंग नहर का निर्माण
वर्ष 1927 में गंग नहर का उद्घाटन हुआ। सतलुज नदी का पानी बीकानेर रियासत के उत्तरी रेगिस्तानी क्षेत्रों तक पहुँचा। इससे कृषि और क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिली।
3. 🌱 रेगिस्तान में खुशहाली लाने का प्रयास
उनकी सिंचाई परियोजनाओं ने उस क्षेत्र की कृषि को बदलने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो आगे चलकर श्रीगंगानगर के रूप में विकसित हुआ।
4. 📚 शिक्षा को दिया बढ़ावा
उन्होंने बीकानेर रियासत में शिक्षा के प्रसार के लिए विद्यालयों की स्थापना और विद्यार्थियों को छात्रवृत्तियाँ देने जैसे प्रयास किए। बालिकाओं की शिक्षा पर भी ध्यान दिया गया।
5. 🏥 स्वास्थ्य सेवाओं के विकास पर ध्यान
उनके शासनकाल में चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और प्रशासनिक सुधारों के प्रयास हुए, ताकि जनता को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें।
6. 🚂 रेलवे और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार
उनके शासनकाल में बीकानेर रियासत में रेलवे नेटवर्क का विस्तार हुआ। इससे आवागमन, व्यापार और प्रशासन को सहायता मिली।
7. 🏛️ प्रशासनिक सुधार
उन्होंने शासन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए सचिवालय और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं को विकसित किया। हिंदी को दरबारी भाषा के रूप में भी अपनाया गया।
8. 🐪 बीकानेर की सैन्य परंपरा
बीकानेर की ऊँट सेना, जिसे गंगा रिसाला के नाम से जाना जाता था, ने विदेशों में भी सैन्य अभियानों में भाग लिया। इससे बीकानेर की सैन्य परंपरा को पहचान मिली।
9. 🏰 ऐतिहासिक स्थापत्य को बढ़ावा
उनके शासनकाल में बीकानेर का लालगढ़ पैलेस बनाया गया। यह आज भी क्षेत्र की ऐतिहासिक और स्थापत्य विरासत का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है।
10. 🌍 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान
प्रथम विश्व युद्ध के बाद 1919 में वर्साय में हुई शांति संधि से जुड़े सम्मेलन में उन्होंने भारत की ओर से प्रतिनिधित्व किया। इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
श्री क्षत्रिय युवक संघ के वयोवृद्ध स्वयंसेवक भगवत सिंह जी सिंघाना का देहावसान आज 06 अक्टूबर 2026 को हो गया है। परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें एवं शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करें।
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अनुज श्री लक्ष्मण सिंह अवाय को पुलिस ट्रेनिंग स्कूल, जोधपुर में प्रशिक्षण के दौरान ड्रिल में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त करने एवं पासिंग आउट परेड में सम्मानित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
आपकी यह उपलब्धि परिश्रम, अनुशासन एवं समर्पण का गौरवपूर्ण परिणाम है। उज्ज्वल सेवाकाल एवं स्वर्णिम भविष्य के लिए मंगलकामनाएँ।
राणा पूंजा मेवाड़ के भोमट क्षेत्र में स्थित पानरवा ठिकाने के सोलंकी राजपूत थे न कि भील थे...
क्षत्रिय समाज के युवाओं से निवेदन है इन्हें वोट चोट जरूर दे।
#इतिहास_से_छेड़छाड़_बंद_करो