आज प्रातः अमरकंटक में माँ नर्मदा जी के उद्गम स्थल पर पूजा आरती में सम्मिलित होकर उन्हें नमन किया।
आज 'प्रकृति संरक्षण दिवस' भी है। हमारा कर्तव्य है कि नदियों को केवल पूजा न जाए, उनसे एक माँ की तरह प्रेम भी करो, उनकी देखभाल करो।
नर्मदे हर🙏
आज पावन अमरकंटक धाम में माँ रेवा मैया के पवित्र उद्गम स्थल पर पहुँचकर श्रद्धापूर्वक पूजन-अर्चन कर माँ के श्रीचरणों में नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
माँ रेवा की असीम कृपा हम सभी पर सदैव बनी रहे।
नर्मदे हर।
#माँ_रेवा_कृपा#अमरकंटक_धाम
आज प्रातः अमरकंटक आसन जी में आरती जी में शामिल होकर मेरे आराध्य परम पूज्य श्री श्री बाबा श्री जी, धूना जी, माँ रेवाजी, महादेव एवं आसन जी के श्री चरणों में नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।🌸
श्री गुरुपूर्णिमा महोत्सव 2026 🌼
गुरु केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा, संस्कार एवं उद्देश्य प्रदान करते हैं। गुरु पूर्णिमा का यह पावन पर्व अपने गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता व्यक्त करने का दिव्य अवसर है।
आगामी दिनांक 29 जुलाई 2026 (बुधवार) को श्री अमरकंटक धाम, श्री तपोनिष्ठ धूनाजी कपिलासंगम आसन जी, अमरकंटक में श्री गुरुपूर्णिमा महोत्सव कार्यक्रम।
🕉️ कार्यक्रम की रूपरेखा
🕗 प्रातः 8:05 बजे – उद्गम स्थल पर श्री मैया जी की आरती एवं पूजन।
🕤 प्रातः 9:30 बजे – कन्या पूजन, कन्या भोज एवं बाल भोज।
🕥 प्रातः 10:30 बजे – उपस्थित पथिकों का स्वल्पाहार।
🕚 प्रातः 11:00 बजे से – श्री चरणों की पूजा।
🕛 दोपहर 12:00 बजे से – भजन एवं सत्संग।
🕜 दोपहर 1:30 बजे से – महाप्रसाद (भोग प्रसादी)।
🕞 शाम 3:30 बजे से – पथिकों एवं कार्यकारिणी की बैठक।
🕗 शाम 8:05 बजे – आसन जी पर आरती एवं धूनाजी की पूजन।
🚌 बस प्रस्थान:
📅 28 जुलाई 2026 (मंगलवार)
🕙 प्रातः 10:00 बजे
📍 श्रीदेव ठाकुर मंदिर (SRG ऑफिस), गोटेगांव
ॐ श्री माँ
#श्रीगुरुपूर्णिमा_महोत्सव #अमरकंटकधाम
‘दधीचि अंगदान संकल्प अभियान’ के तहत एक गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं देवपूजन के साथ हुआ। कार्यक्रम में अंगदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा महर्षि दधीचि के त्याग एवं लोकमंगल के आदर्शों को समाज तक पहुँचाने का संदेश दिया गया।
@pushkardhami@JPNadda
गायत्री — मानवता का मंत्र, आत्मा का आलोक और जीवन को उत्कृष्टता की ओर ले जाने वाली दिव्य चेतना है।
गायत्री जयंती के पावन अवसर पर आइए, हम अपने विचारों को पवित्र, जीवन को साधनामय तथा कर्मों को लोकमंगल के लिए समर्पित करने का संकल्प लें।
गायत्री महामंत्र केवल उच्चारण का विषय नहीं, बल्कि चेतना के जागरण, आत्मपरिष्कार एवं युग निर्माण का आधार है। यही दिव्य शक्ति व्यक्ति, समाज और समूची मानवता को नवदिशा प्रदान करने की सामर्थ्य रखती है।
माँ गायत्री की कृपा से समस्त विश्व में सद्बुद्धि, शांति और सद्भाव का प्रकाश प्रसारित हो।
गायत्री जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ।
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।। सनातन संस्कृति • चेतना • बाल संस्कार ।।
परम पूज्य श्रीश्री बाबाश्री जी का पावन साधना व समाधि स्थल 'श्री सत्य सरोवर आसन' (बगासपुर, जिला नरसिंहपुर) अद्भुत अनुभूतियों का केंद्र है।
यहाँ ९ से १५ वर्ष के बच्चों के लिए आयोजित तीन दिवसीय 'संस्कार शिविर' के शुभारंभ पर आध्यात्मिक सत्संग, दिव्य प्रसादी और मन को आनंदित करने वाले भजनों का रसास्वादन हुआ, जिससे प्राप्त आत्मिक सुख अवर्णनीय है।
ॐ श्रीमाँ ।
@shribabashri@jalamsing_patel@MahendraNagesh5
मेरे आराध्य परम पूज्य श्रीश्रीबाबाश्री जी के साधना और समाधि स्थल “श्री सत्य सरोवर आसन “बगासपुर जि नरसिंहपुर ९ वर्ष से १५ वर्ष की आयु के बेटे बेटियों के संस्कारों एवं चेतना के लिए तीन दिवसीय (१२ जून से १४ जून) के प्रथम दिन रात्रि आरती,भजन और भोग में शामिल होकर आत्मिक सुख और शांति प्राप्त की ।@shribabashri@jalamsing_patel@MahendraNagesh5
ll ॐ श्रीमाँ ll
आराध्य देव श्रीश्री बाबाश्री जी की तपोभूमि और समाधि स्थल 'श्री सत्य सरोवर आसन' बगासपुर(गोटेगाँव) में भावी पीढ़ी के भीतर नैतिक मूल्यों, सुसंस्कारों और चेतना का संचार करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय (१२-१४ जून) नि:शुल्क आवासीय 'किशोर संस्कार शिविर' का दिव्य आयोजन हो रहा है।
आज शिविर के द्वितीय दिवस, देश के भविष्य (९-१५ वर्ष के बच्चों) से संवाद करने का सुखद और आत्मीय अवसर मिला। इस दौरान बच्चों से चरित्र निर्माण, सुसंस्कृत जीवनशैली और प्रकृति व पर्यावरण के प्रति हमारी नैतिक ज़िम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। बच्चों की सजगता, उनका अद्वितीय उत्साह और प्रखर चेतना सचमुच प्रेरणादायी है।
@shribabashri@jalamsing_patel@MahendraNagesh5
मेरी जन्मभूमि (गोटेगाँव) श्रीधाम के निकट माँ नर्मदा का मुआरघाट तट है,जहाँ बचपन से बैसाख महिने में नियमित दौड़कर जाते थे ।परम पूज्य श्रीश्रीबाबाश्री जी की पहली परिक्रमा और मेरी सपत्नीक परिक्रमा इसी घाट से प्रारम्भ हुई थी ।आज “सत्यसरोवर आसन के धूना जी की भस्मि,आज शिवलिंग के स्वरूप में पथिकों के साथ माँ नर्मदा मे विसर्जित किये ।@shribabashri@jalamsing_patel@MahendraNagesh5
सनातन संस्कृति में माँ रेवा जी को जीवनदायिनी एवं आस्था की पावन धारा माना गया है। मान्यता है कि माँ रेवा जी के दर्शन मात्र से पुण्य की प्राप्ति होती है और उनकी पवित्र धारा में समर्पित हर श्रद्धा शिवत्व का आशीर्वाद प्राप्त करती है।
आज गोटेगांव के समीप पावन माँ रेवा जी तट मुआरघाट में “सत्यसरोवर आसन जी के धूना जी” की पवित्र भस्मि को शिवलिंग स्वरूप में आदरणीय भाईसाहब श्री @prahladspatel जी कैबिनेट मंत्री मध्यप्रदेश शासन एवं पथिकों के साथ माँ रेवा जी की पावन धारा में विधिवत विसर्जित कर माँ रेवा जी को प्रणाम कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
साथ ही घाट पर उपस्थित श्रद्धालुओं, कन्याओं को भोग प्रदान कर आदरणीय भाईसाहब एवं पथिकों के साथ भोग प्रसाद प्राप्त की।
#माँ_रेवा_जी #हर_हर_नर्मदे