आज सर्वोच्च न्यायालय में हमारी उस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें हाल ही में लागू किए गए यूजीसी नियमों को चुनौती दी गई थी। न्यायालय ने यूजीसी नियमों पर रोक लगा दी है। अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।
पेड़ हरा भरा रहे उस कि सुरक्षा आवश्यक है,इसके लिए अच्छी भूमि और खाद -पानी देना आवश्यक है तब व आत्मनिर्भर पेड़ बन जायेगा फिर उसे आप कि जरुरत नही रहेगी और वह समाज के लिये उपयोगी होगा ,आप चहाते है कि बड़े को काट कर छोटे पेड़ को बड़ा दिखाना है तो ये अमानवीय हैं
यूजीसी नियमों के विरुद्ध आवाज़ उठाने के कारण मजिस्ट्रेट पद से त्यागपत्र देने वाले श्री अग्निहोत्री के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया जा रहा है, वह लोकतंत्र और संविधान दोनों के लिए शर्मनाक है। पहले अवैध रूप से निलंबन किया गया, जबरन विभागीय जांच थोप दी गई और अब उन्हें हाउस अरेस्ट अथवा अवैध निरुद्धता जैसी स्थिति में रखा गया है।
यह सब केवल इसलिए क्योंकि उन्होंने अन्याय पूर्ण यूजीसी के नियमों के विरुद्ध आवाज उठायी ।
स्पष्ट है कि सरकार उन लोगों से किस प्रकार निपटती है, जो शिक्षा, संवैधानिक मौलिक अधिकार और न्याय के पक्ष में खड़े होते हैं। श्री अग्निहोत्री जी हमारे लिए नायक हैं, अपराधी नहीं।
हम चुप नहीं बैठेंगे—हम हेबियस कॉर्पस याचिका सहित हर संवैधानिक, कानूनी और लोकतांत्रिक रास्ता अपनाकर उन्हें अवैध कैद से बाहर लाएंगे और इस पूरे मामले को जनता के सामने उजागर करेंगे। अन्याय के खिलाफ यह लड़ाई अब और तेज़ होगी।