Nationalist🇮🇳|Heart & Soul belongs to India //#Nationalism/#NAMO supporter//views personal//RTs not endorsement.Honoured to be followed by @PiyushGoyalOffc🙏
Honoured and delighted to meet an inspiring & dynamic leader and Hon'ble Cabinet Minister @smritiirani ma’am.
Her passion for progress and dedication to women’s empowerment are truly commendable. People of Amethi are blessed to have such a dynamic MP.
#InspiringLeadership
Bhagwant Mann must resign.
Akal Takht Sahib has declared Bhagwant Mann a “Guru Dokhi” and “Khalsa Panth Virodhi.”
For months, AAP leaders claimed the viral video was fake and AI-generated.
Akal Takht Sahib got the video examined through forensic experts. According to its findings, the video was found to be genuine.
The video showed Bhagwant Mann consuming alcohol and splashing liquor on photographs of the Sikh Gurus.
A person declared “Guru Dokhi” and “Khalsa Panth Virodhi” by Akal Takht has no moral right to continue as Chief Minister.
Respect for the Gurus is non-negotiable.
पांच सिंह साहिबानों द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को गुरु साहिबानों की तस्वीर पर शराब के छींटे मारने संबंधी आपत्तिजनक वीडियो प्रकरण में गुरु-द्रोही और खालसा पंथ विरोधी करार दिया गया है। साथ ही स्पष्ट आदेश जारी किया गया है कि गुरु खालसा पंथ का कोई भी सिख उनके साथ किसी प्रकार का सामाजिक, धार्मिक अथवा सार्वजनिक संबंध न रखे। श्री अकाल तख्त साहिब सिख कौम की सर्वोच्च और सर्वमान्य संस्था है तथा वहां से जारी आदेश समूची गुरु नानक नाम लेवा संगत के लिए सर्वोच्च मार्गदर्शन और अनुकरणीय होते हैं।
जब किसी व्यक्ति को श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा गुरु-द्रोही और खालसा पंथ विरोधी घोषित कर दिया जाता है, तब यह केवल व्यक्तिगत आचरण पर टिप्पणी नहीं होती, बल्कि उसके सार्वजनिक और नैतिक आचरण पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लग जाता है। ऐसे में यह स्थिति अत्यंत गंभीर हो जाती है कि वही व्यक्ति पंजाब जैसे सिख बहुल राज्य के मुख्यमंत्री पद पर बना रहे।
यदि श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशानुसार सिख समाज को मुख्यमंत्री भगवंत मान से दूरी बनाए रखनी है, तो पंजाब सरकार में कार्यरत सिख मंत्री, विधायक, अधिकारी और कर्मचारी भी गंभीर नैतिक एवं धार्मिक दुविधा का सामना करेंगे। इससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली, निर्णय प्रक्रिया और सरकार की नैतिक वैधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश को स्वीकार करते हैं या उसे अस्वीकार करते हैं। यदि वे सिख कौम की सर्वोच्च संस्था के इस निर्णय को मान्यता नहीं देते, तो यह सिख भावनाओं का खुला अपमान होगा, और यदि मान्यता देते हैं, तो नैतिक आधार पर उनके लिए मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं बचता।
इसलिए पंजाब की गरिमा, सिख समाज की भावनाओं और सामाजिक मर्यादाओं का सम्मान करते हुए
भगवंत मान को तत्काल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए।
सत्ता से चिपके रहने के बजाय उन्हें अपने कृत्य के लिए सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए और पंजाब की जनता के सामने जवाबदेह होना चाहिए। @BhagwantMann
🚨 AAP को बड़ा झटका
पंजाब के CM भगवंत मान को अकाल तख्त ने 'गुरु-विरोधी' घोषित किया है 😳
— अकाल तख्त सिखों की सर्वोच्च धार्मिक और लौकिक संस्था है
उन्होंने समुदाय से कहा है कि वे AAP नेता से कोई संबंध न रखें
Akal Takht have declared Bhagwant Mann “Guru Dokhi” and “Khalsa Panth Virodhi” over a forensic-confirmed video allegedly showing desecration of Sikh Guru photos with alcohol.
This is utterly condemnable. There is no room for excuses now you should resign @BhagwantMann..
Akal Takht have declared Bhagwant Mann “Guru Dokhi” and “Khalsa Panth Virodhi” over a forensic-confirmed video allegedly showing desecration of Sikh Guru photos with alcohol.
This is utterly condemnable. There is no room for excuses now you should resign @BhagwantMann..
डायरेक्टर सुभाष घई ने मोदी जी की दिल
खोलकर तारीफ की है
किसी चुने हुए Prime Minister का इतना लंबा कार्यकाल होना अपने आप में ऐतिहासिक है,
विपक्ष जिस मोदी को हटाने के लिए उतावला हो रहा
संतो की भूमि भारत उसी मोदी के कारण सुरक्षित है
Note - नेहरू चुने हुए प्रधानमंत्री नहीं थे