ज़ब नीचता की बात आएगी तो सबसे ऊपर एक ही नाम रहेगा "अभिनव पाण्डेय", दूसरों को गोदी मीडिया कहने वाला अभिनव वास्तव में "दलाल मीडिया" का अगुवाई करता है इसने जितना ज्यादा प्रॉपगेंडा फैलाया उतना किसी ने नहीं.....
इसने न केवल एक पक्षीय न्यूज़ चलाई बल्कि नैरेटिव गढ़ा कि पुलिस छात्रों को मार रही, लड़कियों के कपड़े फाड़ रही और ऐसे वीडियोस अपलोड किये जिनसे अराजकता को बल मिलता.....!!
जबकि ऐसे बहुतेरे वीडियो फोटोज थे जिनमे पुलिसकर्मियों को मारा जा रहा एक के ऊपर 50 गुंडे लात हाथ डंडे मार रहे थे, महिला मीडिया कर्मियों के साथ छेड़छाड़ की जा रही उनके कपड़े फाड़ने का और गलत तरीके से छूने का प्रयास कर रहे थे थे, पुरुष कर्मियों को मारा गया उनके कपड़े फाड़े गए.....!!
खुद को जंतर मंतर से लेकर संसद तक अराजकता फैला रहे लोगों का स्वयं को बड़ा भाई बताने वाले अभिनव ने एक बार भी अपील नहीं किया कि ऐसी हरकते मत करो किसी महिला को छेड़ो मत किसी पुरुष मीडिया कर्मी के साथ मारपीट मत करो, बल्कि ये उन वीडियोज को प्रसारित करके उन अराजक तत्वों को आगे ऐसा और करने के लिए प्रेरित करता रहा....!!
ऐसे लोग छात्रों के रहनुमा, बड़े भाई नहीं हो सकते जो उन्हें अपराधी बना रहें हो जो उनको मारपीट बदसलूकी के लिए उकसा रहें हों।
ये मात्र अपने व्यूज के लिए तुम्हारे हैं ध्यान से देखोगे तो ये भी उसी मीडिया के चेहरे हैं जिन्हे आप गोदी मीडिया कहते हो।
ये तुम्हे उकसाएंगे गलत कार्य करने के लिए उत्साहित करेंगे लेकिन ज़ब सामना करने की बात आएगी तो कभी मीडिया वाला कहकर तो कभी "हाथ से कलावा" उतारकर निकल लेंगे, इन जैसों को पहचानों और इनसे दूर रहो।
REET पात्रता के पत्राचार अप्रूवल के लिए 2.5 महीने से सफ़र कर रहे है लेकिन स्वर्णकाल में कब मेहरबानी हो प्रभु ही जाने
🙏राम राम राम राम राम राम राम 🙏
पात्रता तो समय पर करवा दो चुनाव मत करवाओं,किसी की सुनो मत लेकिन पात्रता में तो नौकरी भी नहीं देनी पड़ेगी वो तो करवा दो
नियम बनाने वाले के सम्मान में ही करवा दो समय पर
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So this so-called superpower convinced the world it was 50 years ahead of everyone else. Turns out the gap between image and reality may be a lot smaller than advertised.Unlike Pakistan, China just has better marketing slicker footage and millions of voices amplifying the narrat.
CCP China didn’t erase poverty, it just erased it from the headlines. Behind those glossy drone shots and high-rise buildings, these poor kids have been completely forgotten and their lives ignored.
Watch the video and see the reality these children are living in
#Bharat_china_special
This is China's futuristic urban infrastructure in Guangdong (Shenzhen)—transforming rainwater, allegedly inspired by Harappan technology.🇨🇳🇨🇳