ल��कडाउन 1.0- न आप ये कर सकते हैं न वो कर सकते हैं
लॉकडाउन 2.0- आप ये कर सकते हैं पर वो नहीं कर सकते
लॉकडाउन 3.0- आप वो कर सकते हैं पर ये नहीं कर सकते
लॉकडाउन 4.0- आप ये-वो कर सकते हैं पर वो-ये नहीं कर सकते
आनेवाला लॉकडाउन 5. - आपको जो करना है करो, हम कुछ नहीं कर सकते😂
😔 गरीबों का मसीहा कहने से बस कुछ नहीं होता गरीबों के दुख दर्�� में उनके साथ खड़े होना पड़ता है और गरीबों की जनसंख्या भारत में काफी अधिक है जो किसी व्यक्ति विशेष को अपना मसीहा मानते थे शायद अगले चुनाव में नतीजे कुछ अच्छे नहीं होंगे क्योंकि इस बार गरीब खून के आंसू रोया है