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महोदय ध्यान दे सड़क निर्माण में घटिया सामग्री ऊपर से रॉब जहा जाना है जाओ ! न सीवर न नाली दीप कॉलोनी धोलागढ मोड पलवल हरियाणा 121102 !
त्वरित कार्रवाई करे सुशासन का मखौल न उड़ने दे अधिकारियों को निर्देश दे 🙏
श्री गंगानगर की वो तेरह साल की बेटी…
पड़ोसी गाँव से अपने घर लौट रही थी…
सबसे पहले उसे एक दरिंदा मिला.. वो ऑटो वाला..
जिसने उस बच्ची के साथ रेप किया…
फिर उस बच्ची को दूसरा दरिंदा मिला… वो होटल वाला…
जिसके पास ऑटो वाले ने बच्ची को बेच दिया था…
उस होटल में उसे दस और दरिंदे मिले…
जिन्होंने होटल वाले को पैसे देकर उस बच्ची के साथ रेप किया…
फिर उस बच्ची को एक और दरिंदा मिला… दूसरी होटल वाला…
जिसके पास पहली होटल वाले ने बच्ची को बेचा…
वहाँ उसे दस और दरिंदे मिले, जिन्होंने होटल वाले को पैसे देकर बच्ची का रेप किया…
फिर एक और होटल वाला दरिंदा मिला…
फिर कुछ और दरिंदे मिले…
आज उस बच्ची ने दम तोड़ दिया है…
सवाल सबसे बड़ा यही है कि कितने दरिंदे घूम रहे हैं हमारे आस पास…!!
क्यों उस बच्ची को कोई इंसान नहीं मिला…!!!
पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ़्तार किया है…
चौराहे पर खड़ा करके महिलाओं से पिटवाया है…
लेकिन क्या ये काफ़ी है…
इससे दरिंदे ख़त्म हो जाएँगे…??
यहीं हैं वो 13 साल की "बिटियां" के साथ दरिंदगी कर मार देने वाले दरिंदे
इन दरिंदों को ऐसी सज़ा दी जाएं जो दुनियां में मिसाल बने मगर फिर से वही ब्लडी डेमोक्रेसी..
एक 13 साल की बच्ची कोचिंग जाने के लिए रिक्शा पकड़ती है....
रिक्शे वाला उसे 50 हज़ार में एक होटल के मालिक को बेच देता है....
जिसे ये 5 दिन तक 32 लोग उस बच्ची को नोचते रहते हैं
चंद पैसों के लिए होटल मालिक ने मात्र 13 साल की बिटियां को 32 लोगो के सामने परोस दिया....
इन 5 दिनों में उसका शरीर ही नहीं आत्मा भी मर गईं होगी!!
अरविंद सिंह भाटी….
आज JNVU वाले कार्यक्रम में अरविंद सिंह का संबोधन सुना…
एक आम धारणा बनी हुई है कि रविंद्र सिंह भाटी ने अरविंद सिंह को JNVU छात्रसंघ अध्यक्ष बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई थी…
लेकिन अरविंद सिंह ने आज उस धारणा को तोड़ने का भरपूर प्रयास किया…
अरविंद ने कहा कि मुझे और मुझसे पहले इस विश्वविद्यालय के चार छात्रसंघ अध्यक्षों को इस पद पर पहुँचाने में सबसे बड़ी भूमिका रविंद्र सिंह राणावत ने निभाई है…
इससे ये तो तय हो गया कि रविंद्र सिंह भाटी को इस कार्यक्रम से दूर रखने के पीछे हाथ तो अरविंद सिंह भाटी के ही है…😂
अमरनाथ गुफा मंदिर में बाबा बर्फानी के दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद एक श्रद्धालु भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप की प्रतिमा अपने कंधों पर उठाकर लौटता नजर आया। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में दिखा यह दृश्य श्रद्धा, आस्था और भगवान शिव के प्रति भक्तों के अटूट समर्पण का भावुक प्रतीक बन गया।
#AmarnathYatra #BabaBarfani #HarHarMahadev #JaiBholenath #AmarnathCave #JammuKashmir #ATCard #AajTakSocial
अयोध्या मंदिर से गरीब कट गया है........
बृजभूषण शरण सिंह का कहना है कि अयोध्या में सिक्योरिटी के बहाने इतने बैरियर लगा दिए है।कि यहां का आम जनमानस-गरीब कट गया है। यह सब किसी के इशारे पर हो रहा है......
फिलहाल जांच चल रही है जांच पूरी हो जाएगी तो एक बार फिर बोलूंगा.........
बृजभूषण शरण सिंह सही कर रहे है अयोध्या राम मंदिर को इन लोगो ने VIP मंदिर बना दिया। जबकि राम सब के है मंदिर को आम जन से जोड़ना चाहिए था........
इसे कहते है अनुशासन और संस्कार का परिचय देना
शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी का हजारों गाड़ियो का काफिला जिसमे एक भी पुलिस की गाड़ी नही थी फिर भी पूर्ण रूप से सभ्य तरीके से काफिला गुज़रा
और दूसरी तरफ़ कल जो घटना घटित हुई उसने साबित कर दिया कि हमारा एक ही मकसद है अराजकता फैलाना।
सनातन आस्था के महापर्व श्री अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ आज से हो रहा है। इस पुण्य यात्रा पर जाने वाले समस्त शिवभक्तों को हृदय से बधाई।
बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन हों, सभी का जीवन सुख, शांति और कल्याण से परिपूर्ण हो, यही प्रार्थना है।
जय बाबा अमरनाथ।
जाट राजस्थान की सबसे अगडी जात है लेकिन बैकवर्ड मे आ गए तो ठाकुर को सिखना चाहिए कि आज राजस्थान मे Education मे Number One पर जाट, सबसे ज्यादा सिंचित जमीन जाट के पास, विधानसभा-लोकसभा मे Number One पर जाट, सबसे ज्यादा सरपंच-प्रधान-प्रमुख जाट, ब्यूरोक्रेसी मे सबसे ज्यादा, प्राईवेट सेक्टर मे भी अच्छे है दूसरी जाति को राजपूत और जाट से कंपिटीशन नही करके सबक लेना चाहिए
- राजेन्द्रसिंह गुढा
पश्चिम उत्तर प्रदेश के क्षत्रियो को चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए। भारी घनत्व के साथ सबसे बड़ी जनसँख्या होने के वाबजूद पश्चिम उत्तर प्रदेश में एक भी क्षत्रिय सांसद (लोकसभा और राज्य सभा ) नहीं और मात्र चंद विधायक हैं।
प्रदेश सरकार में केबिनेट मंत्री तो छोड़िये एक राज्य मंत्री तक नहीं है। संगठन में भी कोई अहम जिम्मेदारी पश्चिम के क्षत्रियो के पास नहीं रही है और अब पश्चिम के अध्यक्ष का पद भी नहीं रहा। ना सरकार और संगठन में इनका कोई महत्व, नाही क्षेत्रीय राजनीती में इनका कोई दखल। पश्चिम उत्तर प्रदेश की चुनावी रणनीति बनाते समय भाजपा में इनका जिक्र भी नहीं होता। सबको मालुम है ये लपरझन्नू मुस्लिम विरोध और हिंदुत्व के नाम पर कमल का ही बटन दबाएंगे।
क्षत्रियो को बेहद सिमित संख्या वाले गूजर समाज से सीखना चाहिए जिन्होंने अपनी राजनैतिक सूझबूझ और सामाजिक एकता से पश्चिम में अपनी एक मजबूत पहचान बना ली है। इस समय उत्तर प्रदेश में मात्र 0.7% की जनसँख्या वाले गूजर समाज के 6 विधायक, 3 सांसद, प्रदेश में एक स्वतंत्र प्रभार मंत्री, एक राज्य सभा सांसद और एक एमएलसी है।
वहीँ भाजपा संगठन में भी गूजरो को अच्छा प्रतिनिधित्व मिला है। नबाव सिंह नागर पश्चिम क्षेत्र के अध्यक्ष बने हैं और महामेधा नागर प्रदेश में मंत्री। भाजपा के साथ साथ सपा में भी इस समय गूजरो का प्रभावशाली दखल है। अतुल प्रधान, इकरा और राजकुमार भाटी पश्चिम उत्तर प्रदेश में सपा के मजबूत स्तम्भ हैं।
पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश में गूजरो की सबसे ज्यादा आबादी दादरी विधानसभा में है। इसके अलावा 8 से 10 और सीट है जहाँ गूजर खेल बिगाड़ सकते हैं। भाजपा ने दादरी को ही साधने का प्रयास किया है ताकि बाकी गूजर बहुल सीट भी साधी जा सकें।
दादरी से ही पश्चिम के नए अध्यक्ष नबाव सिंह नागर, प्रदेश मंत्री महामेधा नागर,राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर, एमएलसी नरेंद्र भाटी हैं। ध्यान देने वाली बात है दादरी केवल एक विधानसभा है, लोकसभा या जिला नहीं
गूजर समाज अतुल प्रधान और राजकुमार भाटी के नेतृत्व में सपा के साथ भी पींगे बढ़ा रहा था। गूजर कहीं सपा के साथ ना चले जाये, भाजपा के इसी डर ने गूजरो को लाभ पहुचाया। लोकतंत्र में यही तरीका है पार्टी और सरकार में पद और प्रतिनिधित्व पाने का या कहें तो बांह मरोड़ के काम कराने का।
लोकतंत्र की इस राजनीती को ना समझने वाले, पार्टी को माँ मानने वाले बंधुआ मजदूरों को तो दरी ही बिछानी पड़ेगी। देर से ही सही पर गूजर समाज को राजनीति समझने के लिए बधाई।
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image from 2024 loksabha elections
हनुमानगढ़ गंगानगर की बेटी…!!
13 साल की नाबालिग बच्ची…
मानव तस्करों के हत्थे चढ़ गई…
ऑटो वाले ने होटल वाले को बेचा…
होटल वाले ने दरिंदों को बेचा…
पाँच दिन में तीस से ज़्यादा दरिंदों ने बच्ची को नोचा…
परिवार वालों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवा रखी थी…
शहर भर के CCTV खंगालने के बाद बच्ची को होटल से बरामद कर लिया…
चारों तरफ़ दरिंदे घूम रहे हैं…
शासन प्रशासन के भरोसे मत रहना…
वो खुद हमारे भरोसे बैठे हैं…!!!
भारत सरकार के माननीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री @AshwiniVaishnaw जी का जेवर विधानसभा आगमन पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन। आपके कुशल नेतृत्व में देश आधुनिक अवसंरचना, डिजिटल क्रांति और तीव्र विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। आपका जेवर आगमन हम सभी के लिए गौरव एवं प्रेरणा का विषय है। #MLAJewar #Jewar #UttarPradesh #YogiAdityanath #Jewar_Ki_Udaan #CMUP
श्री राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने राजेन्द्र गुढ़ा की बात सही ठहराया
राजेन्द्र राठौड़ की अनदेखी पर करारा जवाब दिया भाजपा पार्टी @BJP4Rajasthan@BJP4India को....
🚨 बहुत बड़ा बयान 🚨
🔰 अखिलेश यादव अहीर हैं।
🔰 मोहन यादव अहीर हैं।
इसीलिए तो अखिलेश यादव ने अलग पार्टी का होने के बावजूद मोहन यादव का समर्थन किया है। दोनों मिलकर जातिवाद फैला रहे हैं।
~ सांसद, अउवैसी।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह को यूपी BJP की नई टीम में प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है।
इससे पहले उनके बड़े भाई पंकज सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष थे। पंकज नोएडा विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार विधायक हैं, दोनों बार भारी मतों से जीते। वहीं नीरज की सक्रियता मुख्यतः लखनऊ में रही है। उन्हें लोकसभा में अपने पिता का उत्तराधिकारी भी कहा जाता है।
वैसे टीम में कुल 19 उपाध्यक्ष हैं।
अन्तर्राष्ट्रीय निशानेबाज़ एवं कोच, स्व. जसपाल राणा के देहरादून स्थित घर पर आज त्रयोदशी संस्कार में सम्मिलित हुआ। जसपाल का जाना हम सबके जीवन में एक बहुत बड़ा शून्य निर्मित कर गया है। पूरे राणा परिवार की वेदना शब्दों में बताई नहीं जा सकती। ईश्वर शोकाकुल परिवार को यह भारी दुख सहने को शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!
भरत तिवारी जी का एनकाउंटर का Video है ...
पुलिस से लड़ रहे थे फिर माँ बाप के कहने पर खुद को
आत्मसमर्पण कर दिये थे ,,
और आत्मसर्मपण करने के बाद इनका एनकाउंटर हो
गया था ।
अखिलेश भैया और उनके स्वजाति समर्थक दुनिया भर के मुद्दों पर बयान देंगे, लेकिन उत्तर प्रदेश से सटे मध्य प्रदेश में बड़े भैया मोहन यादव जी पर परिवारवाद और राजनीतिक नियुक्तियों के सवालों पर पूरी तरह मौन रहेंगे।
मोदी जी को भी शायद यह सब दिखाई नहीं देगा, क्योंकि जब बात अपने-अपने सामाजिक समीकरणों की हो, तब सिद्धांत अक्सर पीछे छूट जाते हैं।
राजनीति में परिवारवाद गलत है, तो हर राज्य में गलत है। अगर उसका विरोध करना है तो चयनात्मक नहीं, समान रूप से करना चाहिए।