डांगावास नागौर 5 दलितों के नरसंहार केस में CBI की जांच पूरी तरह से सही थी।
मै दावे के साथ कहता हूँ राजस्थान हाई कोर्ट से आरोपी लोगो को सजा होगी।
फैसला देने वाले जज साहब जाट नहीं होते तो सभी आरोपियों को सजा मिलती।
आरोपी पक्ष कह रहा है कि जमीन पर उनका कब्जा था।
दलित मेघवालों को अवैध कब्जा हटाने का निवेदन किया था जबकि जमीन आज भी जमाबंदी में दलितों की हैं।
दलित पक्ष को डांगावास के जाटों द्वारा खाप पंचायत में बुलाने पर वो नहीं आए।
CBI कह रही है कि पंचायत के बाद ये सभी लोग गैंग बनाकर पीड़ित पक्ष पर हमला करने आए थे। उनके पास लाठी, हॉकी, धारदार हथियार थे। मतलब वो पूरी तैयारी के साथ पीड़ित मेघवालों पर हमला करने आए थे।
CBI कोर्ट में कहती है कि गवाहियों में मामूली विरोधाभासों से पूरा इन्वेस्टिगेशन अविश्वसनीय नहीं हो जाता, अनाज को भूसे से अलग करना कोर्ट का कर्तव्य है।
आरोपी पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि CBI टीम ये साबित नहीं कर पाई कि किस व्यक्ति ने क्या क्राइम किया घायल व्यक्ति भी हमलावरों को पहचान नहीं पाए।
5 लोगों की हत्या के लिए आरोपी ही जिम्मेदार हैं, इसका भी कोई ठोस सबूत नहीं है, CBI अपनी जांच में डाउट क्लियर नहीं कर पाई।
ऐसे में आरोपियों को संदेह का लाभदेकर बरी किया जाए।
CBI ने तर्क दिया आरोपियों की घटनास्थल पर अनुपस्थिति नहीं मानी जा सकती क्योंकि उन्हीं की सूचनाओं पर हथियार बरामद हुए।
उन पर इंसानी ब्लड भी पाया गया था जांच में कोई गलती रही हो तो दोषपूर्ण इन्वेस्टिगेशन का लाभ आरोपियों को नहीं दिया जा सकता।
फिर जाट समाज से आने वाले जज साहब ने 40 जाट आरोपियों को बरी कर दिया।
घटना को अंजाम देने वाले 40 जाट मेघवालों की जमीन पर क्यों गए थे? यह जज साहब ने नहीं देखा।
200 लोगो की भीड़ को लेकर जाने वाले 40 आरोपी लोग ही थे। इनका इरादा हत्या करना था।
@BhajanlalBjp सरकार को इस मामले में तत्काल हाई कोर्ट में अपील कर मजबूत पैरवी करनी चाहिए।
ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दुबारा न हो। ओर पीड़ितों को न्याय मिले।
@narendramodi@AmitShah@arjunrammeghwal@RahulGandhi@JogarampatelMLA
नागौर डांगावास दलित मेघवाल नरसंहार केस में 40 आरोपियों के बरी होने पर @SachinPilot चुप है?
सचिन पायलट जी दलित नहीं हारे है सरकार हारी है।
अशोक गहलोत की गलत नीतियों का हम विरोध करते है। जिसके कारण डांगावास केस में ऐसा फैसला आया है।
फिर भी उन्होंने उच्च न्यायालय में वर्तमान सरकार की ओर से अपील करने की मांग करी है।
सचिन पायलट जी आप पीड़ितों के लिए आवाज क्यों नहीं उठा रहे है?
पायलट साहब दलितों को टैक्टर के नीचे कुचलकर मारा था।
11 साल कोर्ट में न्याय हेतु लड़ने पर भी अगर दलितों को न्याय नहीं मिलता है तो यह विफलता आप लोगों की भी है।
जब अशोक गहलोत सत्ता में थे तब आपने SC/ST एक्ट के मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो उसकी मांग क्यों नहीं उठाई?
आप जालौर गए थे इंद्र मेघवाल हत्याकांड केस 2022 में फैसला आते आते सालों लग जाएंगे।
परिणाम डांगावास जैसा ही लग रहा है।
जितेन्द्र मेघवाल पाली हत्याकांड 2021 में फैसला आते आते वर्षों लग जाएंगे।
मेरा एक सीधा सा सवाल है दलित को न्याय कैसे मिले इस पर आप लोग क्या कर रहे है?🙏
@kharge@RahulGandhi@priyankagandhi
हे राम.... 🤦♀️
राजस्थान की 13 साल की वो बच्ची मर गई जिसे 32 लोगों ने 5 दिनों तक 5 होटलो में दुष्कर्म किया।
लेकिन फां सी की सजा इन 32 लोगों मे से किसी कों नहीं मिली
मोदी सरकार के बनाये गए ऐसे pocso Act 2019 कों लात मा रो.... 😡
ये रामराज्य है रामराज... 🤦♀️
भाई middle class family का
सीधा सा rule है
अगर hospital में कोई admit हैं
और रिश्तेदार उन्हें देखने न आए तो समझो
वो रिश्ता वही से खत्म 😅
(किस किस के family में ये rule है)
देशवासियों
ज़ब तक मोदी-शाह को सत्ता से बाहर नहीं किया जायेगा ये लोग अपने गुंडों से धमकाना बंद नहीं करेंगे‼️
ध्यान से सुनिए इन गुंडों को कैसे GenZ बच्चियों पर अपनी मर्दानगी दिखा रहा है।
आज बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता पड़ोसी राज्यों से दिल्ली और नोएडा इलाकों में सड़कों पर उतर आए हैं और जहां भी उन्हें कॉकरोच आंदोलन से जुड़ा कोई युवा दिखता है, तो वे उसे बुरी तरह पीट रहे हैं..
पुलिस हर जगह अब मूकदर्शक बन का तमाशा देख रही हैं।
अभिजीत दीपके सोनम वांगचुक और सौरव दास धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा दिलवा कर ख़ुशी मना रहे है।
उधर दिल्ली में बजरंगदल जो एक दंगाई गिरोह है वो लगातार छात्रों की पीट रही है।
और दल्ली पुलिस मूकदर्शक बनी देख रही है
अमृत काल में देश की छोटी छोटी बच्चियों को पुलिस से लाठी का जो हुरा होता है उससे मारवाया जा रहा है..🥺
जनता सब देख रही है आने वाले चुनाव में इसका बदला जरूर लेगी..
क्या दिल्ली पुलिस का इस्तर इतना गिर गया है की पुलिस के भैस मे गुंडों को बुला दिया वो बच्चों को भगाने ओर पीटने के लिए
दिल्ली पुलिस शर्म करो शर्म करो
कही उल्टा नही हो जाएं
आपके लड़के लड़कियों भी है उनका भी देखें ओर सरकार बदल सकती है
पुलिस वालों आप एक समय युवा ही थे
मस्ती मजाक अपनी जगह है....
लेकिन इस तरह से किसी माँ का वीडियो बनाना.. जो अपने बच्चे को दुग्धपान करवा रही हो....
कुछ लोग ऐसा करके खुद को बहुत कूल समझते हैँ... लेकिन ये बहुत गलत है... बहुत निंदनीय है....
मैं यूपी पुलिस से गुजारिश करता हूँ की वीडियो बनाने वाले को कम से कम एक साल की सजा दें....
इतना शेयर करिये की दोषी पकड़ा जाय 🙏🙏🙏
ऐसी लड़कियों को दिसंबर तक मा*रना चाहिए वो भी हरे बांस से ।
गर्मी इतनी ज्यादा की ब्रा तक खोल दी,
और ऊपर वाला भी सोचा कि जब प्रचार की करना है तो अच्छे से कर लो ।
देखो नशा कई प्रकार का होता है।
पैसा का नशा
दारू का नशा
जवानी का नशा
ये वाला कौन सा है?
चुपके से बगल के लोग विडियो बना रहे थे,
ये महिला अपने मासूम बच्चे को आखिर क्यों मार रही है?
ऐसी ज़ालिम महिलाओं को तो बेऔलाद होना चाहिए,
क्या इसकी वजह इसका बॉयफ्रेंड है?
अपने ही बच्चे की ही दुश्मन बन गई🤔