ॐ नमः शिवाय & जय मां कामाख्या मैया की
जय जगत जननी मां भगवती जगत अम्बे दुर्गा मां की
जय श्री हनुमान जी महाराज की
जय जय सीताराम भगवान की
जय भगवान परशुराम जी की
🤖😱 CHOTU TRIES TO PULL THE ROBOT — BUT WHAT HAPPENS NEXT IS UNBELIEVABLE! ⚡😂What starts as a simple moment suddenly turns into a hilarious and unexpected scene when Chotu tries to pull the robot! 🤖😂 The situation quickly becomes more entertaining as the little attempt creates a surprising reaction. 😱⚡ Everyone watching is left wondering whether Chotu can actually move the robot or if something completely unexpected is about to happen. 👀🔥 With funny timing, playful energy, and a twist that keeps the scene interesting, this moment is guaranteed to grab attention from the very beginning. 🎬🤣 Sometimes the smallest actions create the biggest entertainment, and Chotu’s unexpected robot challenge proves exactly that! 🤖💥
महाराष्ट्र चुनाव के भयानक आंकड़े जिससे वोट चोरी पकड़ी गई 👇
👉2019 - जून 2024: 5 साल में 32 लाख वोटर जुड़े
👉जून 2024-नवंबर 2024: सिर्फ 5 महीने में 39 लाख वोटर कैसे जुड़ गए?
👉टोटल वोटर: 9.70 करोड़ जबकि वयस्क आबादी 9.54 करोड़ ही है। वयस्क आबादी से ज्यादा वोट कहां से आए?
👉5.30 बजे शाम के बाद 65 लाख लोगों की वोटिंग दिखाई गई। राहुल गांधी ने पूछा है कि क्या सुबह 2 बजे तक वोटिंग हुई? जवाब नहीं मिला।
👉वीडियोग्राफी मांगने पर चुनाव आयोग ने वीडियो देने की जगह सरकार के साथ मिलकर नियम बदल दिए जिसके बाद वीडियो सबूत नहीं मांगा जा सकता।
चुनाव आयोग को कब्जे में लेने से लेकर, डिजिटल साक्ष्य के नियम बदलने तक - हर तरह से वोटों की डकैती का रास्ता क्यों साफ किया गया?
लोकतंत्र के लुटेरे जवाब कब देंगे?
भाई की हिम्मत को सलाम करते हैं सत्य वचन बोलने की हिम्मत है इनमें में
किसी भी पाटी के भक्त मत बनो जो काम अच्छा करे उसी का सपोर्ट करो
ऐसे ही 15 साल पहले BJP की लहर चली थी।
प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के नेताओं ने विपक्षी नेताओं के लिए क्या-क्या शब्द इस्तेमाल किए हैं—
किसी को “जर्सी गाय”, किसी को “50 करोड़ की गर्लफ्रेंड”, तो किसी महिला सांसद की तुलना “शूर्पणखा” से की गई।
ऐसे कई उदाहरणों के बाद भाजपा वालों से कांग्रेस को राजनीतिक भाषा और मर्यादा का पाठ सीखने की कोई आवश्यकता नहीं है।
राजनीति में असहमति हो सकती है, लेकिन मर्यादा का उपदेश देने से पहले अपना इतिहास भी देख लेना चाहिए।