सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस BR Gawai को मारने के लिए जूता निकालने की कोशिश की!
एक दलित, मुख्य न्यायाधीश क्या बन गया जातंकवादियों को पच नहीं रहा है।
क्या कभी किसी SC,ST, OBC ने किसी CJI के साथ इस तरह से हिंसा की कोशिश की?
इन जातिवादियों को बाबा साहब का दिया दर्द अभी लंबा झेलना है!
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी आर गवई साहब पर किया गया हमला बेहद निंदनीय भी है और साथ ही देश में बढ़ते नफरत के माहौल का द्योतक भी है। जब सिटिंग मुख्य न्यायाधीश इस तरह के हमले के शिकार हो सकते हैं तो देश के कमजोर वर्गों, दलितों के साथ क्या हो रहा होगा यह कल्पना की जा सकती है।
कांग्रेस पार्टी ये बात लगातार कह रही है कि संविधान और संवैधानिक संस्थाएं देश में योजनाबद्ध तरीके से कमजोर की जा रही हैं, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पर इस शर्मनाक हमले को इसी रूप में देखना चाहिए। नफरती विचारधारा के लोग न संविधान का, न कानून का और न ही इनकी पालना करवाने वाले लोगों का सम्मान कर सकते हैं।
आदिवासी हिंदू नहीं हैं, यह बात तो सदियों से स्पष्ट है, क्योंकि उनकी संस्कृति, परंपरा और आस्था की जड़ें प्रकृति में हैं, किसी मंदिर या मूर्ति में नहीं। लेकिन आज चीफ जस्टिस गवई पर हुए हमले ने यह भी उजागर कर दिया कि दलित भी हिंदू नहीं हैं। जब कोई दलित तर्कसंगत बाते करता है या ऊँचे पद पर पहुँचता है, तो मनुवादी मानसिकता उसे स्वीकार नहीं कर पाती। यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि उस विचार पर प्रहार है जो तर्कों के साथ विज्ञान, समानता और न्याय की बात करता है।
क्या चीफ जस्टिस पर हमले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौन सहमति है?
लोकतंत्र में न्यायपालिका पर हमला सिर्फ़ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि संविधान की आत्मा पर प्रहार है।
#Cjigavai#SupremeCourt
साथियों, आज अनशन का 11वां दिन है.!
लेकिन इस तानाशाह भाजपा सरकार के कानों पर जूं तक रेंग नहीं रह रही!
यह सरकार इतनी निरंकुश हो चुकी है कि गरीब बच्चे मरे इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, किसानों की फसल तबाह हो जाए, इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, नरेश जैसे युवा मर जाए इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। यह बकरी सरकार है जो सिर्फ मोदी और शाह के सामने मिमिया सकती है, किसी को न्याय नहीं दे सकती!
बाकी साथियों, हम भी हार नहीं मानने वाले, बेशक नरेश मीणा रहे या ना रहे, कोई फ़र्क नहीं पड़ता, लेकिन उन मासूम गरीब आदिवासी बच्चों को न्याय न्याय नहीं मिलता, तो बहुत फर्क पड़ता हैं।
मेरे ऊपर भी बहुत दबाव आ रहा है। सभी समर्थक, मिलने वाले यहां तक की परिजन, खुद मेरी माताजी बार बार रो कर कह रही हैं कि – बेटा रोटी खा ले, यह सरकार गूंगी है,अंधी हो चुकी हैं, इनसे न्याय की उम्मीद मत करो"
लेकिन मैं क्या करूं, अगर आज हार गया तो फिर कोई भगत सिंह कैसे खड़ा होगा, फिर कोई गरीब मजदूर, किसान किससे न्याय और इंसाफ की उम्मीद करेगा।
इसलिए आप सब मेरी परवाह किए बिना कि नरेश मीणा जिंदा रहेगा या नहीं, इसकी चिंता छोड़ कर इस गूंगी बहरी सरकार को जगाने के लिए गांव गांव ढाणी ढाणी दबाव बनाने की मुहिम शुरू करे।
मैं आप सभी के आदेशानुसार गांधीवादी तरीके से ही आंदोलनरत हूं..
मेरा एक विचार है कि इस गूंगी बहरी सरकार के खिलाफ मेरे अनशन के 21वे दिन यानी 02 अक्टूबर को गांधी जयंती और दशहरे के दिन गांव गांव में बुराई अत्याचार के रूप में इस बार रावण की जगह भाजपा सरकार के रावण रूपी मुख्यमंत्री, कुंभकर्ण रूपी मंत्री मंडल और मेघनाद रूपी भाजपा विधायकों का पुतला दहन किया जाए और सोशल मीडिया के माध्यम से जन जन तक पीपलोदी हादसे में मृत बच्चों को न्याय की आवाज पहुंचाए।
मुझे उम्मीद है कि "भगत सिंह सेना" पूरे राज्य में इस निरंकुश सरकार का पुतला दहन कर जनक्रांति और न्याय की इस लड़ाई को जरूर सफल बनाएगी!
"पीड़ितों को न्याय मिलने तक मेरा मौन और अन्न त्याग आमरण अनशन जारी रहेगा"
-:नरेश मीणा:-
राजनीति शतरंज की तरह है; जहाँ मोहरे बदलते रहते हैं और चालें कभी निश्चित नहीं होतीं.! पूर्व मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 जी ने अभी तो नरेश भाई के समर्थन में पोस्ट लिखा है; हो सकता है कि वो जल्दी ही हॉस्पिटल में जाकर नरेश भाई से मिल भी लें.! अगर ऐसा हुआ तो वो एक ही झटके में पूर्वी राजस्थान एवं हाड़ौती के युवाओं का दिल जीत लेंगे.! जादूगर का कोई पता नहीं है कि वो कब कौनसा जादू कर दें.? हो सकता है कि जादूगर नरेश भाई को पूर्वी राजस्थान और हाड़ौती का सबसे बड़ा नेता बना दें.! इंक़लाब ज़िंदाबाद.!
मैंने आज भाई नरेश मीणा जी के माध्यम से पीड़ित परिवारों की मदद के लिए ₹11,000 का सहयोग प्रदान किया है। आप सभी साथियों से अपील करता हूँ कि झालावाड़ हादसे के पीड़ित परिवारों की आर्थिक मदद के लिए आगे आएं और सरकार को आइना दिखाएं।
आज SMS अस्पताल, जयपुर में भाई नरेश मीणा जी से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। झालावाड़ स्कूल हादसे में न्याय की मांग को लेकर वे पिछले 11 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। अगर नरेश जी के साथ कोई अनहोनी होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी भजनलाल शर्मा सरकार की होगी और समाज अपनी करारी प्रतिक्रिया देगा। झालावाड़ हादसे में जिन मासूम बच्चों की जान गई वे दलित, आदिवासी और वंचित बहुजन समाज से थे। सरकार ने उनके परिवारों को न्याय और सहानुभूति देने के बजाय 5 बकरियाँ थमा दीं, मानो उनकी पीड़ा और जीवन की कोई कीमत ही न हो। यह भजनलाल शर्मा जैसे लोगों की दलित-आदिवासी विरोधी और घृणित मानसिकता को दर्शाता है।
@BhajanlalBjp@RajGovOfficial@NareshMeena__@AbhishekMeena__@AbrarMalarana@madandilawar@narendramodi@jualoram@madanrrathore@VasundharaBJP@rashtrapatibhvn
हर धर्म सिखाता है - डरो मत, डराओ मत।
सत्य के साथ खड़ा होना चाहिए, उससे पीछे नहीं हटना चाहिए, और अहिंसा के रास्ते पर चलना चाहिए।
जब भाजपा ने देश में भय फैलाया, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए INDIA ने इसी सोच को अपनाया।
यह बहुत ही गलत है!
आज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने NEET के मुद्दे पर बहस करने की अनुमति मांगी और जब वह NEET पर बोल रहे थे तो
बोलते बोलते ही उनका माइक बंद कर दिया गया।
यह बेहद ही शर्मनाक है कि एक लोकतंत्र में नेता प्रतिपक्ष का माइक बंद कर दिया जाता है और वो भी जनहित के मुद्दों पर।
क्या राहुल गांधी देश के तमाम NEET पेपर देने वाले बच्चों की आवाज़ उठाकर कुछ गलत कर रहे थे?
राज्य सरकार को चाहिए कि भयंकर गर्मी एवं लू की स्थिति को देखते हुए सर्दी में शहरों में बनने वाले रैन बसेरों की तरह गर्मी से बचाव के लिए भी रैन बसेरे बनाए जाएं। जगह-जगह टैंट से कमरे बनाकर नगरीय निकाय इनमें पंखे, कूलर एवं ठंडे पानी का इंतजाम कर दे। इससे शहर में काम से आने वाले लोगों को दोपहर में गर्मी से बचने का एक ठिकाना मिल जाएगा। आने वाले वर्षों में भी गर्मी बढ़ने के संकेत हैं इसलिए ऐसी व्यवस्था की जरूरत आ गई है।
कल सांसद मनोज तिवारी ने नेहा सिंह राठौर के कार्यक्रम में गुंडे भेजें लेकिन सफल नहीं हो पाए @nehafolksinger डटी रहीं और गाती रहीं यूपी में का बा
एक कन्हैया को हराने के लिए पूरी फ़ौज लगा रखी है
सुनिए आप बाक़ी RT कीजिए
NEET परीक्षा का पेपर लीक होने की खबर 23 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं और उनके परिवारों के सपनों के साथ धोखा है।
12वीं पास कर कॉलेज में दाखिले का सपना संजोए छात्र हों या सरकारी नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे होनहार युवा, हर किसी के लिये मोदी सरकार अभिशाप बन चुकी है।
10 वर्षों से भाजपा सरकार के निकम्मेपन की कीमत अपने भविष्य की बर्बादी से चुका रहा युवा और उसका परिवार अब समझ चुका है कि ज़ुबान चलाने और सरकार चलाने में फर्क होता है।
कांग्रेस ने सख्त कानून बनाकर युवाओं को पेपर लीक से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया है। छात्रों को स्वस्थ और पारदर्शी माहौल हमारी गारंटी है।