मुझे तो डर है कि Gen-Z कहीं BJP-RSS के लोगो के घरों का घेराव न कर दे और ये घर से बाहर भी न निकल पाएँ।
जिस तरह इन्होंने Gen-Z का अपमान किया, जिस तरह लाठियाँ चलाईं, बेटियों को लाठियाँ मारीं, डंडे मारे, आँसू गैस और पैलेट गन का इस्तेमाल किया—देश सब देख रहा है।
नौजवान इसे भूलेगा नहीं। इन NDA के नेताओं को माफ़ नहीं करेगा, मंत्री को माफ़ नहीं करेगा। नौजवान इन्हें सबक सिखाएगा।
उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी दलित युवा नवप्रवर्तक रवि टम्टा जी का यह नवाचार वास्तव में अद्भुत, प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण है। सुदूर पहाड़ में जन्मे रवि टम्टा जी ने साबित कर दिया कि उनके हौसले भी पहाड़ जैसे बुलंद हैं।
रवि टम्टा जी ने HAPIDA SKYNeX उड़ान वाहन (Flying Vehicle) के प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वे सुरक्षित एवं विद्युत चालित व्यक्तिगत उड़ान वाहन विकसित करने के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं। वर्षों के शोध, नवाचार और अथक परिश्रम के बाद प्रोटोटाइप की यह सफल उड़ान उनके सपने को साकार करने की दिशा में पहला बड़ा मील का पत्थर है।
यह उपलब्धि केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। ऐसे स्वदेशी नवाचार भारत की वैज्ञानिक क्षमता, युवाओं की प्रतिभा और आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं।
रवि टम्टा जी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत मंगलकामनाएं। हमें विश्वास है कि उनका यह प्रयास भारत को भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
हमें आप पर गर्व है!
उत्तर प्रदेश के जनपद सीतापुर के एक सरकारी विद्यालय में मिड-डे मील के नाम पर बच्चों को पानी जैसी सब्ज़ी और जली हुई रोटियाँ परोसा जाना बेहद शर्मनाक और सरकार की संवेदनहीनता का प्रतीक है।
बच्चों की थाली में भ्रष्टाचार किसी भी सभ्य समाज के माथे पर सबसे बड़ा कलंक होता है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, समय रहते अपनी शासन व्यवस्था सुधारिए। नहीं तो बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक भोजन और बुनियादी सुविधाएँ देने के बजाय आपकी सरकार हर घटना में, फतेहपुर के किशनपुर स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज के छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन की तरह, यही तलाश करती रह जाएगी कि “कहीं इसके पीछे भीम आर्मी का हाथ तो नहीं है?”
सरकारी स्कूलों की बदहाली ही शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी सच्चाई है।
आगरा के महाराजा सूरजमल इंटर कॉलेज में पिछले नौ वर्षों से न बिजली का कनेक्शन है और न ही पेयजल की व्यवस्था। छात्र और शिक्षक भीषण गर्मी में हाथ से पंखा झलकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। यह किसी एक विद्यालय की नहीं, बल्कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था की उपेक्षा का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, करोड़ों रुपये के प्रचार से ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के पोस्टर चमक रहे हैं, सरकारी स्कूल नहीं।
शर्मनाक!
"शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मिटने वालों का यही निशां होगा"
कारगिल युद्ध में भारतीय सेनाओं के अदम्य साहस व पराक्रम को शत-शत नमन करते हुए सभी देशवासियों को कारगिल विजय दिवस की हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं।
#Kargilvijaydivas
"शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मिटने वालों का यही निशां होगा"
कारगिल युद्ध में भारतीय सेनाओं के अदम्य साहस व पराक्रम को शत-शत नमन करते हुए सभी देशवासियों को कारगिल विजय दिवस की हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं।
#Kargilvijaydivas
सारनाथ का यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल होना पूरे देश के लिए गर्व और हर्ष का विषय है। भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेशस्थली को मिली यह वैश्विक मान्यता भारत की समृद्ध बौद्ध विरासत का सम्मान है।
सारनाथ ने पूरी मानवता को शांति, करुणा, समानता और मध्यम मार्ग का संदेश दिया। यह उपलब्धि हमारी ऐतिहासिक धरोहर को विश्व पटल पर नई पहचान देगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे।
सारनाथ की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ।
जय भीम! नमो बुद्धाय!
जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक जी से आज मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। साथ ही आंदोलनरत छात्र-छात्राओं से मिलकर उनका हौसला बढ़ाया तथा उनके लोकतांत्रिक संघर्ष के प्रति अपना समर्थन एवं एकजुटता व्यक्त की। आंदोलन में पहुँचे भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सभी साथियों का आभार।
परम प्रतापी योद्धा, अद्भुत साहस, दूरदर्शी रणनीति और जनकल्याणकारी शासन के प्रतीक, बहुजन प्रतिपालक राजाधिराज छत्रपति शिवाजी महाराज के संबंध में यह कहना कि वे युद्धों से थककर अपना मुकुट किसी और को सौंपना चाहते थे, न केवल ऐतिहासिक रूप से असत्य है, बल्कि उनके अदम्य साहस और स्वाभिमान का घोर अपमान भी है।
प्रधानमंत्री @narendramodi जी के ‘मुँहबोले छोटे भाई’ धीरेन्द्र द्वारा नागपुर में ऐसे मंच से, जहाँ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में इस प्रकार का बयान दिया जाना, भाजपा-आरएसएस की उसी सोच का परिणाम है, जहाँ बहुजन नायकों के योगदान को कमतर दिखाने, उनके संघर्ष को कमजोर करने और उनके व्यक्तित्व को विकृत करने की कोशिश लगातार की जाती रही है।
इतिहास साक्षी है कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी हार नहीं मानी।उनका जीवन त्याग, संघर्ष और आत्मसम्मान की सर्वोच्च मिसाल है-न कि थककर पीछे हट जाने की कहानी।
ऐसे भ्रामक और असत्य बयानों के माध्यम से न केवल समाज को गुमराह किया जा रहा है, बल्कि नई पीढ़ी के सामने इतिहास की विकृत तस्वीर प्रस्तुत की जा रही है। यह सीधे-सीधे हमारे महापुरुषों के गौरव को ठेस पहुँचाने का प्रयास है।
हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि बहुजन समाज अपने महापुरुषों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। इस बयान के लिए धीरेंद्र पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
छत्रपति शिवाजी महाराज केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, स्वाभिमान और बहुजन अस्मिता के जीवंत प्रतीक हैं। उनके गौरव को ठेस पहुँचाने वाली किसी भी सोच और साजिश को देश का जागरूक समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा।
आगरा के सिकंदरा क्षेत्र की घटना को लेकर कुछ मीडिया संस्थानों, विशेषकर @aajtak द्वारा भीम आर्मी के नाम पर भ्रामक और भड़काऊ खबरें चलाई जा रही हैं। जिस प्रकार “उत्पात” और “जातीय तनाव” जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है, वह बेहद चिंताजनक है।
जबकि स्थानीय पुलिस ( https://t.co/MF2on2YNtP ) के अनुसार, यह मामला कुछ युवकों द्वारा चौक पर चढ़कर नारेबाजी करने तक सीमित है और किसी भी प्रकार की मूर्ति या धार्मिक संरचना को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है।इसके बावजूद एक पूरे संगठन और विचारधारा को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।जो किसी भी रूप में उचित नहीं है।
हम @agrapolice से मांग करते हैं कि:
1. इस प्रकार की भ्रामक और एकतरफा खबरें चलाने वाले मीडिया संस्थानों के खिलाफ संज्ञान लेकर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
2. बिना प्रमाण किसी संगठन विशेष का नाम जोड़कर सामाजिक वैमनस्य फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
3. घटना की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई को सार्वजनिक किया जाए, ताकि अफवाहों पर रोक लग सके।
लोकतंत्र में मीडिया की जिम्मेदारी समाज को सच दिखाने की है, न कि नफरत फैलाने की।
हम सभी से अपील करते हैं कि अफवाहों से बचें और सामाजिक सौहार्द बनाए रखें।
@BhimArmyChief@UPGovt@CMOfficeUP@myogiadityanath@Uppolice@dgpup
विद्या बिना मति गयी, मति बिना नीति गयी,
नीति बिना गति गयी, गति बिना वित्त गया,
वित्त बिना शूद गये, इतने अनर्थ, एक अविद्या ने किये।
महिलाओं के उत्थान व शिक्षा के लिए सदैव संघर्षरत, महान लेखक क्रांतिसूर्य राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिबा फुले जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन एवँ विनम्र आदरांजलि।
मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में चल रही सीलिंग कार्रवाई अत्यंत पीड़ादायक, चिंताजनक और सरकार की घोर विफलता का उदाहरण है। इस कार्रवाई ने एक साथ व्यापारियों, मरीजों और विद्यार्थियों को संकट में डाल दिया है, जो किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराया जा सकता। यह पूरी स्थिति साफ दर्शाती है कि सरकार ने बिना मानवीय संवेदना के केवल कागजी कार्रवाई को प्राथमिकता दी है।
सबसे गंभीर बात यह है कि सरकार द्वारा माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष पूरे तथ्यों को सही ढंग से प्रस्तुत नहीं किया गया। व्यापारियों से करोड़ों रुपये वसूले गए, कई भवनों का भू-उपयोग परिवर्तन पूर्व में स्वीकृत किया जा चुका था, इसके बावजूद उन्हें अवैध बताकर कार्रवाई की गई। यह सीधे-सीधे प्रशासनिक लापरवाही और जिम्मेदारी से बचने का प्रयास है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आपको यह स्पष्ट करना चाहिए कि जब वर्षों से ये संस्थान संचालित हो रहे थे, तब संबंधित विभाग क्या कर रहे थे। अचानक इस प्रकार की कार्रवाई कर लोगों के जीवन, रोजगार और बच्चों के भविष्य को संकट में डालना पूर्णतः अन्यायपूर्ण है।
भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) पूरी मजबूती के साथ सेंट्रल मार्केट के प्रभावितों के साथ खड़ी है।
@UPGovt@CMOfficeUP