जब खुद माननीय मुख्यमंत्री ने पटवारी कैंडिडेट्स के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कोई घोषणा की हो उसे लगभग 1 साल 2 महीने बाद भी अमलीजामा नहीं दिया जाना उचित नहीं है क्योंकि मुख्यमंत्री की घोषणा खुद सरकार की घोषणा होती है।
दूसरा मुख्यमंत्री की घोषणा पटवारी सेवा से जुड़ी विसंगतियों को दूर करती है ऐसे में इसे आर्थिक भार या अन्य वजहों से नकारना भी उचित नहीं है ऐसे में इसे नॉन फिजिबल कहकर किसी प्रशासनिक नियमों के जटिलता के बियाबान में भेजकर समाप्त करने के प्रयास नहीं होने चाहिए।
पटवारी आज भी जिला प्रशासन में सबसे प्रमुख भूमिका निभाता है ऐसे में उसकी सेवा शर्तों की स्पष्ट विसंगतियों को दूर करने में ऐतिहासिक या आर्थिक कारण दिए जाने उचित नहीं है।
ये उनका हक है जिसे सरकार ने खुद स्वीकारा और अब उस पर फैसला लेने में देरी हो रही है।
Selected पुलिस कांस्टेबल कंडीडेट करे पुकार, आवाज सुनो हरियाणा सरकार
हरियाणा पुलिस के कंडीडेट मानसिक तनाव के हुए शिकार, आवाज सुनो हरियाणा सरकार
2019 की भर्ती 2022 तक पूरी नहीं की
#haryana_constable_joining_do@cmohry@mlkhattar@DGPHaryana