ज़िंदा हो तो लिखो
सरकार को सोनम वांगचुक से वार्ता करनी चाहिए। सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। तबीयत नासाज हैं, वह स्वयं के लिए नहीं बैठे हैं, देश के युवाओं के हक अधिकारो की रक्षा के लिए भूख हड़ताल पर हैं।
मैं सोनम वांगचुक के साथ हूँ । ✊🔥
#justice#cjp
गुजरात के एक लड़के ने कर्ज लेकर 42500 रूपये का फोन खरीदा था कंपनी ने वादा किया था इससे पानी के अंदर भी फोटो ले सकते है।
दो महीने बाद जब लड़के ने पानी में फोटो लिया तो फोन ही बंद हो गया।
जब वो फोन लेकर सर्विस सेंटर पहुंचा तो उसे ठीक करने से मना कर दिया गया अब लड़का...Open news
Congratulations Virat 🐐 and RCB! The most deserving team this year. Don’t know why, but it genuinely felt like it was RCB vs every other team in the tournament. What a season, what a finish! ❤️🏆
#RCBvsGT | #ViratKohli#ViratKohli
PL Champions: तो जोर से बोलो सलाम कोहली भाई !
◆ फाइनल ने RCB ने GT को हराया, लगातार दूसरी बार उठाई ट्रॉफी
#ViratKohli | Virat Kohli #IPLChampions#RCBvsGT
जिसने वर्षों तक पत्रकारिता को TRP, प्रोपेगेंडा और सत्ता के पक्ष-विपक्ष की लड़ाई में बदल दिया हो, उसे शिक्षकों को 'धंधेबाज' कहने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।
शिक्षा में गलत लोग भी हैं।
लेकिन पत्रकारिता में भी हैं।
राजनीति में भी हैं।
व्यापार में भी हैं।
तो क्या कुछ गलत लोगों के कारण पूरे शिक्षक समाज को "दो कौड़ी का" कह दिया जाएगा?
anjana शिक्षक का सम्मान कमाने में वर्षों लगते हैं।
भर्तियाँ अटक रही थीं,
लाखों युवाओं की उम्र निकल रही थी,
तब आपके स्टूडियो की आवाज़ कहाँ थी?
शिक्षकों ने पैसे लेकर शिक्षा दी है।
लेकिन पैसे लेकर किसी राजनीतिक दल का प्रवक्ता बन जाना,
व्यवस्था की हर गलती पर पर्दा डालना,
और जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना...
यह सिर्फ पत्रकारिता का पतन नहीं,
बल्कि अपने पेशे के साथ गद्दारी है।
शिक्षक फीस लेकर ज्ञान देता है,
मेहनत करवाता है,
बच्चे का भविष्य बनाता है
शिक्षकों ने पैसे लेकर पढ़ाया है,
देश के लाखों युवाओं को रोजगार तक पहुँचाया है।
लेकिन गलत को सही और सही को गलत साबित करने की कीमत लेकर काम करना,
समाज और लोकतंत्र दोनों के साथ विश्वासघात किसने किया ?