बहुजन समाज की बुलंद आवाज़, बुद्धजीवी लेखक, भीम मिशन के लिए समर्पित, क्रांतिकारी भाई @SurajKrBauddh जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।💐💐
आप ऐसे ही अपनी बुलंद आवाज़ से बहुजन समाज का मार्गदर्शन करते रहें।
#जयभीम
Remembering with deep reverence Bharat Ratna Dr. Babasaheb Ambedkar on the occasion of his 135th Jayanti today. He left behind a legacy that will forever be remembered for how he inspired the oppressed and downtrodden to lead a life of self-respect and paved the way for equality in law and society through his actions.
We can never forget the pivotal role he played in shaping our Constitution, which ensured inalienable fundamental rights and ingrained the basic principles of democracy, equality, social justice and federalism into our democratic ethos.
Jai Bhim!
On #AmbedkarJayanti, we honour the visionary architect of our Constitution, Dr. B.R. Ambedkar. His lifelong struggle for social justice and a casteless society continues to inspire our march toward equality. Let us pledge to uphold his legacy and defend the constitutional values of fraternity and dignity for all.
संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी ने हर एक भारतीय को संविधान के रूप में एक सुरक्षाकवच दिया जो स्वतंत्रता, समानता, न्याय और बंधुत्व की गारंटी है। बाबासाहेब के अथक प्रयासों से वंचित वर्गों के सवाल हमारे स्वतंत्रता आंदोलन और संविधान का अभिन्न हिस्सा बने। सबको समान अवसर, समान अधिकार और सबका कल्याण ही बाबासाहेब की विचारधारा का मूल है। संविधान के मूल्यों व बाबासाहेब के विचारों की रक्षा का संकल्प ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।
बाबासाहेब की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
"Why is Babasaheb Ambedkar underrated?"
Babasaheb was a great economist whose vision shaped RBI. He influenced key ideas like reduced working hours, equal pay, insurance laws, and MATERNITY RIGHTS.
Indian historians were always biased against Babasaheb because of his caste.
On the birth anniversary of Babasaheb Dr B. R. Ambedkar, we bow with deep reverence to the visionary who gave India its moral and Constitutional soul.
Babasaheb was not just the architect of the Constitution of India, but a relentless warrior for Liberty, Equality, Fraternity and Justice, values that define the very idea of India.
Today, when the Constitution faces a conspiratorial attack, his words and warnings echo with renewed urgency. This is a moment that calls for courage and conviction.
We must not merely remember him, we must rise to defend every principle he enshrined, to protect every right he secured, and to uphold every value he lived and fought for.
महान कानूनविद, अद्वितीय प्रतिभा के धनी, महानायक, विद्वान, दार्शनिक, वैज्ञानिक, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, लोकप्रिय राजनीतिज्ञ, समाजसेवी, महान योद्धा, देश के प्रथम विधि एवं न्याय मंत्री, भारतीय संविधान के जनक डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर की जयंती के शुभ अवसर पर हार्दिक मंगलकामनाएँ।
हम लोग बाबा साहेब के विचार और आदर्श को सच्चे मन से जीवन मे उतार, पूर्ण समर्पण से सामाजिक गैर-बराबरी व जातीय-धार्मिक भेदभाव का खात्मा कर, समता मुल्क समाज के निर्माण के उनके विचार को आगे बढ़ाने में प्रयासरत हैं। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
संविधान विरोधी बीजेपी/RSS शुरू से ही गरीब, दलित, पिछड़ा और आदिवासी विरोधी रहे है। ये ऐसे लोग है जिन्हें बाबा साहेब की विचारधारा से कोई सरोकार नहीं है। यही लोग बारम्बार संविधान बदलने की कोशिशें करते रहते है।
#AmbedkarJayanti #ambedkar #TejashwiYadav #JaiBhim
डॉ अंबेडकर जयंती देश भर में धूम धाम से मनाई जा रही है। जनता मना रही है। वीडियो मुंबई के बांद्रा इलाक़े का है। 14 अप्रैल की पूर्व संध्या का। सभी की तरफ़ से सभी को बधाई।
सामाजिक न्याय खून बनकर हमारी रगों में बहता है, #बाबासाहेबआंबेडकर हमारे हृदय में बसते हैं!
महिला आरक्षण में हमे दलित, आदिवासी, पिछड़ी और अतिपिछड़ी महिलाओं के लिए अलग से कोटा चाहिए। महिला आरक्षण को 50 फीसदी करो मगर उसमें बहुजन महिलाओं को Quota within Quota लागू करो।
~तेजस्वी जी
आज अंबेडकर जयंती देशभर में दीपावली, होली और रामनवमी से भी बड़े स्तर पर मनाई गई। यह बदलाव यूं ही नहीं आया। समाज में यह चेतना पैदा करने में हमे दशकों लगे है। एक समय ऐसा भी था जब अंबेडकर जयंती मनाना तो दूर, इस अवसर पर एक शब्द लिखना तक जरूरी नहीं समझा जाता था
बाबासाहेब का लगातार अपमान करने वाली सरकार ने अख़बारों के फ्रंट पेज पर बाबासाहेब की तस्वीर छपवाई है.
उन्हें जितनी समस्या बाबासाहेब के सिद्धांतों से है उतनी ही दिक्कत उनके बनाए संविधान से भी है.
इस सरकार के सारे छल-प्रपंच बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जी के विराट व्यक्तित्त्व के आगे बौने पड़ जाते हैं.
बाबासाहेब के अनुयायियों का दमन करने वाली ये सरकार दिल पर पत्थर रखकर बाबासाहेब को नमन कर रही है.
आज बाबासाहेब का जन्मदिवस है…सच्चे भारतीय और युगपुरुष बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जी अमर रहें…जय भीम…जय भारत💐🇮🇳
''शत्रु वो लोग नहीं हैं, जो जाति व्यवस्था का पालन करते हैं बल्कि वो लोग हैं जो जाति व्यवस्था का पाठ पढ़ाते हैं.''
- डॉ भीमराव आंबेडकर
आज बाबा साहेब की जयंती है.
बाबसाहेब भीमराव अंबेडकर के बारे में सबसे बड़ा झूठ ये है कि वो सिर्फ़ दलितों के नेता थे.
सच तो ये है कि अगर डॉक्टर अंबेडकर दलितों के मसीहा हैं तो महिलाओं के लिए भी भगवान से कम नहीं हैं.
ये डॉक्टर अंबेडकर ही थे जिन्होंने भारत में महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिलवाया…वरना स्विट्ज़रलैंड जैसे देश में भी महिलाओं को ये अधिकार 1971 में जाकर मिल पाया.
जिस जमाने में महिलाएँ चारदीवारी में बंद रहा करती थीं, डॉक्टर अंबेडकर ने उस दौर में कामकाजी महिलाओं को मातृत्व अवकाश दिलवाया…वरना अमेरिका जैसे देश में भी महिलाओं को ये अधिकार 1993 में मिला.
महिलाओं को नहीं भूलना चाहिए कि उन्हें संपत्ति में बराबर अधिकार दिलाने की वकालत भी डॉक्टर अंबेडकर ने ही की थी.
ध्यान रहे कि…
बाबासाहेब ने मनुस्मृति को सिर्फ़ इसलिए नहीं जलाया था कि इसमें दलित विरोधी बातें लिखी थीं…बल्कि इसलिए भी जलाया था क्योंकि इसमें महिलाओं को ग़ुलाम बनाने के तरीक़े लिखे थे.
कुल मिलाकर देश की महिलाओं को याद रखना चाहिए कि भारत में महिला अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले योद्धा डॉक्टर अंबेडकर जी ही थे.
जय भीम जय भारत…🇮🇳💐
“”Political DEMOCRACY cannot last unless there lies at the base of it SOCIAL DEMOCRACY . What does social democracy mean? It means A WAY OF LIFE which recognises liberty, equality and fraternity as the principles of life”. -B. R. Ambedkar #ambedkarjayanti#inspiration#JaiBhim