धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से क्या हो जाएगा?
दूसरा आयेगा फिर पेपर लीक होगा, प्रधान को दूसरा मंत्रालय मिल जाएगा।
जरूरत है जायज मांग की, एक ऐसी डिमांड जो सदियों से चली आ रही व्यवस्था को सुधारे, लोग बदल जाने से सिस्टम नहीं बदलेगा।
1- जिस परीक्षा एजेंसी के कार्य के दौरान पेपर लीक हो उसे हमेशा के लिए ब्लैक लिस्ट किया जाए साथ में उम्रकैद की सजा का प्रावधान हो।
2- दोषी जो भी हो, 1 महीने के अंदर फांसी की सजा, 2-4 बार फांसी होते ही सिस्टम अपने आप सुधर जाएगा
3- प्रश्न पत्र के कम से कम 10 सेट बनाए जाएं, और केवल 1 घंटे पहले कोई एक सेट चुना जाए, लीक होने की 90% संभावना खत्म हो जाएगी
आरक्षण पर कोई पार्टी बात क्यों नहीं करती?
आरक्षण के खिलाफ़ आंदोलन क्यों नहीं होते।
जाति-धर्म और राज्य के नाम पर कितना आरक्षण दिया जाएगा? सामान्य वर्ग का दर्द कौन समझेगा?
~ Harsh Dubey, NEET Aspirant
यूपी जिला ललितपुर में 78 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षक राजाराम गोस्वामी ने ज़हर खाकर आत्महत्या कर ली।
मृत्यु से पहले उन्होंने तीन सुसाइड नोट लिखा है उन्होंने पूर्व IPS अधिकारी एलवी एंटोनी देवकुमार समेत 7 अन्य लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है।
वर्ष 2022 में राजाराम गोस्वामी के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था, जिसकी सुनवाई 16 जुलाई 2026 को होनी थी। परिजनों के अनुसार, वह इस मुकदमे को लेकर लंबे समय से मानसिक तनाव में थे।
सुसाइड नोट में उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया, मारपीट की गई और उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तत्कालीन SP एलवी एंटोनी देवकुमार ने स्वयं थाने में बैठकर SC/ST एक्ट का झूठा केस दर्ज कराया। एलवी एंटोनी देवकुमार उस समय ललितपुर के SP थे और हाल ही में DG पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
सेवानिवृत्त शिक्षक राजाराम गोस्वामी के कथित सुसाइड नोट में बेहद गंभीर आरोप दर्ज हैं।
चिंता मत कीजिए, यह ब्राह्मण है, दलित नहीं।
🔹 "मेरी जाति पूछी गई।"
🔹 "मुझे गंदे गिलास में मिट्टी या गोबर मिला पानी पीने के लिए कहा गया।"
🔹 "मना करने पर मेरे कपड़े उतरवाए गए और मुझे लाठियों से पीटा गया।"
🔹 "मेरे साथ अन्य लोगों को भी पीटा गया और जेल भेजा गया।"
🔹 "निर्दोष लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए।"
🔹 अंत में उन्होंने लिखा—"मैं अपने इस अपमान से बेहद दुखी और व्यथित हूँ... अब मैं जीना नहीं चाहता।"
After that he was awarded with Fake SC-ST act 🙏
Credit:@GC_Revolution@myogiadityanath@narendramodi@brajeshpathakup@BJP4UP@UPGovt@myogioffice@LakhanmeenaIND@VoiceOfBrahmins@MissionAmbedkar@Kanchanyadav000
After all, what is called freedom? Has it become a crime to be born in the upper caste society?
There is little hope, let's see what the judiciary responds to.
झूठी शिकायत, झूठी जांच, झूठी गवाही, झूठी वसीयत, झूठी विरासत और तारीख पर तारीख के कारण प्रतिवर्ष 02 लाख अकाल मौत होती है।
घटिया कानून कब बदलेगा?
@PMOIndia@narendramodi
I understand that not everyone can do this, but never delete yourself if someone puts a fake SC-ST act on you.
If I have to die, I will make sure no one is living from the other side.
You gotta honour your ancestors and bash on regardless.
"Govt jobs are only 2%. Why bother about reservation?"
This is why we should bother👇
A SP highly brainwashed on atrocity literature entered the system & harassed a brahmin govt teacher, filing fake case.
The teacher had to take his own life to prove his innocence!
It's high time a psychology test is performed for all ppl entering the govt system, to ensure such hate doesn't enter with them.
हम उस सदी में जी रहे हैं जहाँ SC/ST एक्ट में अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए जान देनी पड़ती है….? रिटायर टीचर राजाराम गोस्वामी ने सुसाइड लेटर लिखकर दी जान
सुसाइड नोट में लिखा:- साल 2002 में राजाराम गोस्वामी के खिलाफ झूठा SC/ST एक्ट का केस दर्ज हुआ था।तत्कालीन SP एंटोनी देवकुमार ने खुद थाने में बैठकर SC/ST का झूठा मुकदमा दर्ज कराया था। उन्हें थाने में प्रताड़ित किया, कपड़े उतारकर मारे, पानी में गोबर डालकर पिलाया
24 साल से केस लड़ रहे राजाराम हार गए। इस मामले पर मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह चुप्पी क्यों है? मामला UP के ललितपुर का