आज के युग की नई चौपाई
PDA से नफ़रत करते हैं भाजपाई
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने दलित बेटी के पास पूड़ी क्या खा ली, मुख्यमंत्री बिष्ट ने उसके पिता का डिमोशन कर दिया, शर्मनाक।
इस बार जानता इन्हें अपने वोट से जवाब देगी।
भाजपा संरक्षित अपराधियों की शिकार हो रहीं देव भूमि उत्तराखंड की बेटियां !
चम्पावत में 16 वर्षीय बेटी से गैंगरेप और ऋषिकेश में अंकिता भंडारी की हत्या जैसी घटनाएं भाजपा सरकार के दिखावी भाषणों एवं महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोलती हैं।
देश का कोई प्रदेश हो, चाहे उत्तराखंड या यूपी या अन्य, जहाँ जहाँ भाजपाई सत्ता है वहाँ वहाँ बहन बेटियां असुरक्षित हैं और अपराधियों को संरक्षण है।
चम्पावत की घटना पूरे देश में बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और महिला विरोधी विचारधारा की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के विधानसभा क्षेत्र में 16 वर्षीय बेटी के साथ बलात्कार जैसे गंभीर मामले में पीड़िता और उसके परिवार पर 50 लाख रुपये लेकर FIR वापस लेने का दबाव बनाया जाना बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
विनोद सिंह रावत, प्रवीन सिंह और भाजपा नेता पुरन सिंह रावत को तत्काल गिरफ्तार कर सख्त से सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। सत्ता और रसूख के दम पर अपराधियों को बचाने की हर कोशिश बंद हो। यह पूरा मामला भाजपा के मुखौटे और सत्ता संरक्षित वर्चस्ववादी सोच का भयावह चेहरा दिखाता है, जहाँ शासन-प्रशासन भी दरिंदों के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है।
हमारी मांग है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी से कि दोषियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई हो, पीड़िता को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए, और जिन सरकारी अधिकारियों ने इस मामले को झूठा बताने जैसी पोस्ट की है, उन्हें तुरंत निलंबित किया जाए।
देवभूमि की बेटियाँ जवाब मांग रही हैं।
मैनपुरी के खरगजीत नगर स्थित ऋषि आश्रम में पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित मंदिर परिसर में भारी गेट गिरने से 5 वर्षीय मासूम शनि पाल की दर्दनाक मृत्यु अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है।
पर्यटन विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार ने एक मासूम की जान ले ली। जनता में भारी आक्रोश है, शासन के दबाव में मुकदमा दर्ज न होना और भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई हो तथा पीड़ित परिवार को न्याय और समुचित सहायता प्रदान की जाए।
NEET पेपर लीक ने 22 लाख छात्रों की मेहनत और माता-पिता की उम्मीदों को दांव पर लगा दिया।
लखीमपुर खीरी से NEET अभ्यर्थी रितिक मिश्रा व देश में अन्य बच्चे, जो सरकारी मेडिकल सीट पाने की उम्मीद कर रहे थे, परीक्षा लीक होने के बाद आत्महत्या कर ली। यह सिर्फ छात्रों की मौत नहीं, बल्कि भाजपा सरकार में व्यवस्था की संवेदनहीनता का परिणाम है।
CBSE 12वीं में OSM सिस्टम की गड़बड़ी ने हजारों बच्चों को उम्मीद से बेहद कम अंक दे दिए, अब छात्र कॉलेज प्रवेश की पात्रता तक खो बैठे हैं।
लाखों 9वीं के छात्रों पर नई भाषा थोप दी गई है - न शिक्षक तैयार, न किताबें उपलब्ध, न स्कूलों में स्पष्ट व्यवस्था।
हर बार छात्र परेशान, माता-पिता चिंतित, और देश के शिक्षा मंत्री सिर्फ मौन हैं।
भाजपा सरकार में शिक्षा मंत्रालय अब सुधार का नहीं, अव्यवस्था, तनाव और विफलताओं का मंत्रालय बन चुका है।
जब बच्चों का भविष्य दांव पर हो, तब चुप्पी भी अपराध बन जाती है।
चुनाव आयोग यह बताए कि वोटर लिस्ट में हजारों फर्जी नाम जोड़ने की ये त्रुटि आखिर किसके फायदे के लिए की गई?
जब एक ही व्यक्ति के नाम पर कई वोट बन रहे हों, मृतकों और बाहरी लोगों के नाम सूची में शामिल बताए जा रहे हों, तब यह सिर्फ तकनीकी गलती नहीं लगती - यह लोकतंत्र की निष्पक्षता, संविधान और जनता के वोट के अधिकार पर गंभीर सवाल है।
भाजपा सरकार में चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता लगातार कमजोर हो रही है। जनता जानना चाहती है कि इस गड़बड़ी से किस राजनीतिक दल को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी।
संविधान की आत्मा निष्पक्ष चुनाव है, लेकिन चुनाव आयोग से निष्पक्षता की क्या उम्मीद रखें
आज मैनपुरी के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में प्रतिभाग कर विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर योजना का लाभ पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, विद्युत, आवास, सामाजिक सुरक्षा एवं ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
मैनपुरी के कौवाटोला कुरावली क्षेत्र की एक बेटी प्रार्थिनी ने अपने पिता वारिस अली की हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए नामजद तहरीर दी है।
जमीन विवाद, दबंगई और धमकियों के बाद उनके पिता की निर्मम हत्या कर दी गई।
यह कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। प्रशासन तत्काल निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए।
बिजली के नये प्लांट लगाना तो आपके बस में था नहीं, न ही आपकी तंग सोच में। मुँह से ये कह ही देते ‘3x660 SUPERCRITICAL THERMAL POWER PLANT’ तो गर्मी में झुलसते प्रदेशवासियों को सुनकर ही थोड़ी राहत मिल जाती।
भाजपा के कुराज में उप्र में बिजली की सिर्फ़ ‘माँग’ बढ़ रही है या ‘दाम’ बढ़ रहे हैं, सप्लाई-आपूर्ति नहीं।
भाजपा राज, यूपी ख़स्ताहाल!
#स्मार्टसिटी_लखनऊ_राजधानी_उप्र