जब तक आप DDMA को मजबूत नहीं क���ेंगे हम इन आपदाओं में कमी नहीं ला सकते DDMA मैं जो आपदा मित्र ट्रेन वालंटियर है उन लोगों को ग्राउंड पर उतरना होगा इस काम के लिए जिन्हें अपने एरिया में ��ोने वाली आपदाओं के बारे में पता होता है इन लोगों की मदद लेनी चाहिए इन्हें यह भी पता है
#WATCH | Delhi Minister Ashish Sood says, "...Delhi Govt will invoke DDMA Act to enforce 2-year-jail on landlords and owners of commercial establishments on violations of orders, action against officers for complicity..."
@praveenskapoor@BJP4Delhi सिर्फ प्रेस विज्ञापन निकलने से कुछ नहीं होता जब तक ग्राउंड लेवल पर शक्ति से लागू नहीं किया जाएगा सुधार की संभावना कम है जब कोई हादसा होता है जब यह प्लान बन जाता है 2022 में मुंडका में इतना बड़ा हादसा हुआ उसके बाद सिर्फ करवाई ही फाइलों में रह गई ग्राउंड पर कुछ सुधार नहीं ह���आ
.@BJP4Delhi की दिल्ली सरकार का भ्रष्टाचार के विरुद्ध Zero Tolerance का रूख साफ हुआ
दिल्ली में DDMA 2005 के प्रावधान लागू हुए
अब किसी भी अधिकारी एवं मकान मालिक की अंधिकृत गतिविधियों में सांठगाठ पाई जाती है तो दोनों पर मुकदमा, गिरफ्तारी होगी और 2 साल तक की सज़ा हो सकेगी।
धन्यवाद CM श्रीमती @gupta_rekha जी,
गृह मंत्री दिल्ली श्री @ashishsood_bjp जी
एवं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री @hdmalhotra जी।
@PTI_News@ians_india@ANI@AlokKNMishra@Abhinavrt@appriseParas
@LtGovDelhi@ashishsood_bjp इसमें आपदा मित्र एम भूमिका निभा सकते हैं वह अपने एरिया में किसी भी आपदा के दौरान सबसे पहले पहुंचने वाले वालंटियर होते हैं इन्हें और एडवांस ट्रेनिंग देकर ग्राम लेवल पर उतरना होगा और डिजास्टर मैनेजमेंट की QRT दोबारा शुरू करना होगा इसमें ट्रेन वालंटियर लगते होंगे
जब तक हम ग्राउंड लेवल पर डिजास्टर मैनेजमेंट को मजबूत नहीं करेंगे और 2005 का जो डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान था और 2025 मैं जो संशोधन किया गया है उसके हिसाब से हमें डिजास्टर मैनेजमेंट के नंबर को पब्लिक के बीच में फैलाना होता और लोगों को आपदाओं से बचने की ट्रेनिंग देनी होगी ग्राउंड ले
Chaired an emergency high-level review meeting today along with Minister of Home, GNCTD, Shri @ashishsood_bjp, following the tragic fire incident in Malviya Nagar. A comprehensive multi-departmental action plan for strengthening fire safety across Delhi has been formulated under the aegis of the Home Department, GNCTD.
Beginning tomorrow, a high-intensity month-long enforcement and prevention drive will be launched under the joint leadership of DMs, DCPs, and DCs (MCD) to conduct rigorous fire compliance inspections, audits, and sealing of identified non-compliant establishments, including hotels, guesthouses, nursing homes, coaching centres, and other vulnerable premises.
The campaign will be jointly monitored by the Chief Secretary and the Commissioner of Police to ensure zero laxity and strict accountability at every level.
A magisterial inquiry has also been ordered to thoroughly investigate the incident and ascertain responsibility.
@ZeeDNHNews@gupta_rekha यह हाल दिल्ली के सभी सरकारी दफ्तरों के अंदर है आप वहां के वॉशरूम वगैरा जाकर देख कितने गंदे हैं आपको जब पता लगेगा एक ही जगह से नहीं सभी जगह यही हाल है
Jai hind sir 3 years back Delhi's people got trainning of aapda mitar at guru govind singh indraprasth university sector 16 c on 16 may 2023 to 31 may 2023 and tomorrow we will be complete 3 years please do something for us we are waiting @PMOIndia@PIBHomeAffairs@ndmaindia
जब तक हम पब्लिक के बीच में डिजास्टर मैनेजमेंट के नंबर को पब्लिक नहीं करेंगे और डिजास्टर मैनेजमेंट को मजबूत नहीं करेंगे हमें ऐसा ही सामना करना पड़त�� रहेगा डिजास्टर मैनेजमेंट की अपनी टीम है आपदा मित्र की इन्हें ग्राउंड लेवल पर उतरना होगा
ग्राउंड लेवल पर इस पर कितना अमल हो रहा है किसी ने देखा है क्या जो 100 वालंटियर हीटवेयर एक्शन प्��ान के लिए लगाए गए थे यह लोग सिर्फ ऑफिस में काम कर रहे हैं कितने इन्होंने जागरूकता कार्यक्रम किया कितनी पब्लिक को हीटवेव से बचने के लिए जागरूक किया पब्लिक को कोई सुविधा नहीं मिल रही
दिल्ली के LG तरनजीत सिंह संधू ने कल शाम राष्ट्रीय राजधानी में चल रही लू को देखते हुए चलाए जा रहे राहत कार्यों और बचाव के उपायों की समीक्षा की। इस मामले से जुड़े अन्य अधिकारियों के अलावा, डिविज़नल कमिश्नर भी इस बैठक में मौजूद थे।
LG को बताया गया कि GNCTD के राजस्व विभाग ने 08 ज़िलों में अलग-अलग जगहों पर कई खास 'कूलिंग ज़ोन' बनाए हैं। 06.05.2026 से 'मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट' (MHRU) तैनात की गई हैं, और ये गाड़ियां सभी 13 ज़िलों में नागरिकों को राहत और ज़रूरी मदद पहुंचाने के लिए लगातार घूम रही हैं।