चीन-पाकिस्तान से लड़े तीन युद्ध, अब अपनी ज़मीन बचाने के लिए लड़ रहे हैं 92 वर्ष के कैप्टन चुन्नी लाल ठाकुर
हिमाचल के पोंग डैम विस्थापित कैप्टन चुन्नी लाल को जैसलमेर में मिली थी 25 बीघा ज़मीन, जालसाज़ों ने बेची, प्रशासन ने भी कर दी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री
92 साल की उम्र में कैसे सरकारी दफ्तरों के धक्के खा रहे हैं कैप्टन चुन्नी लाल ठाकुर? बता रहे हैं @jayeshmatiyal
विकास की गाड़ी पर सवार उत्तर प्रदेश को आज एक और एक्सप्रेस-वे मिल गया।
आज कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन हो गया।
4200 करोड़ रुपये से तैयार इस एक्सप्रेसवे पर चार बड़े पुल, 25 छोटे पुल, चार फ्लाईओवर, 11 पैदल अंडरपास और हल्के वाहनों के लिए 13 अंडरपास बनाए गए हैं।
एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के बाद कानपुर-लखनऊ की दूरी पहले के मुकाबले अब महज 35-45 मिनट की ही रह जाएगी।
कोई तो कांग्रेसी है जिसने सच को स्वीकार किया
Tehseen Poonawalla ने माना की सुधांशु त्रिवेदी
जब डिबेट में आते है, तब वो स्टूडियो में नहीं जाते
अरे भई वो चलता फिरता विकिपीडिया है
उनके आगे Chat GPT, Gemini सब फेल है 😂
ताहिर हुसैन ने ईस्ट दिल्ली में दंगे करवाए थे और उसके लिए कोर्ट ने उसे गुनाहगार पाया। आज एक बात बहुत स्पष्ट हुई कि ताहिर हुसैन ने अपने पास वेपन भी रखे थे, मॉब को इंस्टीगेट भी किया था और IB ऑफिसर अंकित का कत्लेआम भी करवाया।
AAP ने हिंदू-मुसलमान के अंदर डिवीज़न डालने और दिल्ली को दंगों में धकेल कर बेकसूर लोगों को मरवाने का काम किया। यह भी स्पष्ट हो गया है कि ताहिर हुसैन AAP के कहने पर ये सब कर रहा था और इसके ज़िम्मेदार अगर कोई है, तो केजरीवाल जी और मनीष सिसोदिया जी है।
@blsanthosh
आज सब "राम भक्त" बन रहे हैं!
पर इन "राम भक्तों" का दस - बीस - तीस सालों का इतिहास की बात भूल भी जाएं तो क्या आपको मालूम है कि इन नए नए "राम भक्तों" ने साल 2025 में कर्नाटक में राम नगर जिले का नाम बदल कर साउथ बेंगलुरु कर दिया है ! #DoTook
हमने आधिकारिक तौर पर 10,000 बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित किया है। अनौपचारिक तौर पर कितने लोग खुद ही चले गए, इसका कोई आंकड़ा नहीं है।”
— पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी
BIG BREAKING 🚨
अमेरिका में ईरान में IRGC
हेडक्वार्टर को पूरी तरह तबाह कर दिया है
ज्ञात हो कि यहीं से ईरानी
एयरफोर्स के हमलों को कण्ट्रोल किया जाता है
हमला इतना भयानक था कि आसपास कई किलोमीटर तक सिर्फ मलबा ही मलबा बचा है..
क्या ईरान.. खत्म होने की कगार पे है ?
INS विक्रांत: हिंद महासागर में भारत की ताकत का दमदार संदेश! 🇮🇳
INS विक्रांत सिर्फ एक युद्धपोत नहीं, बल्कि भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता और मजबूत नौसैनिक शक्ति का प्रतीक है.
फाइटर जेट्स और हेलिकॉप्टर्स से लैस यह एयरक्राफ्ट कैरियर दुनिया को साफ संदेश देता है — भारत अपनी समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। 🚢🛫
राहुल गांधी जी 2019 में अपनी पारंपरिक खानदानी सीट से ‘ज़मीन’ गँवाने के बाद वायनाड की ‘ज़मीन’ से लोकसभा पहुंचे थे। बाद में उन्होंने यह सीट प्रियंका गांधी जी को देते हुए कहा था कि वायनाड को “दो-दो सांसद” मिलेंगे। लेकिन आज जब वायनाड भारी वर्षा और ज़मीन खिसकने जैसी दुखद त्रासदी से जूझ रहा है, तब गांधी परिवार के दोनों ही सांसद ‘ज़मीन’पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।
वायनाड और केरलम की जनता जानना चाहती है कि इस संकट की घड़ी में उनके सांसद कहाँ हैं। यह भी नहीं पता कि वे दुनिया के किस कोने में हैं।
जिन्होंने वायनाड से राजनीतिक आधार पाया, वही आज उसके सबसे कठिन समय में ज़मीन पर नज़र नहीं आ रहे हैं। यह वायनाड और केरलम की जनता के साथ एक दुखद मज़ाक जैसा प्रतीत होता है, जिसके लिए गांधी परिवार को वायनाड और केरलम की जनता से माफ़ी माँगनी चाहिए।
*कोर्ट नहीं कोठा है*
*आफताब ने हिन्दू लड़की के*
*22 टुकड़े कर दिए*
*और कोर्ट सजा देने के बजाय*
*जिहादी के करियर की चिंता कर रहा है*
*इन जजो की बहन बेटी पत्नी भी*
*ऐसे ही*
*Love जिहाद का शिकार होती*
*तो क्या*
*तब भी यही फैसला होता*
लॉर्ड्स फतह... इतिहास रच दिया !!!
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को 270 रन से हराकर लॉर्ड्स में अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज की। यह केवल जीत नहीं, भारतीय नारी शक्ति के अदम्य साहस और संकल्प का स्वर्णिम अध्याय है।
गर्व है हमारी बेटियों पर
#TeamIndia#WomensCricket#Lords
जब नींव ही खराब हो तो इमारत कैसे मजबूत हो सकती है।
आजाद भारत का पहला ही प्रधानमंत्री ही बहुत कमजोर निकला जिसका भुगतान आज भी देश कर रहा है।
नेहरू की कमजोरी के कारण कश्मीर का 2/5 हिस्सा पाकिस्तान ले गया। बाकी कोर कसर चीन ने पूरा कर दिया।
वीडियो में भारत और चीन के बीच अक्साई चिन (Aksai Chin) क्षेत्र को लेकर हुए ऐतिहासिक घटनाक्रम और 1962 के युद्ध के कारणों पर चर्चा की गई है।
चीन ने गुपचुप तरीके से अक्साई चिन से होकर गुजरने वाले G219 हाईवे का निर्माण किया, जो तिब्बत को शिनजियांग से जोड़ता है। यह 1080 किलोमीटर लंबा हाईवे 1957 तक बनकर तैयार हो चुका था।
भारत को इस हाईवे के बारे में किसी खुफिया ऑपरेशन से नहीं, बल्कि एक चीनी मैगज़ीन (पत्रिका) को पढ़ने के बाद पता चला था।
* 1952 में इंटेलिजेंस ब्यूरो के चीफ ने प्रधानमंत्री नेहरू को बताया था कि चीन हमारी ज़मीन पर सड़क बना रहा है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
1954 में नेहरू ने चीन के साथ 'पंचशील समझौते' पर हस्ताक्षर किए, जिसे 'शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व' का नाम दिया गया। आरोप है कि इसके तहत तिब्बत में भारत के अधिकारों को छोड़ दिया गया।
1955 में बीजिंग में भारत के मिलिट्री अटैची ने दोबारा इस सड़क की पुष्टि की, पर फिर भी कोई एक्शन नहीं लिया गया।
भारत के तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल थिमैया ने इसे आने वाली बड़ी मुसीबत बताया था, लेकिन उनकी चेतावनी को भी खारिज कर दिया गया।
जब चीन धीरे-धीरे भारतीय क्षेत्र पर कब्ज़ा कर रहा था, तब भारत में "हिंदी-चीनी भाई-भाई" का नारा गूंज रहा था।
यह भारतीय इतिहास का सबसे महंगा नारा था।
20 अक्टूबर 1962 को चीन ने अचानक भारत पर पूर्व और पश्चिम दोनों मोर्चों से हमला कर दिया। भारतीय सेना इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं थी—सैनिकों के पास न तो सर्दियों के कपड़े थे, न सही गोला-बारूद और न ही सुरक्षित चौकियां। महज 33 दिनों में चीन ने अक्साई चिन के 14,500 वर्ग मील इलाके पर कब्ज़ा कर लिया और लगभग 3,000 भारतीय सैनिक शहीद हो गए।
1950 से 1962 के बीच लिए गए नेहरू का फैसलों के कारण भारत को एक बड़ी रणनीतिक कमजोरी का सामना करना पड़ा।
आज भी गलवान (2020), डेपसांग, पैंगोंग त्सो और दौलत बेग ओल्डी में जो सैन्य गतिरोध (Standoff) होते हैं, उनकी जड़ें इसी ऐतिहासिक घटनाक्रम से जुड़ी हैं।