कल मैंने 11.45 बजे सिलेंडर बुक किया. कमाल की बात है कि 1.30 बजे एक एंकर कंधे पर दो सिलेंडर रखकर मेरे घर पहुंच गया.
मेरे बिना पूछे ही एंकर ने बताया- सीधे Strait of Hormuz से नाव चलाकर आ रहा हूं. वहां भारत के एंकरों को विशेष छूट मिली है.
• ईरान वाले कोड बोलते हैं: Godi-Godi
• भारत के एंकर जवाब देते हैं: Yes Papa
कोड का मिलान होते ही ईरान वाले एंकरों को रसगुल्ला खिला रहे हैं और पूरी सुरक्षा के साथ गुजरात के पोर्ट तक छोड़ रहे हैं.
ऐसी विशेष सुविधा की वजह से देश में भर-भरकर LPG सिलेंडर हो गए हैं. इसलिए एक पर एक सिलेंडर फ्री दिया जा रहा है.
डिलीवरी वाले कम पड़ रहे थे, इसलिए हमने घर-घर सिलेंडर पहुंचाने की जिम्मेदारी उठा ली है.
हम सिलेंडर भी पहुंचा दे रहे हैं और सरकार का प्रचार भी कर दे रहे हैं. सरकार हमें इसका एक्स्ट्रा चार्ज दे रही है.
इतनी कहानी बताकर एंकर फिर से Strait of Hormuz की तरफ भाग गया और मुझे मेरा LPG सिलेंडर मिल गया.
विश्व युद्ध होने की संभावना है लेकिन पता कर लीजिए मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा कौन है
6 अगस्त 1945 – हिरोशिमा
9 अगस्त 1945 – नागासाकी
दो बम… दो शहर… लाखों लाशें।
बच्चे जलते रहे
माँएं चीखती रहीं
अमेरिका बोला – ज़रूरी था।
•• लेकिन जापान पहले ही झुक चुका था
•• तो बम क्यों गिराया गया?
ताकि पूरी दुनिया देखे — कौन मालिक है।
🔥 वियतनाम (1955–1975)
नेपाम बम गिरा
बच्चों की खाल तक पिघली
तीन मिलियन से ज़्यादा मौतें
•• वजह – "कम्युनिज़्म से डर"
डर के नाम पर तबाही —
अमेरिकन नीति यही रही।
🔥 ईरान (1953)
चुनी हुई सरकार — हटवा दी
तेल के सौदों में दिक्कत थी
•• इसलिए शाह को गद्दी दी
•• और जनता को गोलियां मिलीं
नाम था 'गवर्नेंस'
असल में था ‘तेल व्यापार’
🔥 अफगानिस्तान (2001–2021)
20 साल की चढ़ाई
लाखों मरे
देश मरा
फिर एक दिन…
•• अमेरिका चुपचाप निकल गया
"माफ कीजिए…
मिशन पूरा नहीं हुआ"
🔥 इराक (2003)
"विनाश के हथियार हैं" — झूठ बोला
युद्ध हुआ
सद्दाम को फाँसी
इराक को नर्क
•• 2020 में खुद माना — कोई हथियार था ही नहीं
🔥 लीबिया (2011)
"तानाशाही हटानी है"
गद्दाफी हटाया
देश बर्बाद कर दिया
आज तक टूटा पड़ा है
•• और अमेरिका अगली दुकान पर बढ़ गया
🔥 अब 2025 – ईरान
न्यूक्लियर ठिकानों पर हमला
होर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद
तेल के जहाज़ रुके
बाज़ार हिला
•• और अमेरिका बोला – “विश्व सुरक्षा के लिए था”
अब सुनिए…
अगर निर्दोषों को मारना, डर फैलाना आतंक है —
तो फिर
हिरोशिमा क्या था?
वियतनाम क्या था?
इराक, ईरान क्या हैं?
बस फर्क इतना है –
एक आदमी मारे – आतंकवादी
एक देश मारे – सुपरपावर
"क्या अमेरिका मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन नहीं है?" तय आप कीजिए…
#घोरकलजुग
#Iran
#WorldWar3
मैं दूर संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी से पूछना चाहती हूँ कि......
सिम मेरा, मोबाइल मेरा, नंबर भी मेरा…!
फिर ये कहां का इंसाफ है कि इनकमिंग कॉल पर भी ताला लगा दिया जाए?
बैलेंस खत्म हुआ तो आउटगोइंग बंद हो जाए, ये तो समझ में आता है, क्योंकि एक सेवा मैने ले रखी है।
लेकिन इनकमिंग कॉल भी बंद कर देना, क्या ये सही है?
कॉल तो सामने वाला कर रहा है, उसका पैसा कट रहा है…!!
फिर मेरे नंबर पर “ताला” क्यों❓
क्या अब मोबाइल रखना भी “मासिक टैक्स” देने जैसा हो गया है?
रिचार्ज करो तो नंबर जिंदा, नहीं तो पूरी तरह बंद!
गांव के मजदूर, छोटे दुकानदार और छात्र....
जिनके लिए मोबाइल सिर्फ जरूरत है, शौक नहीं, उनके लिए यह नियम किसी सजा से कम नहीं है।
पहले कहा जाता था, “लाइफटाइम इनकमिंग फ्री”
अब हाल ये है कि रिचार्ज नहीं तो पहचान भी खत्म!
सोचिए…
अगर किसी गरीब के पास पैसे नहीं हैं,
तो क्या उसका नंबर बंद कर देना ही समाधान है?
क्या उससे उसका संपर्क छीन लेना सही है?
मोबाइल आज सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि जरूरी पहचान और जिंदगी की लाइन बन चुका है।
बैंक से लेकर नौकरी तक, सब कुछ इसी नंबर से जुड़ा है।
फिर भी अगर इनकमिंग कॉल पर भी ताला लगाया जा रहा है,
तो सवाल उठना लाज़मी है…!
क्या यह सिर्फ बिजनेस है…❓
या फिर धीरे-धीरे लोगों को मजबूर करके
हर महीने पैसे निकलवाने का तरीका?
सोचिए… और बताइए!
क्या आप भी इसे सही मानते हैं❓
या यह आम आदमी की मजबूरी का फायदा उठाना है?
अगर आप सहमत हैं तो खुलकर आवाज उठाइए, वरना तो जैसा चल रहा है चल ही रहा है।
@JM_Scindia@DoPTGoI@narendramodi@AmitShah
एक दीपक से बजरंग दल निपट ही नहीं पा रहा था ये तो पूरा संगठन बना लिए हैं।
More power to you guys ऐसे लोगों की वहां सबसे ज्यादा जरूरत है।
उत्तराखंड इन दिनों कट्टर हिंदुत्व का नया गढ़ बन गया है इसलिए जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
आत्ममुग्धता और रंजिश से बचना बस।
करीम ख़ाँ पठान अफ़ग़ानिस्तान से साल 1936 में मुंबई पहुंचा था. उसने शुरू में मुंबई के बंदरगाह में कुली के तौर पर काम किया.
मगर 1940 के दशक के अंतिम सालों की बात है, एक ऐसी घटना हुई, जिसके बाद करीम ख़ाँ पठान करीम लाला बन गया.
विवेचना में रेहान फ़ज़ल (@rehanfazalbbc ) सुना रहे हैं करीम लाला की कहानी.
वीडियो एडिटिंगः सदफ़ ख़ान (@SadafKhan_SK )
महत्वपूर्ण जानकारी
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यह केवल दो पन्नों का महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है। सभी वाहन चालकों से अनुरोध है कि इनकी कॉपी निकालकर अपने गाड़ी में सुरक्षित अवश्य रखें।
इन पन्नों में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि यदि वाहन पर फास्टैग नहीं लगा है या किसी कारणवश फास्टैग से भुगतान सफल नहीं हो पाता, तो चालक से टोल शुल्क का दुगना नगद भुगतान लिया जा सकता है। लेकिन यदि भुगतान यूपीआई के माध्यम से किया जाए, तो नियमानुसार केवल टोल राशि का 1.25 गुना ही देय होगा।
अक्सर देखा गया है कि टोलकर्मी फास्टैग न होने पर यूपीआई से भुगतान स्वीकार नहीं करते, या यूपीआई से भी दुगनी राशि लेकर नगद की रसीद दे देते हैं। यही स्थिति विवाद और झगड़े का मुख्य कारण बनती है।
इसलिए अपने अधिकारों की जानकारी रखें और आवश्यकता पड़ने पर इन दस्तावेज़ों का सहारा लें।
~ साभार: @NCIBHQ
Salute to this man for exposing WhatsApp University wala India. 🫡
If BJP leaders hear this hard truth, their ears might start bleeding.
Hello Modi ji
-Holding a broom once a year,
-doing yoga once a year,
-Taking a dip in a polluted river
will not make this nation great.🤦
मिलिए प्रज्ञा सिंह ठाकुर जी से।
भोपाल से 17वीं लोकसभा की पूर्व सांसद।
कागज़ों में सब कुछ परफेक्ट दिखता है:
220 में से 220 भुगतान = “Success.”
वाह, 100% परफॉर्मेंस!
लेकिन जरा अंदर झांकिए…
दो वेंडरों ने लगभग सारा काम ले लिया 🙉
• MP State Agro Industries Dev. Ltd – 113 काम
• MP Agro Sehore – 59 काम
मतलब 220 में से 172 काम सिर्फ दो एजेंसियों को।
तो ये विकास था या पसंदीदा ठेकेदार योजना?
कंपटीशन कहां गया?
काम किसने वेरिफाई किया?
और जनता को दिखाने के लिए सबूत कहां हैं?
लगता है पैसे तो सक्सेसफुल थे…
लेकिन पारदर्शिता अब भी फेल है।
पेट्रोल डीजल पर अब खुली लूट चल रही है-
विस्तार से,
अगस्त 2022 में पेट्रोल लगभग 96 रुपए प्रति लीटर के आस पास पहुंच गया।
तब अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 94 डॉलर/बैरल थी।
अंतरराष्ट्रीय मार्केट में लगातार उतार चढ़ाव के बाद भारत सरकार ने फैसला किया कि वह पेट्रोल डीजल के दामों में रोजाना बदलाव करेगी जिससे कि ग्राहकों को तुरंत फायदा मिल सके।
अगस्त 2022 के बाद से आज तक लगभग सभी राज्यों में पेट्रोल डीजल के दाम बराबर हैं या आसपास हैं।
जबकि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमत 64 डॉलर प्रति बैरल हो चुकी हैं।
क्रूड ऑयल सस्ता होने के बाद भी जनता को तेल कंपनिया और सरकार चूना लगा रही है,
ये सरासर लूट है,
और सबसे बड़ी बात ,
रूस का यूरल क्रूड 38 डॉलर प्रति बैरल है,
96$/बैरल से सीधा 38$/बैरल हो गया है,
इतना सस्ता तेल मिल रहा है, फिर भी जनता का खून चूसा जा रहा है।
जिस तरह से तेल कंपनियों को मुनाफा पहुंचाया जा रहा है,
इसको डकैती कहते हैं।
मुझे क्या मुझे तो 5 किलो राशन मिल ही रहा है
खैर 20% इथेनॉल मिक्स को मै इग्नोर कर रहा हूं।
@PetroleumMin
लाल पीला झंडा लेकर दूसरों के धर्म स्थलों के सामने नाचना देशभक्ति नहीं कहलाती और बिना सोचे शाहरुख खान को देशद्रोही कहना गलत है।
शाहरुख़ ख़ान ने 'Meer Foundation' की स्थापना की है, जो एसिड अटैक पीड़िताओं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करता है। यह संस्था मेडिकल सहायता, कानूनी सलाह, पुनर्वास और आजीविका के अवसर प्रदान करती है।
और भी बहुत से काम हैं इनके सर्च करना कभी। #ShahRukhKhan
SRK ♥️
Hello @narendramodi, Extremist groups are now openly threatening and terrorising Muslims and Christians.
After threatening and assaulting Christian Pastor, Annu Choudhary and several other other individuals associated with the Hindu Raksha Dal issued now openly threatening Muslims and are distributing Weapons to people in Ghaziabad.
Hate crimes and hate speeches against Muslim are now normalised in India. News Channels will never report on such incidents. News Anchors never talk about such Organisations terrorising Muslims and Christian.